झटका! अमूल के बाद अब मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, 14 मई से नई कीमतें होंगी लागू

आम लोगों पर महंगाई का एक और झटका लगने वाला है। अमूल के बाद अब मदर डेयरी ने भी दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की घोषणा की है। 14 मई यानी कल से नई दरें लागू होंगी।

झटका! अमूल के बाद अब मदर डेयरी ने भी बढ़ाए दूध के दाम, 14 मई से नई कीमतें होंगी लागू

देशभर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। अब ग्राहकों को दूध के लिए पहले के मुकाबले प्रति लीटर 2 रुपये ज्यादा चुकाने होंगे। नई कीमतें 14 मई से लागू होंगी।.

नई दिल्ली। देशभर में आम लोगों की रसोई का बजट एक बार फिर प्रभावित होने जा रहा है। देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों में शामिल Amul के बाद अब Mother Dairy ने भी दूध की कीमतों में बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। बुधवार को कंपनी की ओर से जारी जानकारी के अनुसार दूध के दाम में 2 रुपए प्रति लीटर तक की वृद्धि की गई है। नई कीमतें 14 मई से लागू होंगी।

इस फैसले के बाद देशभर के करोड़ों उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। खासतौर पर मध्यम वर्ग और दैनिक उपयोग के लिए अधिक मात्रा में दूध खरीदने वाले परिवारों के घरेलू बजट पर इसका प्रभाव साफ दिखाई देगा। दोनों कंपनियों ने अपने लोकप्रिय दूध वेरिएंट और पैकेजों की कीमतों में बदलाव किया है।

उत्पादन लागत बढ़ने से लिया गया फैसला

गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (GCMMF), जो अमूल ब्रांड का संचालन करता है, ने बताया कि दूध उत्पादन की लागत लगातार बढ़ रही है। पशु चारे की कीमतों में इजाफा, पैकेजिंग सामग्री की बढ़ती लागत और ईंधन के दामों में वृद्धि के कारण डेयरी उद्योग पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव पड़ा है।

कंपनी के अनुसार दूध की कीमतों में यह बढ़ोतरी करीब 2.5 प्रतिशत से 3.5 प्रतिशत के बीच है। अमूल ने यह भी स्पष्ट किया कि किसानों को बेहतर भुगतान सुनिश्चित करने और उत्पादन व्यवस्था को बनाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन आवश्यक हो गया था।

वहीं मदर डेयरी ने भी बढ़ती ऑपरेशनल लागत को इस फैसले की मुख्य वजह बताया है। कंपनी का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में ट्रांसपोर्टेशन और डेयरी प्रोडक्शन से जुड़ी लागत में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिसका असर अब बाजार कीमतों पर पड़ रहा है।

मई 2025 के बाद पहली बार बढ़े अमूल के दाम

जानकारी के अनुसार अमूल ने मई 2025 के बाद पहली बार दूध की कीमतों में बदलाव किया है। इससे पहले 1 मई 2025 को गुजरात सहित कई राज्यों में अमूल दूध के सभी प्रमुख वेरिएंट की कीमत में 2 रुपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई थी।

इसके अलावा जून 2024 में भी कंपनी ने दूध के दाम बढ़ाए थे। उस समय भी कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार बढ़ती इनपुट कॉस्ट के चलते डेयरी कंपनियों को समय-समय पर दामों की समीक्षा करनी पड़ रही है।

दूसरी ओर मदर डेयरी ने अप्रैल 2025 में आखिरी बार कीमतों में संशोधन किया था। अब एक बार फिर कंपनी ने उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त भार डालते हुए दूध के दाम बढ़ा दिए हैं।

डेयरी उद्योग पर बढ़ा लागत का दबाव

डेयरी विशेषज्ञों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में डेयरी सेक्टर पर लागत का दबाव काफी बढ़ गया है। पशुओं के चारे की कीमतों में तेज उछाल, बिजली और डीजल की महंगाई, पैकेजिंग लागत तथा कोल्ड चेन सिस्टम को बनाए रखने में आने वाला खर्च लगातार बढ़ रहा है।

इसके अलावा गर्मी के मौसम में दूध उत्पादन पर भी असर पड़ता है, जिससे सप्लाई और डिमांड के बीच अंतर बढ़ जाता है। ऐसे में कंपनियां अपने मार्जिन और किसानों के भुगतान को संतुलित रखने के लिए कीमतों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाती हैं।

डेयरी उद्योग से जुड़े जानकारों का कहना है कि यदि आने वाले महीनों में इनपुट लागत कम नहीं हुई तो अन्य कंपनियां भी दूध के दाम बढ़ाने पर विचार कर सकती हैं।

आम लोगों के बजट पर पड़ेगा असर

दूध भारतीय परिवारों की रोजमर्रा की जरूरतों का अहम हिस्सा है। सुबह की चाय से लेकर बच्चों के पोषण और मिठाई-दही जैसे खाद्य पदार्थों तक दूध का व्यापक उपयोग होता है। ऐसे में कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि दूध महंगा होने से चाय, कॉफी, दही, पनीर, घी और मिठाइयों की लागत भी बढ़ सकती है। होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार पर भी इसका असर देखने को मिलेगा।

गृहिणियों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है। जिन घरों में रोजाना 2 से 5 लीटर तक दूध की खपत होती है, वहां मासिक बजट में अतिरिक्त बोझ बढ़ेगा।

किसानों को बेहतर भुगतान देने का दावा

डेयरी कंपनियों का कहना है कि कीमतों में बढ़ोतरी का फायदा दूध उत्पादक किसानों को भी मिलेगा। अमूल ने कहा कि कंपनी अपने सदस्यों और पशुपालकों को बेहतर मूल्य देने के लिए प्रतिबद्ध है।

डेयरी सहकारी संस्थाओं के मुताबिक किसानों को समय पर भुगतान और दूध उत्पादन को प्रोत्साहन देने के लिए बाजार के अनुसार मूल्य तय करना जरूरी हो जाता है। हालांकि उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों से आम आदमी की परेशानी बढ़ रही है।

आने वाले समय में और बढ़ सकती है महंगाई

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईंधन और पशु आहार की कीमतों में कमी नहीं आई तो डेयरी उत्पादों के दाम आगे भी बढ़ सकते हैं। इससे खाद्य महंगाई पर असर पड़ सकता है।

वर्तमान में देश में पहले से ही सब्जियों, खाद्य तेल और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतें लोगों को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे में दूध जैसी आवश्यक वस्तु के महंगे होने से आम लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

अब उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर रहेगी कि क्या आने वाले दिनों में अन्य डेयरी कंपनियां भी कीमतों में बढ़ोतरी करती हैं या नहीं।