बस ऑपरेटर के घर घुसकर फायरिंग, सरपंच पति समेत 15 पर केस; ‘टेरर टैक्स’ न देने पर जानलेवा हमला

शिवपुरी के सिंहनिवास गांव में रविवार रात बस संचालक जय सिंह के घर पर हथियारबंद बदमाशों ने हमला कर फायरिंग कर दी। इस दौरान एक गोली उनके हाथ को छूते हुए निकल गई और वे बाल-बाल बच गए। पीड़ित के मुताबिक, सरपंच पति प्रभात रावत और उसके साथियों ने ‘टेरर टैक्स’ की मांग और पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया। हमलावर घर में घुसकर फायरिंग और मारपीट करने के बाद पुलिस सायरन सुनते ही फरार हो गए। पुलिस ने सरपंच पति, पूर्व मंत्री के भतीजे सहित 12 नामजद और 3 अज्ञात आरोपियों पर हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें से कुछ को हिरासत में लिया गया है।

बस ऑपरेटर के घर घुसकर फायरिंग, सरपंच पति समेत 15 पर केस; ‘टेरर टैक्स’ न देने पर जानलेवा हमला

शिवपुरी में बस ऑपरेटर पर फायरिंग: सरपंच पति सहित 15 पर केस, ‘टेरर टैक्स’ को लेकर हमला

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के सिंहनिवास गांव में रविवार रात करीब 10:30 बजे हथियारों से लैस बदमाशों ने एक बस संचालक के घर में घुसकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस हमले में बस संचालक जय सिंह बाल-बाल बच गए, जबकि गोली उनके बाएं हाथ को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने इस मामले में सरपंच पति समेत 15 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

घर में घुसकर की गई फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, हमलावर पहले से ही योजना बनाकर आए थे। फरियादी जय सिंह (19) ने बताया कि आरोपी प्रभात रावत, प्रमोद रावत और प्रगट रावत अपने साथियों के साथ अचानक घर में घुस आए। उनके पास 315 बोर की बंदूक, पिस्टल, देशी कट्टा, कुल्हाड़ी और लोहे की रॉड जैसे हथियार थे।

जैसे ही उन्होंने घर में प्रवेश किया, आरोपियों ने बिना किसी चेतावनी के फायरिंग शुरू कर दी। प्रमोद रावत ने 315 बोर की बंदूक से गोली चलाई, जो जय सिंह के हाथ को छूते हुए निकल गई। वहीं प्रभात रावत ने पिस्टल से दो राउंड फायर किए। गोलीबारी के बाद आरोपियों ने घर में मौजूद अन्य लोगों के साथ लाठी-डंडों से मारपीट की और दरवाजों को भी तोड़ दिया।

पुलिस सायरन सुनते ही भागे आरोपी

हमले के दौरान इलाके में दहशत फैल गई। जैसे ही किसी ने डायल 112 पर सूचना दी, पुलिस का सायरन सुनकर आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और घायलों को उपचार के लिए भेजा।

‘टेरर टैक्स’ को लेकर हमला

पीड़ित जय सिंह का आरोप है कि आरोपी इलाके में एक गैंग चलाते हैं, जो लोगों से जबरन ‘टेरर टैक्स’ वसूलती है। उनसे भी लगातार पैसे देने का दबाव बनाया जा रहा था। जब उन्होंने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपियों ने इस हमले को अंजाम दिया।

जय सिंह ने यह भी बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। साल 2017 में भी इन्हीं आरोपियों ने उनके परिवार पर हमला किया था। उस दौरान फायरिंग में जय सिंह की आंख में छर्रे लगे थे, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

मुख्य आरोपी प्रभात रावत, जो कि एक सरपंच का पति है, पहले भी कई विवादों में रह चुका है। बताया जा रहा है कि उसने 7 दिसंबर को पोहरी क्षेत्र के विधायक कैलाश कुशवाह को फोन पर धमकी दी थी। उसने विधायक को हाथ-पैर तोड़ने और जान से मारने की धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था, लेकिन हाल ही में वह जेल से छूटकर बाहर आया था।

जेल से बाहर आने के कुछ ही समय बाद उसने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया, जिससे इलाके में भय का माहौल बन गया है।

पूर्व मंत्री के भतीजे का नाम भी शामिल

इस मामले में पूर्व पीडब्ल्यूडी राज्य मंत्री सुरेश राठखेड़ा के भतीजे रोहित धाकड़ का नाम भी सामने आया है। पुलिस ने उसे भी नामजद आरोपियों की सूची में शामिल किया है। इस घटना के बाद राजनीतिक गलियारों में भी हलचल तेज हो गई है।

12 नामजद और 3 अज्ञात आरोपी

पुलिस ने कुल 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, जिनमें 12 नामजद और 3 अज्ञात आरोपी शामिल हैं। नामजद आरोपियों में प्रभात रावत, प्रमोद रावत, प्रगट रावत, रोहित धाकड़, दुष्यंत धाकड़, दीपक रावत, राजकुमार रावत, पवन रावत, छोटू उर्फ अरुण रावत, रवि जाट, आदित्य उपाध्याय और अंकेश दीक्षित शामिल हैं।

इन सभी पर हत्या के प्रयास, गंभीर मारपीट, अवैध हथियार रखने, दंगा करने और धमकी देने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

कुछ आरोपी हिरासत में

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुछ आरोपियों को हिरासत में ले लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

इलाके में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद सिंहनिवास गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय और तनाव का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में दबदबा बनाकर अवैध वसूली करते रहे हैं, लेकिन अब तक उन पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई।

पुलिस की सख्त कार्रवाई का भरोसा

पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

इस घटना ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि आरोपियों पर समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो इस तरह की घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं।