जिलाधिकारी की सख्त मॉनिटरिंग, हर क्रय केंद्र पर पर्याप्त वारदाना उपलब्ध, एजेंसियों को समय से उठान के निर्देश 

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा कर किसानों को बिना परेशानी खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि सभी एजेंसियों के पास पर्याप्त वारदाना उपलब्ध है और क्रय केंद्रों पर खरीद कार्य सुचारु रूप से चल रहा है

जिलाधिकारी की सख्त मॉनिटरिंग, हर क्रय केंद्र पर पर्याप्त वारदाना उपलब्ध, एजेंसियों को समय से उठान के निर्देश 

डीएम ने की गेहूं क्रय केंद्रों की समीक्षा, किसानों की सुविधा पर दिया जोर

सभी क्रय केंद्रों पर पर्याप्त वारदाना उपलब्ध, खरीद कार्य सुचारु

एजेंसियों को समय से गेहूं उठान सुनिश्चित करने के निर्देश

किसानों के भुगतान, तौल और सुविधाओं की होगी नियमित निगरानी

उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कैंप कार्यालय से जनपद में संचालित गेहूं क्रय केंद्रों की गहन समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि किसानों को गेहूं बिक्री के दौरान किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनपद में वर्तमान समय में पर्याप्त मात्रा में वारदाना (बोरी) उपलब्ध है तथा सभी क्रय केंद्रों पर खरीद कार्य सुचारु एवं व्यवस्थित रूप से संचालित है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि मार्केटिंग, पीसीएफ, पीसीयू एवं एफसीआई एजेंसियों के पास पर्याप्त वारदाना उपलब्ध है। जिलाधिकारी ने संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि क्रय केंद्रों से गेहूं का समय से उठान सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी केंद्र पर भंडारण अथवा खरीद प्रक्रिया प्रभावित न होने पाए। उन्होंने कहा कि उठान में लापरवाही किसानों की परेशानी का कारण बन सकती है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दास्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक किसान का गेहूं पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से खरीदा जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से क्रय केंद्रों का निरीक्षण करें तथा वारदाना उपलब्धता, गेहूं उठान, इलेक्ट्रॉनिक तौल, किसानों के बैठने की व्यवस्था, पेयजल एवं छाया जैसी मूलभूत सुविधाओं की सतत निगरानी करें। जिलाधिकारी ने कहा कि खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसानों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाए।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी क्रय केंद्र पर अव्यवस्था, वारदाना की कमी या उठान में लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों एवं एजेंसियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी।