कूडे के ढेर से सुलगी आग बनी गोला, 25 घरों को अपनी आगोश में लेकर खाक कर दिया
समरी: जालौन के ग्राम कुशमिलिया में कूड़े के ढेर से सुलगी आग भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण विकराल हो गई, जिससे 25 कच्चे मकान जलकर राख हो गए। आग में गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न, कपड़े, बच्चों की किताबें, साइकिल, नकदी सहित सब कुछ जल गया। घटना में करीब 40–50 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। दमकल विभाग ने चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
कूड़े के ढेर से उठी चिंगारी बनी आग का गोला
कुशमिलिया गांव में 25 मकान जलकर राख
तेज हवाओं ने बढ़ाई आग की भयावहता
गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न और नकदी जलकर खाक
उरई। जालौन जिले की तहसील क्षेत्र के ग्राम कुशमिलिया में भीषण गर्मी और तेज हवाओं के बीच एक छोटी सी चिंगारी ने ऐसा विकराल रूप ले लिया कि देखते ही देखते पूरा गांव अफरा-तफरी में डूब गया। कूड़े के ढेर से सुलगी आग ने कुछ ही देर में आग के गोले का रूप धारण कर लिया और लगभग 25 कच्चे मकानों को अपनी चपेट में लेकर राख में तब्दील कर दिया। इस भीषण अग्निकांड में ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत, गृहस्थी का सामान, खाद्यान्न, कपड़े, बच्चों की किताबें, नकदी और जरूरी वस्तुएं जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं।

हालांकि राहत की बात यह रही कि समय रहते ग्रामीण घरों से बाहर निकल आए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन जिन परिवारों के घर जले, उनके सामने अब रहने और जीवनयापन का बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
कूड़े के ढेर से शुरू हुई आग ने लिया विकराल रूप
ग्रामीणों के अनुसार गांव में पड़े कूड़े के ढेर में सुलगी आग भीषण गर्मी और तेज हवाओं के कारण अचानक भड़क उठी। आग ने तेजी से फैलते हुए सबसे पहले भूरे सिंह के मकान को अपनी चपेट में लिया। वहां से लपटें इतनी तेजी से बढ़ीं कि कुछ ही मिनटों में आसपास के मकानों तक पहुंच गईं।
आग बढ़ते-बढ़ते पुष्प और प्रेमलता सहित अन्य ग्रामीणों के घरों तक पहुंच गई और पूरा इलाका धुएं तथा लपटों से घिर गया। ग्रामीणों ने पहले अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तेज हवाओं के चलते आग लगातार फैलती चली गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आग की लपटें इतनी ऊंची उठ रही थीं कि दूर-दूर तक धुआं दिखाई दे रहा था। गांव में चीख-पुकार और भगदड़ का माहौल बन गया था।
25 मकान जलकर राख, गृहस्थी पूरी तरह तबाह
इस अग्निकांड में करीब 25 मकान पूरी तरह जलकर खाक हो गए। आग इतनी भीषण थी कि घरों में रखा लगभग पूरा सामान जल गया।
पीड़ित परिवारों के अनुसार आग में—
बच्चों की किताबें और स्कूल सामग्री
कपड़े और जरूरी दस्तावेज
खाद्यान्न सामग्री
साइकिलें
घरेलू उपयोग का सामान
गैस सिलेंडर
नकदी राशि
अनाज और अन्य वस्तुएं
सब कुछ राख में बदल गया।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी कुछ ही घंटों में खत्म हो गई। कई परिवारों के पास अब पहनने तक के कपड़े नहीं बचे हैं।
40 से 50 लाख रुपये नुकसान का अनुमान
घटनास्थल की स्थिति देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि आगजनी में लगभग 40 से 50 लाख रुपये तक का नुकसान हुआ है। जिन मकानों में आग लगी, वहां अब सिर्फ जली हुई दीवारें, राख और मलबा ही बचा है।
कई परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। घरों के साथ-साथ उनके जीवन की जमा पूंजी भी आग की भेंट चढ़ गई।
ग्रामीणों ने बताया कि कई घरों में शादी और अन्य पारिवारिक कार्यक्रमों के लिए सामान रखा था, जो पूरी तरह नष्ट हो गया।
दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत, चार घंटे बाद काबू
आग की सूचना मिलते ही दमकल विभाग सक्रिय हुआ और आधा दर्जन से अधिक दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया।
तेज हवा और लगातार फैलती लपटों के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। करीब चार घंटे की लगातार मशक्कत के बाद दमकल विभाग के जवान आग पर नियंत्रण पाने में सफल हुए।
हालांकि जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक 25 मकान पूरी तरह जल चुके थे।
दमकल कर्मियों ने आसपास के क्षेत्रों में आग फैलने से रोकने के लिए लगातार पानी का छिड़काव किया और स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने भी बाल्टियों और अन्य साधनों से आग बुझाने में सहयोग किया।
प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला तत्काल गांव पहुंच गया।
मौके पर उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह, उपाधीक्षक राजीव शर्मा सहित प्रशासन और पुलिस की टीम पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की और तत्काल राहत व्यवस्था शुरू कराई।
उप जिलाधिकारी ने जिन परिवारों के घर जल गए थे, उनके लिए अस्थायी ठहरने की व्यवस्था कराई। साथ ही भोजन और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने राहत शिविर जैसी व्यवस्था बनाकर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता पहुंचाने का प्रयास किया।
जनप्रतिनिधियों ने पहुंचकर बांटी राहत सामग्री
अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी भी गांव पहुंचे।
उन्होंने आग से प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और जले हुए मकानों का निरीक्षण किया। इसके बाद सभी अग्निपीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट वितरित की गई।
इसके अलावा अन्य राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई।
उन्होंने कहा कि यह दुख की घड़ी है और जिला पंचायत जालौन प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर आगे भी हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
जिलाधिकारी ने लिया संज्ञान, राहत और सर्वे के लिए टीम गठित
मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने इस घटना को गंभीरता से लिया और प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए अधिकारियों की टीम गठित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आदेश दिया कि सभी प्रभावित परिवारों तक खाद्यान्न किट, कपड़े और अन्य आवश्यक वस्तुएं तत्काल पहुंचाई जाएं।
साथ ही आगजनी से हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा ताकि प्रभावित लोगों को शासन स्तर से राहत दिलाई जा सके।
विशेष बात यह रही कि जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आगजनी की जांच और सर्वेक्षण की जिम्मेदारी स्वयं उप जिलाधिकारी ज्योति सिंह करेंगी।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि इस मामले में कोई लेखपाल या कानूनगो जांच नहीं करेगा।
गांव में पसरा मातम, भविष्य की चिंता
घटना के बाद पूरे गांव में मायूसी का माहौल है। जिन परिवारों के घर जले हैं, वे अब अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
कई परिवार खुले आसमान के नीचे बैठकर जले हुए सामान और राख को देख रहे हैं। बच्चों की किताबें, स्कूल बैग और घरेलू वस्तुएं राख के ढेर में बदल चुकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि गर्मी के मौसम में गांवों में कूड़े के ढेर और सूखी घास बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसे में समय रहते सफाई और सुरक्षा के उपाय जरूरी हैं।
यह घटना न केवल एक गांव के लिए त्रासदी बनी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता की जरूरत को भी सामने लेकर आई है। फिलहाल प्रशासन राहत कार्यों में जुटा है और प्रभावित परिवार सहायता की उम्मीद लगाए हुए हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस