मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता, अग्निकांड पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता, सामग्री किट व मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत

ग्राम कुसमिलिया में 25 मई को हुए भीषण अग्निकांड में 17 परिवारों के घर और सामान जलकर नष्ट हो गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला प्रशासन ने तत्काल राहत पहुंचाई। जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय स्वयं गांव पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की।

मुख्यमंत्री के निर्देशन में जिला प्रशासन ने दिखाई संवेदनशीलता, अग्निकांड पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता, सामग्री किट व मुख्यमंत्री आवास स्वीकृत

कुसमिलिया अग्निकांड के बाद प्रशासन ने संभाला मोर्चा, पीड़ितों तक पहुंची त्वरित राहत

मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलाधिकारी पहुंचे गांव, राहत कार्यों का लिया जायजा

17 प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता, राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था

दैवीय आपदा राहत मद से खातों में स्वीकृत हुई सहायता राशि

उरई । विकासखंड डकोर के ग्राम कुसमिलिया में 25 मई की शाम अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही पलों में कई परिवारों की जिंदगी को झकझोर दिया। आग की तेज लपटों ने 17 परिवारों के कच्चे मकानों, छप्परों, कपड़ों और घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया। गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन संकट की इस घड़ी में माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर जिला प्रशासन तुरंत राहत बनकर पीड़ितों के बीच पहुंच गया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय देर शाम स्वयं गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और हर प्रभावित परिवार तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। प्रशासन द्वारा मौके पर राहत सामग्री वितरित कर भोजन एवं पीने के पानी की व्यवस्था कराई गई। प्रभावित परिवारों के लिए लंगर संचालित कराया गया ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे। दैवीय आपदा राहत मद से प्रभावित परिवारों के खातों में तत्काल सहायता धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को माननीय मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी के आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उनके उजड़े आशियानों को दोबारा बसाया जा सके। उन्होंने बताया कि बलराम प्रजापति पुत्र हरिश्चंद्र को 1,20,000, रामकिशोर पुत्र लक्षीराम प्रजापति को 1,20,000, मंगल सिंह पुत्र जगन्नाथ श्रीवास को 1,20,000, हरनाथ पुत्र देवपाल प्रजापति को 9,000, प्रमोद पुत्र देवपाल को 9,000, प्रेमनारायन पुत्र भूरे सिंह को 4,000, महेश चन्द्र पुत्र धनीराम को 4,000, किशोरी पुत्र रामचरन बाल्मीकि को 4,000, किशोरी पुत्र दीनदयाल बरार को 4,000, गुड्डू पुत्र दीनदयाल बरार को 4,000, भूरे सिंह पुत्र जुगरु राजपूत को 1,20,000, हरिकिशोर पुत्र हरदयाल को 9,000, पवन पुत्र बृजेश को 9,000, महेश पुत्र हरदयाल को 9,000, राजकुमार पुत्र नृपत को 4,000, योगेन्द्र पुत्र मन्नीलाल को 4,000 तथा शंकर पुत्र भूरे को 4,000 की सहायता धनराशि स्वीकृत की गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की घड़ी में हर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित परिवारों को पुनः सामान्य जीवन से जोड़ने तक हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। गांव में प्रशासन की त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता को देखकर ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता ने पीड़ित परिवारों को यह भरोसा दिया कि वे अकेले नहीं हैं।