पूरे सिस्टम से लड़कर पहुंचीं ट्रायल्स तक, सेमीफाइनल में हारकर टूटा विनेश फोगाट का सपना'—हार के बाद भावुक हुईं फोगाट

विनेश फोगाट एशियन गेम्स 2026 के ट्रायल सेमीफाइनल में मीनाक्षी गोयत से हार गईं, जिससे वह इन खेलों में हिस्सा नहीं ले पाएंगी। इस हार ने पेरिस ओलंपिक के बाद वापसी की उनकी राह को और मुश्किल बना दिया है।

पूरे सिस्टम से लड़कर पहुंचीं ट्रायल्स तक, सेमीफाइनल में हारकर टूटा विनेश फोगाट का सपना'—हार के बाद भावुक हुईं  फोगाट

पेरिस ओलंपिक के फाइनल में डिस्क्वालिफाई होने के बाद विनेश करीब दो साल बाद किसी कम्पटीशन में हिस्सा ले रही थीं. इस ट्रायल में हिस्सा लेने के लिए भी उन्हें काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ा लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद वो इस ट्रायल में सफलता हासिल नहीं कर सकीं.

नई दिल्ली। भारतीय कुश्ती की स्टार पहलवान विनेश फोगाट की एशियन गेम्स में वापसी का सपना फिलहाल टूट गया है। लंबे विवाद, कानूनी संघर्ष और करीब दो साल के अंतराल के बाद मैट पर लौटीं विनेश फोगाट एशियन गेम्स ट्रायल्स के सेमीफाइनल मुकाबले में हारकर बाहर हो गईं। 53 किलोग्राम वर्ग में हुए मुकाबले में एशियन चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता मीनाक्षी गोयात ने उन्हें 6-4 से पराजित कर फाइनल में पहुंचने का रास्ता रोक दिया।

नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में 30 मई को आयोजित एशियन गेम्स ट्रायल्स में विनेश फोगाट की वापसी को लेकर काफी उत्साह था। पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद पहली बार किसी प्रतिस्पर्धी टूर्नामेंट में उतर रही विनेश से प्रशंसकों को बड़ी उम्मीदें थीं। हालांकि शानदार शुरुआत के बावजूद वह अंतिम चरण तक नहीं पहुंच सकीं।

विनेश  अपने पहले मुकाबले में ज्योति को 7-1 के अंतर से हराकर दमदार आगाज किया। इस जीत ने यह संकेत दिया कि लंबे अंतराल के बावजूद उनकी फिटनेस और तकनीक में कोई कमी नहीं आई है। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबले में उनका सामना निशू से हुआ। यह मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जिसमें विनेश शुरुआती दौर में 0-5 से पिछड़ गई थीं। लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए मुकाबला 7-6 से अपने नाम कर लिया और सेमीफाइनल में प्रवेश किया।

सेमीफाइनल में उनका सामना अनुभवी पहलवान मीनाक्षी गोयात से हुआ। दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुकाबले के दौरान कई बार ऐसा लगा कि विनेश वापसी कर सकती हैं, लेकिन मीनाक्षी ने संयम बनाए रखा और 6-4 की जीत के साथ फाइनल में जगह बना ली। इस हार के साथ ही विनेश का एशियन गेम्स टीम में जगह बनाने का सपना टूट गया।

मैच के बाद विनेश फोगाट ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्होंने केवल विरोधी खिलाड़ियों से ही नहीं बल्कि पूरे सिस्टम से लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है और वह भविष्य में फिर मजबूत वापसी करेंगी। विनेश के इस बयान को उनके लंबे कानूनी और प्रशासनिक संघर्ष के संदर्भ में देखा जा रहा है।

दरअसल, भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) लगातार विनेश फोगाट की ट्रायल्स में एंट्री का विरोध कर रहा था। महासंघ ने दिल्ली हाई कोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें विनेश को ट्रायल्स में हिस्सा लेने की अनुमति देने के निर्देश दिए गए थे। इस मामले ने खेल जगत में काफी चर्चा बटोरी थी।

अंततः सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विनेश के लिए ट्रायल्स में हिस्सा लेने का रास्ता साफ हुआ। अदालत के फैसले के बाद वह ट्रायल्स में उतरीं और शुरुआती मुकाबलों में अपने अनुभव का शानदार प्रदर्शन भी किया। लेकिन सेमीफाइनल में हार ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

तीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकीं विनेश फोगाट पहले 57 किलोग्राम वर्ग में वापसी की तैयारी कर रही थीं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के गोंडा में आयोजित सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में भी हिस्सा लेने की योजना बनाई थी, लेकिन वहां उन्हें खेलने की अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद उन्होंने कानूनी रास्ता अपनाया और मामला अदालत तक पहुंच गया।

पिछले कुछ वर्षों में विनेश फोगाट भारतीय कुश्ती की सबसे चर्चित खिलाड़ियों में रही हैं। उन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। हालांकि हाल के वर्षों में उनका करियर विवादों, चोटों और प्रशासनिक संघर्षों से भी प्रभावित रहा है।

खेल विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही इस बार विनेश एशियन गेम्स टीम में जगह बनाने में सफल नहीं हो सकीं, लेकिन ट्रायल्स में उनका प्रदर्शन यह दिखाता है कि उनमें अभी भी उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता मौजूद है। दो साल बाद मैट पर लौटकर लगातार दो मुकाबले जीतना और सेमीफाइनल तक पहुंचना आसान उपलब्धि नहीं है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि विनेश आगे कौन-सी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती हैं और अपनी वापसी की रणनीति किस तरह तैयार करती हैं। फिलहाल एशियन गेम्स का सपना टूट गया है, लेकिन भारतीय कुश्ती की इस स्टार खिलाड़ी ने साफ कर दिया है कि उनका संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है।

विनेश फोगाट की हार ने जहां उनके समर्थकों को निराश किया है, वहीं मीनाक्षी गोयात की जीत ने यह साबित कर दिया कि भारतीय महिला कुश्ती में नई पीढ़ी की खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर रही हैं। एशियन गेम्स ट्रायल्स का यह मुकाबला भारतीय कुश्ती के भविष्य और बदलाव की दिशा को भी दर्शाता है।