महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में दी गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी; पुलिस जांच में जुटी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को उत्तर प्रदेश से एक अज्ञात पत्र मिला है, जिसमें उन्हें जान से मारने और कन्हैयालाल जैसा हश्र करने की सीधी धमकी दी गई है। पत्र में अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लिखा गया है कि ‘अब पानी सिर से ऊपर हो चुका है, तुम्हें कोई नहीं बचा पाएगा।’

महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पत्र में दी गंभीर अंजाम भुगतने की चेतावनी; पुलिस जांच में जुटी

महामंडलेश्वर सुमनानंद गिरि को फिर मिली जान से मारने की धमकी, पुलिस जांच में जुटी

उज्जैन के मंगलनाथ रोड स्थित गंगाघाट श्री मौन तीर्थ पीठ के पीठाधीश्वर एवं निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज को एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिलने का मामला सामने आया है। धमकी एक पत्र के माध्यम से दी गई है, जिसमें उनके साथ उदयपुर के कन्हैया लाल टेलर और दिल्ली में हाल ही में हुई हत्या जैसी घटना दोहराने की चेतावनी दी गई है। पत्र मिलने के बाद आश्रम और संत समाज में चिंता का माहौल है, वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, यह धमकी भरा पत्र सोमवार को गंगाघाट स्थित श्री मौन तीर्थ पीठ पर पहुंचा था। मंगलवार को जब पत्र खोला गया तो उसमें हाथ से लिखा एक संदेश मिला, जिसमें महामंडलेश्वर के खिलाफ आपत्तिजनक और धमकीपूर्ण भाषा का इस्तेमाल किया गया था। पत्र उत्तर प्रदेश के महू शहर से भेजा गया बताया जा रहा है। पत्र में धार्मिक भावनाओं का हवाला देते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है और यह भी लिखा गया है कि उन्हें कोई नहीं बचा सकेगा।

पत्र मिलने के बाद महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि महाराज ने तत्काल इसकी सूचना उज्जैन पुलिस अधीक्षक को दी और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों के कारण उन्हें लगातार इस प्रकार की धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी उन पर उज्जैन और बड़ौदा में हमले हो चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें स्थायी सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई गई है।

महामंडलेश्वर ने कहा कि संत समाज और धार्मिक संस्थाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। लगातार मिल रही धमकियों के बावजूद वे अपने धार्मिक और सामाजिक कार्यों को जारी रखेंगे। उन्होंने प्रशासन से दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

यह पहला अवसर नहीं है जब डॉ. सुमनानंद गिरि को धमकी मिली हो। इससे पहले वर्ष 2023 और 2025 में भी उन्हें पत्रों के माध्यम से धमकियां भेजी गई थीं। वर्ष 2025 में प्रयागराज से भेजे गए एक उर्दू पत्र में भी उनके खिलाफ आपत्तिजनक बातें लिखी गई थीं और गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई थी। उस मामले में भी पुलिस ने जांच शुरू की थी। वहीं वर्ष 2023 में अखाड़ा परिषद की बैठक के दौरान एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा उर्दू में पत्र भेजकर धमकी दी गई थी।

डॉ. सुमनानंद गिरि पिछले कुछ वर्षों से धार्मिक दीक्षा, धर्म परिवर्तन और वैदिक रीति-रिवाजों से विवाह कराने जैसे मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। उनके आश्रम में कई ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें विभिन्न धर्मों से जुड़े लोगों ने सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। इसी कारण वे अक्सर सार्वजनिक और सामाजिक चर्चाओं के केंद्र में रहे हैं।

जून 2024 में मौन तीर्थ आश्रम में उज्जैन निवासी अनिकेत चौबे और मुस्लिम महिला फरहा का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कराया गया था। महिला ने अपनी इच्छा से सनातन धर्म अपनाने के बाद हिंदू परंपरा के अनुसार विवाह किया था। इस कार्यक्रम को लेकर प्रदेशभर में चर्चा हुई थी। इसके अलावा उनकी बेटी ने भी नई धार्मिक पहचान स्वीकार की थी।

इसी तरह मई 2026 में उज्जैन के गांधी नगर निवासी युवक सलमान खान ने गंगाघाट स्थित मौन तीर्थ आश्रम में धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सनातन धर्म अपनाया था। आश्रम में आयोजित विधि-विधान के अनुसार युवक को नया नाम ‘शांतनु’ दिया गया और कश्यप गोत्र प्रदान किया गया। यह कार्यक्रम भी काफी चर्चा में रहा था।

धमकी भरे पत्र की सूचना मिलने के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां सक्रिय हो गई हैं। पत्र के स्रोत, भेजने वाले व्यक्ति और उसके उद्देश्य की जांच की जा रही है। पुलिस डाक विभाग से भी जानकारी जुटा रही है ताकि पत्र भेजने वाले तक पहुंचा जा सके। प्रशासन का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल इस घटना के बाद संत समाज ने भी चिंता व्यक्त की है और धार्मिक नेताओं की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकेगी। वहीं महामंडलेश्वर डॉ. सुमनानंद गिरि ने कहा है कि वे किसी भी धमकी से डरने वाले नहीं हैं और अपने धार्मिक एवं सामाजिक कार्य पहले की तरह जारी रखेंगे।