सारिका की पहल, टेलिस्‍कोप से दिखाया अदभुत चंद्रग्रहण,आंशिक ग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहा तो उपछाया ग्रहण की अवधि 7 बजकर 53 मिनिट तक रही

भोपाल में नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने वर्ष के पहले चंद्रग्रहण का टेलिस्कोप से अवलोकन कराया और लोगों को इसके वैज्ञानिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पृथ्वी के सूर्य और चंद्रमा के बीच आने से चंद्रग्रहण होता है, जिसे बिना किसी सुरक्षा चश्मे के भी देखा जा सकता है। आंशिक चंद्रग्रहण शाम 6:47 बजे तक रहा, जबकि उपछाया ग्रहण 7:53 बजे तक चला। ग्रहण के दौरान पृथ्वी की छाया के कारण चंद्रमा लालिमा लिए दिखाई दिया, जिसे ब्लड मून जैसा दृश्य माना गया।

सारिका की पहल, टेलिस्‍कोप से दिखाया अदभुत चंद्रग्रहण,आंशिक ग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक रहा तो उपछाया ग्रहण की अवधि 7 बजकर 53 मिनिट तक रही

टेलिस्कोप से लोगों ने देखा साल का पहला चंद्रग्रहण

विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने समझाए ग्रहण के वैज्ञानिक तथ्य

पृथ्वी की छाया से लालिमा लिए दिखा चंद्रमा, बना अद्भुत नजारा

आंशिक ग्रहण 6:47 बजे तक, उपछाया ग्रहण 7:53 बजे तक रहा

भोपाल। नेशनल अवार्ड प्राप्‍त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने मंगलवार शाम हुये  इस साल के पहले चंद्रग्रहण को टेलिस्कोप के माध्यम से दिखाया और इसके वैज्ञानिक तथ्यों को समझाया। उन्होंने बताया कि सूर्य और चंद्रमा के बीच पृथ्वी आने से यह खगोलीय घटना होती है, जिसे बिना किसी चश्मे के आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन टेलिस्कोप से इसका नजारा और भी स्पष्ट दिखता है। 
होली के अवसर पर हुये इस चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा पृथ्‍वी से लगभग 3 लाख 80 हजार किमी दूर था और ग्रहण के समय पृथ्वी की छाया के कारण चंद्रमा ब्लड मून के रूप में तामिया लाल रंग का दिखाई रहा था । आंशिक चंद्रग्रहण शाम 6 बजकर 47 मिनिट तक चला इसके बाद शाम 7 बजकर 53 मिनिट तक की अवधि के लिये उपछाया ग्रहण आरंभ हुआ ।उपछाया ग्रहण की धार्मिक मान्‍यता नहीं रहती है । लेकिन वैज्ञानिक रूप से चंद्रमा जब उपछाया में रहता है तो सूर्य का पूरा प्रकाश नही मिलता है जिससे यह पीला दिखता रहता है ।
सारिका ने बताया कि खगोलीय दृष्टिकोण से यह एक अद्भुत नज़ारा था जिसे बेहतर बनाने के लिए टेलिस्कोप का इस्तेमाल किया गया ।