पुलवामा हमले से जुड़ा बड़ा नाम पाकिस्तान में ढेर! मुजफ्फराबाद में हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या, अज्ञात हमलावरों पर शक

पुलवामा आतंकी हमले में शामिल आतंकवादी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में गोली मारकर हत्या कर दी गई है।

पुलवामा हमले से जुड़ा बड़ा नाम पाकिस्तान में ढेर! मुजफ्फराबाद में हमजा बुरहान की गोली मारकर हत्या, अज्ञात हमलावरों पर शक

जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित संगठन 'अल बद्र' के प्रमुख कमांडर बुरहान हमजा के PoK में मारे जाने की सूचना है। पुलवामा का रहने वाला यह मोस्ट वांटेड आतंकी पिछले  सालों से पाकिस्तान में रह रहा था।

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) के मुजफ्फराबाद से एक बड़ी खबर सामने आई है। पुलवामा आतंकी हमले से जुड़े बताए जा रहे हमजा बुरहान की अज्ञात हमलावरों द्वारा गोली मारकर हत्या किए जाने की खबर है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमले में हमजा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा एजेंसियों की हलचल बढ़ गई है और जांच शुरू कर दी गई है। मीडिया रिपोर्टों में भी इस घटना का उल्लेख किया गया है।

सूत्रों के अनुसार, हमजा बुरहान का नाम पुलवामा आतंकी हमले की साजिश और आतंकी गतिविधियों से जोड़ा जाता रहा है। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से पाकिस्तान में रह रहा था और वहां खुद को एक शिक्षक तथा सामान्य नागरिक के रूप में पेश कर रहा था। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां उसे आतंकी नेटवर्क से जुड़ा सक्रिय सदस्य मानती थीं।

मुजफ्फराबाद में हुई फायरिंग, हमलावरों की पहचान नहीं

जानकारी के मुताबिक, यह घटना मुजफ्फराबाद इलाके में हुई जहां अचानक अज्ञात लोगों ने हमजा बुरहान पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमले के बाद आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुट गई हैं, लेकिन अब तक हमलावरों की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।

घटना के पीछे की वजह भी अभी साफ नहीं हो सकी है। स्थानीय स्तर पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।

भारत से पाकिस्तान गया, फिर आतंकी संगठन से जुड़ने का आरोप

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार अर्जुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ “डॉक्टर” जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा क्षेत्र का रहने वाला बताया जाता है। उसकी उम्र लगभग 23 वर्ष बताई गई थी और उसका नाम आतंकी संगठन अल-बद्र से जुड़ा बताया गया।

जानकारी के मुताबिक, वह कानूनी तरीके से पाकिस्तान गया था। बाद में उसके अल-बद्र संगठन में शामिल होने और धीरे-धीरे संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने के आरोप लगे। सुरक्षा एजेंसियों का दावा था कि वह पाकिस्तान से बैठकर नेटवर्क संचालन, युवाओं को प्रभावित करने और संगठन के लिए समर्थन जुटाने जैसी गतिविधियों में शामिल था।

फंडिंग और भर्ती गतिविधियों में भी नाम आया

जांच एजेंसियों के अनुसार हमजा बुरहान पर युवाओं को आतंकी संगठनों में शामिल होने के लिए प्रेरित करने और आर्थिक मदद जुटाने के आरोप भी लगे थे। रिपोर्टों में उसका नाम फंडिंग नेटवर्क और भर्ती गतिविधियों से जोड़ा गया।

बताया जाता है कि वर्ष 2020 में सीआरपीएफ जवानों पर हुए ग्रेनेड हमलों और युवाओं की भर्ती से जुड़ी गतिविधियों में भी जांच एजेंसियों ने उसका नाम सामने रखा था।

सुरक्षा एजेंसियों की नजर में था सक्रिय सदस्य

हमजा बुरहान को सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से निगरानी सूची में रखे हुए थीं। उसका नाम उन लोगों में शामिल बताया जाता था जो सीमा पार बैठकर आतंकी गतिविधियों को समर्थन देने के आरोपों के घेरे में थे।

हालांकि उसकी मौत को लेकर अभी तक पाकिस्तान की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं हमले की जांच जारी है और आगे की जानकारी आने का इंतजार किया जा रहा है।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, हमजा बुरहान को पुलवामा हमले से जुड़े प्रमुख नामों में गिना जा रहा था और उसकी मौत को सुरक्षा परिदृश्य में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।