मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश: NEET परीक्षा 2026 में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जरूरत पड़े तो अधिकारी खुद अपने वाहन से पहुँचाएँ परीक्षार्थियों को

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 21 जून को होने वाली नीट यूजी-2026 परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा कर अधिकारियों को पूरी पारदर्शिता और सुरक्षा के साथ परीक्षा कराने के निर्देश दिए। प्रदेश के 30 जिलों के 283 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली परीक्षा में परीक्षार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवागमन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश: NEET परीक्षा 2026 में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं, जरूरत पड़े तो अधिकारी खुद अपने वाहन से पहुँचाएँ परीक्षार्थियों को

राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2026 के मद्देनजर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंगलवार को राज्य की तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सरकारी अधिकारियों को सभी परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा का 'पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटि-मुक्त संचालन' सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यह परीक्षा 21 जून को आयोजित होने वाली है।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नीट (NEET-UG) परीक्षा 2026 की तैयारियों को लेकर स्पष्ट और सख्त संदेश देते हुए कहा है कि परीक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या त्रुटि बिल्कुल भी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा को पूरी पारदर्शिता, सुरक्षा और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जाए, ताकि लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित और निर्बाध रहे।

मुख्यमंत्री ने 16 जून को मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से परीक्षा तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों और परीक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएँ समय से पहले पूर्ण कर ली जाएँ।

“परीक्षा में कोई भी बाधा स्वीकार नहीं” – मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि NEET जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है और इसमें किसी भी प्रकार की छोटी-सी चूक भी अस्वीकार्य है। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी जिम्मेदारी और मुस्तैदी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें।

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि यदि किसी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र तक पहुँचने में परिवहन की समस्या आती है, तो प्रशासन और पुलिस अधिकारी उसे शासकीय वाहन या अपने निजी वाहन से भी परीक्षा केंद्र तक पहुँचाने में सहायता करें। यह कदम छात्रों के हित में संवेदनशील प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाता है।

30 जिलों में 283 परीक्षा केंद्र, व्यापक तैयारियाँ

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस बार मध्यप्रदेश के 30 जिलों में कुल 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा का आयोजन 21 जून 2026 को दोपहर 2 बजे से 5:15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा की कुल अवधि 3 घंटे 15 मिनट (195 मिनट) होगी, जिसमें परीक्षार्थियों को इस बार 15 मिनट का अतिरिक्त समय भी दिया गया है।

राज्य के प्रमुख शहरों में बड़े स्तर पर परीक्षा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, सागर, छिंदवाड़ा, रतलाम और अन्य जिले शामिल हैं।

जबलपुर में विशेष तैयारी, राष्ट्रपति दौरे के चलते अतिरिक्त सतर्कता

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से जबलपुर जिले की तैयारियों पर ध्यान देने के निर्देश दिए। 21 जून को राष्ट्रपति के जबलपुर दौरे के प्रस्तावित कार्यक्रम के चलते प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने को कहा गया है।

जबलपुर में 24 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन यातायात व्यवस्था इस प्रकार से सुचारू की जाए कि परीक्षार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। सभी छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र तक पहुँचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होगी।

यातायात और योग दिवस आयोजन के बीच संतुलन जरूरी

इस वर्ष 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम भी आयोजित होने हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि योग दिवस के आयोजनों और परीक्षा के बीच किसी भी प्रकार का टकराव न हो।

उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था को इस तरह से प्रबंधित किया जाए कि परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की भीड़, जाम या देरी का सामना न करना पड़े। सभी अधिकारियों को समयबद्ध और प्रभावी समन्वय के निर्देश दिए गए हैं।

परीक्षा सुरक्षा के लिए दो-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा एवं जनसंपर्क अनुपम राजन ने जानकारी दी कि परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत मजबूत बनाया गया है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली लागू होगी।

बाहरी सुरक्षा राज्य पुलिस और होमगार्ड संभालेंगे

आंतरिक सुरक्षा एनटीए द्वारा नियुक्त एजेंसी के जिम्मे होगी

इसके अलावा महिला परीक्षार्थियों के लिए अलग से फ्रिस्किंग व्यवस्था की जाएगी और पर्याप्त संख्या में महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।

बायोमैट्रिक, CCTV और जैमर की सख्त व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर बायोमैट्रिक मशीन, सीसीटीवी कैमरे और जैमर 19 जून तक अनिवार्य रूप से स्थापित कर दिए जाएँ। इसके बाद 20 जून को इन सभी उपकरणों का ट्रायल रन किया जाएगा, ताकि परीक्षा के दिन किसी प्रकार की तकनीकी समस्या न आए।

उन्होंने यह भी कहा कि निगरानी प्रणाली पूरी तरह मजबूत और निष्पक्ष होनी चाहिए, जिससे परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता बनी रहे।

प्रश्नपत्र सुरक्षा और वितरण व्यवस्था

अधिकारियों ने बताया कि NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र सुरक्षित तरीके से प्रदेश के पाँच एयरपोर्ट के माध्यम से पहुँच चुके हैं। इन्हें एनटीए द्वारा निर्धारित दो अधिसूचित बैंकों में सुरक्षित रखा गया है।

इसके अतिरिक्त, परीक्षा के दिन प्रश्नपत्रों की आपूर्ति और वाहनों की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा की जाएगी। सभी वाहनों की सूची समय रहते एनटीए को भेजी जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया ट्रैक और नियंत्रित रहे।

बालाघाट जिले में प्रश्नपत्रों की सुरक्षा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ आवश्यकता अनुसार हेलीकॉप्टर से भी परिवहन किया जा रहा है।

हर परीक्षा केंद्र पर मूलभूत सुविधाएँ अनिवार्य

सरकार ने सभी परीक्षा केंद्रों पर विद्यार्थियों के लिए न्यूनतम और आवश्यक सुविधाओं को अनिवार्य किया है, जिनमें शामिल हैं—

पर्याप्त रोशनी और पंखों की व्यवस्था

जनरेटर बैकअप

स्वच्छ पेयजल

ओआरएस और ग्लूकोज़

अलग-अलग स्वच्छ शौचालय

प्राथमिक उपचार किट और मेडिकल स्टाफ

नियंत्रण कक्ष में डॉक्टरों की टीम

इसके अलावा प्रत्येक केंद्र पर एक क्लॉक रूम भी बनाया जाएगा ताकि परीक्षार्थी निषिद्ध वस्तुओं को सुरक्षित रख सकें।

अभिभावकों के लिए भी विशेष व्यवस्था

परीक्षार्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर टेंट, बैठने की व्यवस्था और मोबाइल शौचालय बनाए जाएंगे, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

समितियों का गठन और निगरानी तंत्र

अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन ने बताया कि परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिलास्तरीय समन्वय समितियाँ गठित की गई हैं। हर 3-4 परीक्षा केंद्रों के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।

साथ ही सेक्टर मजिस्ट्रेट, ड्यूटी मजिस्ट्रेट और सहायक पुलिस अधिकारी भी नियुक्त किए गए हैं ताकि हर स्तर पर निगरानी मजबूत रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने साफ कर दिया है कि NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। राज्य सरकार और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और छात्रों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

व्यापक सुरक्षा व्यवस्था, तकनीकी निगरानी, यातायात प्रबंधन और मानवीय संवेदनशीलता के साथ मध्यप्रदेश में NEET परीक्षा 2026 को सफल और निष्पक्ष बनाने की पूरी तैयारी की जा चुकी है।