मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लॉन्च किया लोकपथ 2.0 एप:कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क भी जारी , बताएगा सड़क पर कहां है गड्ढा और कहां है पेट्रोल पंप
सीएम मोहन यादव ने कहा कि इंजीनियर्स की क्षमता के आधार पर हम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के वर्ष 2047 के विकसित और आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न देख रहे हैं. लोक निर्माण विभाग अपने नाम के अनुरूप लोक अर्थात जनता और निर्माण अर्थात सृजन से राज्य के जन-जन की सेवा के संकल्प को साकार कर रहा है.
सीएम ने कहा-पहले लोक निर्माण विभाग को प्रशासनिक दबाव का प्रतीक माना जाता था, लेकिन पीएम मोदी के विजन से यह सोच बदली है। पहले वही संसाधन और तकनीक मौजूद थे, लेकिन उनका सही उपयोग नहीं हो रहा था। अब देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और शहरों की तस्वीर बदल रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शनिवार को लोकपथ 2.0 एप लॉन्च किया। एप का नया वर्जन सिर्फ सड़कों के गड्ढे ही नहीं बताएगा बल्कि सड़क पर चलने वालों को आगे आने वाले ब्लैक स्पॉट, अंधे मोड़, संकरी सड़क या अनधिकृत कट के बारे में 500 मी पहले ही अलर्ट दे देगा।
जिस सड़क से यात्रा कर रहे हैं, उस पर कितने टोल प्लाजा, पर्यटक-धार्मिक स्थल, पेट्रोल पंप, गैस स्टेशन या इमरजेंसी सेवाएं मौजूद हैं, ये भी एप से यात्रा शुरू करने से पहले ही पता लगा सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा क साल 2014 से पहले तो विभाग के काम नारियल फोड़ने और फीता काटने तक ही सीमित थे। उस समय किसी प्रशासनिक अधिकारी को अपने तेवर या तीखापन दिखाना हो तो 2 -3 विभागों में पीडब्ल्यूडी का नाम ले लेते थे। इसको देखकर कष्ट भी होता था
पर अब दो सालों की उपलब्धियों के आधार पर मैं कह सकता हूं कि टेक्नोलॉजी से नवाचार कर और पैसे का सही उपयोग कर विभाग सही दिशा में बढ़ रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि पीडब्ल्यूडी लगातार ट्रेनिंग -शोध करके अगले दो सालों में देश के सबसे दक्ष इंजीनियरों का समूह बन जाएगा।
लोकपथ एप 2.0 को लॉन्च के मौके पर सीएम मोहन यादव, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह और विभाग से जुड़े अधिकारी।
मौसम की भी जानकारी मिलेगी लोकपथ ऐप मार्ग में आगे दिखने वाले मौसम जैसे बारिश, तेज हवा की जानकारी भी देगा। इसके अलावा ड्राइवर को पूरे रास्ते अपडेट करता रहेगा। अनुमान है कि अलर्ट मिलने से हादसे की संभावना घटेगी।
इंजीनियरों को दी ट्रेनिंग
भविष्य में ट्री शिफ्टिंग को लेकर विशेष कार्यशाला का आयोजन होगा।
1500 इंजीनियर शनिवार को कैपेसिटी बिल्डिंग प्रबंधन की ट्रेनिंग लेने के लिए शामिल हुए।
प्रदेश में नेशनल हाईवे मिलाकर पीडब्ल्यूडी की 77 हजार किमी सड़कें हैं, कुल 1041 ब्लैक स्पॉट हैं।
क्या खास है इस एप में?
लोकपथ एप का उन्नत संस्करण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट और सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने में मदद करेगा. यह एप सड़क रखरखाव की निगरानी, नागरिक शिकायतों के त्वरित निवारण, रूट प्लानिंग, ब्लैक स्पॉट अलर्ट, आपातकालीन SOS सुविधा तथा सड़क किनारे उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी जैसी सेवाओं के माध्यम से नागरिकों को एक समग्र, उपयोगकर्ता-अनुकूल और आधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रदान करेगा.
कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रेजेंटेशन
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा विगत 2 वर्षों में किए गए नवाचारों और सुधारात्मक प्रयासों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन भी किया. इसमें डिजिटल समाधान, गुणवत्ता नियंत्रण, पर्यावरण संरक्षण, नई निर्माण तकनीकों और आधुनिक प्रबंधन प्रणालियों की झलक प्रस्तुत की गई है. कार्यक्रम में कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क, लोक पथ 2.0 एप और विभाग की गत 2 वर्ष की गतिविधियों पर केंद्रित पुस्तक पर लघु फिल्मों का प्रदर्शन हुआ. मैनेजमेंट एक्सपर्ट डॉ. विक्रांत सिंह तोमर ने तकनीकी प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, फाइनेंशियल मैनेजमेंट और कॉन्ट्रेक्ट मैनेजमेंट पर केन्द्रित कैपेसिटी बिल्डिंग फ्रेमवर्क का प्रस्तुतिकरण दिया.
लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए : CM
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि भारतीय परंपरा में तकनीक, ज्ञान और नवाचार का समृद्ध इतिहास रहा है. हमारे प्राचीन ग्रंथ और सांस्कृतिक उदाहरण यह सिखाते हैं कि सामूहिक क्षमता, बुद्धि और समर्पण से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं. प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में इसी भाव के साथ आज के अभियंता आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए जनहित के कार्यों को और अधिक प्रभावी बना रहे हैं. देश के इंजीनियर मुंबई में समुद्र पर ब्रिज, पहाड़ों के बीच से टनल और हाई-वे का निर्माण कर रहे हैं, जो तकनीक और निर्माण प्रक्रिया की दृष्टि से विश्व स्तरीय है. प्रधानमंत्री मोदी की मंशा के अनुसार लोक निर्माण विभाग का प्रत्येक कार्य जनसामान्य के कल्याण के लिए है. सड़क, पुल, भवन और अन्य संरचनाएँ जब गुणवत्ता, संवेदनशीलता और दूरदर्शिता के साथ बनती हैं, तो वे जन-जीवन को सरल, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाती हैं. उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा अपनाए जा रहे नवाचार, आधुनिक तकनीक और कार्यों की गति इस बात का प्रमाण हैं कि लोक निर्माण विभाग नई सोच के साथ आगे बढ़ रहा है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस