विकसित भारत कार्यक्रम के अंतर्गत जालौन में युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करने की बड़ी पहल
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।
युवा उद्यमिता को नई उड़ान: जिलाधिकारी ने 100 नवोद्यमियों को औद्योगिक भ्रमण हेतु किया रवाना
उरई। केंद्र सरकार के सफलतम 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे “विकसित भारत” कार्यक्रम के अंतर्गत जनपद जालौन में युवाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रोत्साहित करने हेतु एक महत्वपूर्ण औद्योगिक भ्रमण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट परिसर से 100 युवा नवोद्यमियों को लेकर जाने वाली बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को उद्योग जगत की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराना और उन्हें आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि युवा केवल रोजगार मांगने वाले न बनें, बल्कि रोजगार देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान सहित कई योजनाओं के माध्यम से युवाओं को स्वरोजगार के लिए लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के युवा उद्योग, सेवा और उत्पादन क्षेत्र में आगे आएं तथा अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदलें।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि इस प्रकार के औद्योगिक भ्रमण युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें उद्यमिता की ओर बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। जब युवा स्वयं किसी उद्योग की कार्यप्रणाली को देखते हैं, उत्पादन प्रक्रिया को समझते हैं और सफल उद्यमियों से सीधे संवाद करते हैं, तो उनके भीतर नया दृष्टिकोण विकसित होता है। यह अनुभव उन्हें भविष्य में अपने स्वयं के उद्यम स्थापित करने के लिए मानसिक रूप से तैयार करता है।
इस औद्योगिक भ्रमण कार्यक्रम के अंतर्गत चयनित 100 युवा उद्यमियों को जनपद के प्रमुख औद्योगिक एवं प्रशिक्षण केंद्रों का अवलोकन कराया गया। भ्रमण के दौरान युवाओं ने राजकीय औद्योगिक आस्थान, कालपी स्थित हाथ कागज उद्योग की इकाइयों तथा खादी ग्रामोद्योग प्रशिक्षण संस्थान का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें उत्पादन प्रक्रिया, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन व्यवस्था तथा सरकारी सहयोग से संबंधित विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई।
कालपी स्थित हाथ कागज उद्योग ने विशेष रूप से युवाओं को आकर्षित किया। यहां हाथ से कागज बनाने की पारंपरिक प्रक्रिया को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर कैसे उत्पादन किया जाता है, इसकी विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। प्रतिष्ठित उद्यमी प्रो. सलीम हाजी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पारंपरिक उद्योग आज भी रोजगार सृजन का मजबूत माध्यम हैं, यदि इन्हें नवाचार और आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए। उन्होंने बताया कि हाथ कागज उद्योग न केवल पर्यावरण अनुकूल है, बल्कि इसमें स्वरोजगार की असीम संभावनाएं भी मौजूद हैं।
उन्होंने युवाओं को उत्पादन प्रक्रिया के प्रत्येक चरण—कच्चे माल की तैयारी, पलप निर्माण, शीट निर्माण, सुखाने की प्रक्रिया और अंतिम उत्पाद तैयार करने तक—की विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने विपणन रणनीति और बाजार में प्रतिस्पर्धा के बारे में भी उपयोगी सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी उद्योग की सफलता केवल उत्पादन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि उसकी ब्रांडिंग, गुणवत्ता और बाजार पहुंच भी अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।
कार्यक्रम के दौरान आयोजित उद्यमी संवाद सत्र विशेष रूप से उपयोगी रहा। इसमें अनुभवी उद्यमियों और युवा प्रतिभागियों के बीच खुलकर संवाद हुआ। युवाओं ने उद्योग स्थापना से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनमें वित्तीय सहायता, बैंक ऋण प्रक्रिया, सरकारी सब्सिडी, कच्चे माल की उपलब्धता, विपणन रणनीति और जोखिम प्रबंधन जैसे विषय शामिल थे। उद्यमियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शुरुआती चुनौतियों से घबराने के बजाय निरंतर प्रयास और सही मार्गदर्शन से सफलता प्राप्त की जा सकती है।
संवाद के दौरान यह भी बताया गया कि सरकार की विभिन्न योजनाएं जैसे मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, खादी ग्रामोद्योग योजनाएं और एमएसएमई विभाग की पहलें युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी साबित हो रही हैं। इन योजनाओं के माध्यम से युवा कम पूंजी में भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं और धीरे-धीरे उसे विस्तार दे सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने भी युवाओं को मार्गदर्शन दिया। सहायक आयुक्त उद्योग हेमन्त कुमार ने कहा कि उद्यमिता केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने युवाओं को सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
सीएम युवा फेलो शशिकांत, भूपेन्द्र पाल तथा उद्यमी मित्र मनोज गुप्ता ने भी युवाओं को विभिन्न तकनीकी और व्यावहारिक जानकारियां प्रदान कीं। उन्होंने बताया कि किसी भी उद्योग की सफलता के लिए सही योजना, धैर्य और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति आवश्यक है।
इस अवसर पर हाथ कागज संघ के अध्यक्ष नरेन्द्र तिवारी, विनीत गुप्ता, भोले शंकर शर्मा, रविन्द्र नाथ गुप्ता, व्यापार मंडल कालपी के अध्यक्ष सहित कई अन्य उद्यमी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में युवाओं को रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रम आगे भी लगातार आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि युवा सही दिशा में प्रयास करें तो वे न केवल अपने लिए रोजगार सृजित करेंगे, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार देने में सक्षम होंगे।
यह औद्योगिक भ्रमण कार्यक्रम युवाओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और भविष्य निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इससे न केवल युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा, बल्कि उनमें उद्यमिता के प्रति एक नई सोच और ऊर्जा का संचार भी हुआ।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस