पीएम मोदी पर शिवराज सिंह चौहान की किताब ‘अपनापन’ का दिल्ली में विमोचन आज, शशि थरूर समेत कई बड़े नेता होंगे शामिल
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर केंद्रित पुस्तक 'अपनापन' का विमोचन आज नई दिल्ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान ' पूसा ' के भारतरत्न सी. सुब्रमण्यम सभागार में होगा। यह सभागार पूसा के राष्ट्रीय कृषि विज्ञान परिसर में स्थित है। 'अपनापन' केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकासमंत्री शिवराज सिंह चौहान की आत्मीय और प्रेरणादायी कृति है। यह जानकारी आधिकारिक विज्ञप्ति में दी गई है।
पीएम मोदी पर शिवराज सिंह की किताब ‘अपनापन’ का दिल्ली में विमोचन आज
35 वर्षों के अनुभवों का संकलन, मोदी के साथ जुड़ी स्मृतियां
किताब में संगठन, नेतृत्व और अनुशासन का उल्लेख
एकता यात्रा और राजनीतिक घटनाओं का विस्तार से वर्णन
नई दिल्ली, मंगलवार — मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan की लिखी किताब ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ का आज दिल्ली में भव्य विमोचन होने जा रहा है। यह कार्यक्रम राष्ट्रीय राजधानी स्थित पूसा के NASC कॉम्प्लेक्स में सुबह करीब 10:30 बजे आयोजित किया जाएगा। इस मौके पर देश की राजनीति के कई दिग्गज नेता और विभिन्न दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
किताब का केंद्र बिंदु प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत Narendra Modi के साथ शिवराज सिंह चौहान के लगभग तीन दशकों के अनुभवों को माना जा रहा है। इसमें वर्ष 1991 से लेकर अब तक के राजनीतिक सफर, संगठनात्मक गतिविधियों और विभिन्न अभियानों के दौरान हुए अनुभवों का विस्तृत वर्णन किया गया है।
35 वर्षों के अनुभवों का संग्रह
शिवराज सिंह चौहान ने इस पुस्तक को केवल एक राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत और वैचारिक यात्रा बताया है। उनके अनुसार, यह किताब उन 35 वर्षों के अनुभवों का संकलन है, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी के कार्यशैली, अनुशासन, संगठन क्षमता और निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा।
पुस्तक में विशेष रूप से इस बात का उल्लेख किया गया है कि कैसे मोदी का “कर्मयोगी स्वभाव” संगठन और प्रशासन दोनों स्तरों पर प्रभाव डालता रहा है। इसमें यह भी बताया गया है कि कठिन परिस्थितियों में भी वे किस तरह निरंतर कार्य करते रहे और लक्ष्य-उन्मुख दृष्टिकोण बनाए रखा।
एकता यात्रा और संगठनात्मक योगदान का उल्लेख
किताब में भाजपा के संगठनात्मक इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं का भी उल्लेख है। विशेष रूप से मुरली मनोहर जोशी के नेतृत्व में निकली ‘एकता यात्रा’ का वर्णन किया गया है, जिसमें नरेंद्र मोदी की संगठनात्मक भूमिका को विस्तार से बताया गया है।
शिवराज सिंह चौहान ने लिखा है कि उस समय उन्होंने मोदी को एक ऐसे संगठनकर्ता के रूप में देखा जो जमीन से जुड़कर काम करते हैं और टीम को साथ लेकर चलने में सक्षम हैं। किताब में उस दौर की कई व्यक्तिगत स्मृतियाँ और घटनाएँ भी साझा की गई हैं, जो भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विकास को समझने में मदद करती हैं।
शशि थरूर को भी निमंत्रण, राजनीतिक हलकों में चर्चा
इस पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कई बड़े राजनीतिक चेहरों को आमंत्रित किया गया है। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद Shashi Tharoor का नाम विशेष रूप से चर्चा में है। उनका आमंत्रण राजनीतिक हलकों में दिलचस्पी का विषय बना हुआ है, क्योंकि वे अक्सर विभिन्न मुद्दों पर स्वतंत्र और बौद्धिक दृष्टिकोण रखते हैं।
इसके अलावा पूर्व उपराष्ट्रपति M. Venkaiah Naidu और पूर्व प्रधानमंत्री H. D. Deve Gowda के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, एनडीए से जुड़े कई वरिष्ठ नेता, सांसद और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री भी इस कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। इनमें मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड जैसे राज्यों के नेताओं के नाम प्रमुखता से लिए जा रहे हैं।
राजनीतिक संदेश और संगठनात्मक संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह पुस्तक विमोचन केवल साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे सकता है। शिवराज सिंह चौहान, जो लंबे समय तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे हैं, अब केंद्र सरकार में कृषि मंत्री के रूप में सक्रिय हैं। उनकी इस पुस्तक को भाजपा संगठन और नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर एक मजबूत वैचारिक समर्थन के रूप में भी देखा जा रहा है।
विश्लेषकों के अनुसार, इस तरह के कार्यक्रमों के जरिए पार्टी अपने नेतृत्व, संगठनात्मक इतिहास और विचारधारा को नए रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास करती है। विशेषकर जब इसमें विभिन्न दलों के नेताओं को भी आमंत्रित किया जाता है, तो यह एक व्यापक राजनीतिक संवाद का संकेत माना जाता है।
‘अपनापन’ का उद्देश्य: युवाओं को प्रेरणा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह किताब विशेष रूप से युवाओं को ध्यान में रखकर लिखी गई है। उनका मानना है कि आज की पीढ़ी को यह समझने की जरूरत है कि समर्पण, अनुशासन और निरंतर परिश्रम से बड़े लक्ष्य कैसे हासिल किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के जीवन और नेतृत्व शैली से जुड़े अनुभव युवाओं को प्रेरित करेंगे। पुस्तक में नीति निर्माण, प्रशासनिक निर्णय और नेतृत्व के विभिन्न पहलुओं को व्यक्तिगत दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया गया है।
दिल्ली में भव्य आयोजन की तैयारी
कार्यक्रम स्थल NASC कॉम्प्लेक्स में बड़े स्तर पर तैयारियाँ की गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अतिथियों के स्वागत तक विशेष इंतजाम किए गए हैं। आयोजन समिति के अनुसार, यह कार्यक्रम न केवल पुस्तक विमोचन होगा, बल्कि एक विचार-विमर्श मंच भी बनेगा, जिसमें देश के प्रमुख नेता अपने विचार साझा करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान पुस्तक के प्रमुख अंशों पर चर्चा भी हो सकती है और कुछ नेताओं द्वारा अपने अनुभव साझा किए जाने की संभावना है।
‘अपनापन: नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव’ किताब के विमोचन को भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और वैचारिक घटना के रूप में देखा जा रहा है। इसमें शामिल होने वाले नेताओं की सूची और कार्यक्रम की व्यापकता इसे और भी महत्वपूर्ण बना देती है।
अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि इस कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल होता है और इस पुस्तक के माध्यम से क्या राजनीतिक और वैचारिक संदेश सामने आते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस