68 गौशालाओं में कैमरे बंद मिलने पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों वेतन रोकने के निर्देश, गौवंशों की 24 घंटे निगरानी होगी
उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने गौवंश संरक्षण व्यवस्था की समीक्षा बैठक में लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। 68 गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने पर संबंधित खंड विकास अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए, जबकि जालौन गौशाला में अव्यवस्था पर बीडीओ को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के आदेश हुए।
गौशालाओं में लापरवाही पर सख्ती: डीएम ने दिए कड़े निर्देश
68 गौशालाओं में कैमरे बंद मिलने पर बीडीओ का वेतन रोका गया
गौवंश संरक्षण को लेकर जिलाधिकारी की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक
उरई । जनपद में गौवंश संरक्षण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कलेक्ट्रेट सभागार से वर्चुअल माध्यम द्वारा सोसाइटी फॉर प्रिवेंशन ऑफ क्रुएलटी टू एनीमल एवं गौसंरक्षण अनुश्रवण मूल्यांकन समीक्षा समिति की बैठक कर संबंधित अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि गौवंशों की सुरक्षा, देखभाल एवं संरक्षण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी गौ आश्रय स्थलों पर पानी, हरा चारा, भूसा एवं छायादार व्यवस्था पर्याप्त मात्रा में सुनिश्चित की जाए, ताकि भीषण गर्मी और लू के दौरान गौवंशों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने हरे चारे की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक संबंधित ग्राम पंचायत में दो किसानों से अनुबंध कराने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक गौ आश्रय स्थल पर 08-08 घंटे की शिफ्ट में तीन केयरटेकर तैनात किए जाएं, जिससे 24 घंटे गौवंशों की निगरानी और देखभाल सुनिश्चित हो सके। उन्होंने गौशालाओं में अभिलेखों के बेहतर रखरखाव तथा नियमित निरीक्षण पर भी विशेष जोर दिया। गौशालाओं की निगरानी हेतु लगाए गए 68 सीसीटीवी कैमरे बंद पाए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी फटकार लगाते हुए संबंधित खंड विकास अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जालौन गौशाला में रखरखाव और सीसीटीवी कैमरे बंद मिलने पर संबंधित खंड विकास अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश भी दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि गौशालाओं की निगरानी व्यवस्था में शिथिलता कतई बर्दास्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गौवंशों को तत्काल गौशालाओं में संतृप्त कराया जाए तथा इसके लिए विशेष ड्यूटी लगाई जाए। जिन स्थानों पर गौशालाएं मर्ज की गई हैं वहां पुराने शेड एक सप्ताह के भीतर हटाकर गौवंशों को एकीकृत स्थान पर व्यवस्थित रूप से शिफ्ट करने के निर्देश भी दिए गए।गौशालाओं के बेहतर संचालन हेतु तैनात नोडल अधिकारियों को लगातार भ्रमण कर नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी ने उन पशुपालकों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जो दूध निकालने के बाद गौवंशों को सड़कों पर छोड़ देते हैं। उन्होंने कहा कि पहली बार पकड़े जाने पर 500 रुपये, दूसरी बार 1000 रुपये जुर्माना लगाया जाए तथा तीसरी बार पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि सभी गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे क्रियाशील रहें, पानी एवं हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था बनी रहे और किसी भी स्थिति में गौवंश सड़कों पर दिखाई न दें।
बैठक में परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी निशांत पाण्डेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी सहित सम्बन्धित अधिकारी मौजूद रहे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस