जिले के अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी केंद्र अदृश्य शक्ति भरोसे,कोई भी केंद्र वैधानिक नहीं

उरई (जालौन) जिले में अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी केंद्रों का संचालन गंभीर अनियमितताओं के साथ हो रहा है। लगभग 20 लाख की आबादी वाले जिले में केवल दो रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त हैं, जो स्थानीय नहीं हैं, जिससे अक्सर केवल एक ही डॉक्टर उपलब्ध रहता है। इसके बावजूद उरई नगर में करीब एक दर्जन अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित हैं, जहां नियमों के विपरीत पैथालॉजिस्ट अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।

जिले के अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी केंद्र अदृश्य शक्ति भरोसे,कोई भी केंद्र वैधानिक नहीं

सुनील शर्मा

निरीक्षण होते रहे, मगर अवैध केंद्रों पर क्यों नहीं पड़ी अधिकारियों की नजर?

उरई । जिले में गंभीर बीमारी की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह लगभग सभी चिकित्सक देते है क्योंकि इससे बीमारी का सही मालूम चल जाता है लेकिन दुर्भाग्य है कि लगभग बीस लाख की आवादी वाले जिले में दो रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति है एक जिला चिकित्सालय में और दूसरे मेडिकल कॉलेज में ये दोनों ही चिकित्सक जिले के नहीं है इस कारण अधिकांश दो में से एक ही डॉक्टर जिले में उपलब्ध रहता है । वहीं दूसरी ओर बात अल्ट्रासाउंड केंद्रों की करें तो लगभग एक दर्जन अल्ट्रासाउंड नगर उरई में अकेले खुले हुए है यहां कौन सा रेडियोलॉजिस्ट डॉक्टर है जो अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट तैयार करता है यह भी बताते चलते है पैथोलॉजिस्ट ही रेडियोलॉजिस्ट का कार्य कर रहा है जो नियमों के विरुद्ध है।दरअसल दोनों ही मास्टर की डिग्री है जिनके विषय बिल्कुल भिन्न है मेडिकल की मास्टर की डिग्री में रेडियो को पहले पायदान पर रखा गया है अधिकांश छोटे शहरों में ये कम हो पाए जाते है । जालौन जिले के उरई नगर में मेडिकल का अवैध व्यापार काफी फल फूल रहा है क्योंकि सभी अल्ट्रसाउंड केंद्रों में पैथालॉजिस्ट बड़ी ही खूबसूरती से रेडियो का कार्य कर रहे है और मरीज को गलत रिपोर्ट पेश हर रहे है । जिले के मुख्यालय में सारे आलाधिकारी मौजूद रहते है चिकित्सा विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी,चिकित्सा अधीक्षक आदि बड़े डॉक्टर के निरीक्षण आए दिन देखने को मिलते है लेकिन इस गोरखधंधे में आज तक नजर क्यों नहीं पढ़ी। नगर के समस्त सर्जन अल्ट्रासाउंड के बगैर सर्जरी नहीं करते सर्जन को कौन सा रेडियोलॉजिस्ट सलाह देता है यह रिकॉर्ड किसी भी सर्जन के पास उपलब्ध नहीं हो सकता । जिस डॉक्टर ने पैथालॉजिस्ट की डिग्री हासिल की है वह भी रेडियोलॉजिस्ट का कार्य करता दिखाई दे रहा है । गायनी से यदि मास्टर की डिग्री की है उसको अल्ट्रासाउंड करने का अधिकार मेडिकल में दिया गया है । इसी प्रकार नगर में पैथोलॉजी सेंटर भेड़ बकरी के तरह खुले है जिनके पास डिग्री के नाम पर कुछ भी नहीं है लेकिन जांच रिपोर्ट मरीज को एक घंटे के अंदर उपलब्ध कराने का दंभ भरते है यह मजाक मेडिकल लाइन में चल रहा है और जिम्मेदार आंख बंद कर बैठे है । मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर देवेंद्र कुमार भटोरिया से बात की तो उन्होंने डॉक्टर भूषण से बात कराई जो अल्ट्रासाउंड और पैथालॉजी केंद्रों के नोडल है उनका कहना है कि यह बात सही है कि जिले में दो ही रेडियोलॉजिस्ट है और अल्ट्रासाउंड केंद्र लगभग एक दर्जन है इसको मेडिसन डॉक्टर भी जांच कर सकता है इसके अलावा उन्होंने कहा कि सभी पैथालॉजिस्ट सेंटर की जांच पिछले सप्ताह की गई थी और आगे भी की जाएगी । डॉक्टर भूषण का जो भी जवाब है वह गोलमोल है ।