जीतू पटवारी की बात सुन दिग्विजय सिंह ने बदली सीट, वीडियो वायरल-कांग्रेस की अंदरूनी कलह फिर आई सामने:बीजेपी बोली- कांग्रेस में बुजुर्गों का सम्मान नहीं

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद बुलाई गई कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो में जीतू पटवारी सीटिंग अरेंजमेंट करते दिखाई देते हैं, जबकि उनकी बात सुनने के बाद दिग्विजय सिंह अपनी सीट छोड़कर दूसरी कुर्सी पर बैठ जाते हैं। दिग्विजय के उठने के बाद उनकी जगह हरीश चौधरी बैठते हैं।

जीतू पटवारी की बात सुन दिग्विजय सिंह ने बदली सीट, वीडियो वायरल-कांग्रेस की अंदरूनी कलह फिर आई सामने:बीजेपी बोली- कांग्रेस में बुजुर्गों का सम्मान नहीं

कांग्रेस की प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो वायरल

 सीटिंग अरेंजमेंट के दौरान हुआ घटनाक्रम

 जीतू पटवारी की टिप्पणी के बाद बदली स्थिति

 दिग्विजय सिंह ने छोड़ी अपनी सीट

 रोकने की कोशिश करते दिखे जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari मंच पर नेताओं के बैठने की व्यवस्था करते नजर आते हैं, जबकि उनकी बात सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh अपनी सीट छोड़कर दूसरी कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं। इस घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुआ घटनाक्रम

जानकारी के अनुसार यह प्रेस कॉन्फ्रेंस कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मुद्दे को लेकर आयोजित की गई थी। कार्यक्रम शुरू होने से पहले मंच पर नेताओं की बैठने की व्यवस्था की जा रही थी। वायरल वीडियो में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मंच पर मौजूद नेताओं को बैठाने और सीटों का समन्वय करते दिखाई देते हैं।

इसी दौरान वीडियो में पटवारी को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि “ऐसा कर लो तो हरीश चौधरी भी आ जाएंगे।” यह बात मंच पर बैठे नेताओं की सीटिंग व्यवस्था को लेकर कही गई बताई जा रही है। हालांकि इस टिप्पणी के बाद जो घटनाक्रम हुआ, उसने राजनीतिक चर्चाओं को नया विषय दे दिया।

दिग्विजय सिंह ने बदली अपनी सीट

वीडियो में दिखाई देता है कि जीतू पटवारी की बात सुनने के बाद दिग्विजय सिंह अपनी कुर्सी से उठ जाते हैं और मंच के एक किनारे की ओर बढ़ने लगते हैं। इस दौरान जीतू पटवारी उन्हें रोकने का प्रयास करते हुए कहते हैं, “आप इधर ही रुक जाओ सर।”

इसके बावजूद दिग्विजय सिंह अपनी पुरानी सीट पर नहीं बैठते और मंच पर दूसरी कुर्सी पर जाकर बैठ जाते हैं। यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया और बाद में इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सामान्य तौर पर यह एक सीटिंग व्यवस्था का मामला भी हो सकता है, लेकिन जिस तरह से इसे सोशल मीडिया पर प्रस्तुत किया जा रहा है, उससे कांग्रेस के भीतर नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं के बीच तालमेल को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

खाली हुई कुर्सी पर बैठे हरीश चौधरी

दिग्विजय सिंह के दूसरी सीट पर बैठने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी Harish Chaudhary मंच पर पहुंचते हैं। इसके बाद वे उसी कुर्सी पर बैठ जाते हैं, जिस पर पहले दिग्विजय सिंह बैठे हुए थे।

इस घटनाक्रम को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे सामान्य राजनीतिक शिष्टाचार का हिस्सा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कांग्रेस के भीतर चल रही खींचतान से जोड़कर देख रहे हैं।

पहले भी सामने आ चुका है दूसरा वीडियो

यह पहली बार नहीं है जब इसी कार्यक्रम का कोई वीडियो चर्चा में आया हो। इससे पहले भी इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ा एक अन्य वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।

उस वीडियो में दिग्विजय सिंह और हरीश चौधरी के बीच बातचीत के दौरान कुछ असहजता देखने को मिली थी। वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विरोधियों ने इसे कांग्रेस के भीतर बढ़ती गुटबाजी का संकेत बताया था। हालांकि कांग्रेस नेताओं की ओर से उस समय इस मामले को ज्यादा महत्व नहीं दिया गया था।

अब सीट बदलने वाले नए वीडियो के सामने आने के बाद पुराने विवाद की भी फिर से चर्चा शुरू हो गई है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे ऐसे वीडियो विपक्ष को कांग्रेस पर हमला करने का अवसर दे रहे हैं।

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना

वायरल वीडियो को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। भाजपा नेताओं का कहना है कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं किया जाता और पार्टी कई गुटों में बंटी हुई है।

भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस के भीतर नेतृत्व को लेकर स्पष्टता नहीं है और अलग-अलग समूह अपने-अपने प्रभाव क्षेत्र को मजबूत करने में लगे हुए हैं। भाजपा नेताओं ने यह भी कहा कि सार्वजनिक मंचों पर इस तरह की घटनाएं पार्टी के अंदरूनी मतभेदों को उजागर करती हैं।

हालांकि भाजपा के आरोपों पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति पर फिर चर्चा

मध्य प्रदेश कांग्रेस लंबे समय से विभिन्न गुटों के बीच संतुलन बनाने की चुनौती का सामना कर रही है। पार्टी में दिग्विजय सिंह, कमलनाथ, जीतू पटवारी और अन्य नेताओं के अलग-अलग समर्थक समूह मौजूद हैं। हालांकि सार्वजनिक रूप से सभी नेता पार्टी की एकजुटता की बात करते रहे हैं, लेकिन समय-समय पर सामने आने वाली घटनाएं राजनीतिक चर्चाओं को हवा देती रही हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि चुनावी राजनीति में इस तरह के वीडियो विरोधी दलों के लिए प्रचार का माध्यम बन जाते हैं। सोशल मीडिया के दौर में छोटी घटनाएं भी बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत की जाती हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस तेज हो गई है। कांग्रेस समर्थकों का कहना है कि यह केवल सीटिंग व्यवस्था का मामला था और इसे अनावश्यक रूप से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

वहीं विरोधी पक्ष का दावा है कि वीडियो कांग्रेस के भीतर समन्वय की कमी और नेतृत्व संघर्ष को दर्शाता है। कई यूजर्स ने इसे पार्टी की अंदरूनी राजनीति का प्रतीक बताया है।

मीनाक्षी नटराजन के नामांकन से जुड़े मुद्दे पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का यह वीडियो अब मध्य प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो में जीतू पटवारी के सीटिंग सुझाव के बाद दिग्विजय सिंह द्वारा सीट बदलने की घटना को लेकर विभिन्न राजनीतिक अर्थ निकाले जा रहे हैं। भाजपा ने इसे कांग्रेस की अंदरूनी कलह और वरिष्ठ नेताओं के प्रति सम्मान की कमी से जोड़कर हमला बोला है, जबकि कांग्रेस समर्थक इसे सामान्य मंचीय व्यवस्था का हिस्सा बता रहे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।