जायदाद के लिए खूनी खेल: चाचा और उसके बेटे ने भाई-बहन को पीट-पीटकर मार डाला, 10वीं का पेपर देने जा रहे थे दोनों; गुस्साई भीड़ ने आरोपी का घर जलाया
सीहोर में भाई-बहन की हत्या ने इलाके में सनसनी मचा दी है। यहां चाचा और उसके बेटे पर ही पीट-पीटकर मार डालने का आरोप है। दोनों भाई-बहन परीक्षा देने के लिए एग्जाम सेंटर जा रहे थे।
सीहोर जिले में जमीन विवाद ने दो सगे भाई-बहन की जान ले ली. परीक्षा देने जा रहे दोनों को रास्ते में रोककर उनके चाचा और चचेरे भाई ने कथित तौर पर डंडों से हमला कर दिया. गंभीर रूप से घायल दोनों की मौत हो गई. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है. पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है.
आष्टा के धर्मपुरी में एक शख्स ने अपने छोटे भाई के दो बच्चों की हत्या कर दी। वारदात की वजह पारिवारिक जमीन को लेकर विवाद बताया जा रहा है। घटना से गुस्साए परिजन ने पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर कॉन्स्टेबल को पीट दिया।
मामला सिद्दीकगंज थाना इलाके में शुक्रवार सुबह का है। मृतकों के नाम शीतल (20) और कुलदीप (19) बताए गए हैं। आरोप उनके बड़े पिता यानी ताऊ हरिसिंह मालवीय (55) और उसके बेटे हेमंत मालवीय (28) पर है। हत्या का केस दर्ज कर दोनों को राउंडअप किया गया है। दोपहर बाद हरिसिंह के मकान में किसी ने आग लगा दी।
वन भूमि को लेकर चल रहा था विवाद
पुलिस के मुताबिक, हरिसिंह मालवीय और जगदीश मालवीय सगे भाई हैं। उनके बीच वन भूमि पर कब्जे को लेकर कई साल से विवाद चल रहा है। 20 अक्टूबर 2025 को हरिसिंह के बेटे रितेश (23) की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके बाद रंजिश और बढ़ गई।
हरिसिंह ने जगदीश की पत्नी सीमाबाई के साथ गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी थी। इस पर हरिसिंह के खिलाफ केस भी दर्ज किया गया था, जो कोर्ट में विचाराधीन है।
शुक्रवार सुबह शीतल और कुलदीप 10वीं का पेपर देने जा रहे थे। इसी दौरान हरिसिंह और हेमंत ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। पड़ोसियों ने बीचबचाव किया तो दोनों मौके से भाग निकले। बाद में उन्हें पकड़ लिया गया। परिजन शीतल और कुलदीप को लेकर अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार
बच्चों की हत्या से गुस्साए परिजन ने पोस्टमॉर्टम रूम के बाहर जमकर हंगामा किया। कॉन्स्टेबल से मारपीट की। साथ मौजूद पुलिसकर्मियों ने बीचबचाव किया। हंगामे की जानकारी मिलते ही आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे, पार्वती थाना प्रभारी हरिसिंह परमार फोर्स लेकर पहुंचे।
काफी देर तक समझाइश के बाद मामला शांत कराया जा सका। दोनों शवों का पुलिस की निगरानी में अंतिम संस्कार किया गया।
आरोपी के घर में आग लगाई
दोहरे हत्याकांड के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। यहां पुलिस बल तैनात किया गया है। दोपहर बाद किसी ने आरोपी हरि सिंह के मकान में आग लगा दी। पुलिस ने किसी तरह आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
परिजन बोले- पुलिस की लापरवाही से गई जान
मृतकों के मामा मुकेश ने कहा- सिद्दीकगंज थाना पुलिस की वजह से हमने दो बच्चों को खो दिया। एसपी दीपक कुमार शुक्ला, एसडीओपी दामोदर गुप्ता और सिद्दीकगंज थाने में दो महीने में चार आवेदन दिए थे। इनमें कहा था कि जमीन विवाद में जगदीश और उसका परिवार हमारे ऊपर हमला कर सकता है। कार्रवाई की जाए लेकिन किसी ने सुनवाई नहीं की।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस