राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम ने धीमी प्रगति वाले विभागों को कड़ी फटकार,स्टांप, जीएसटी, विद्युत व वन विभाग को चेतावनी, लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो तय होगी जवाबदेही

उरई में जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व वसूली, सीएम डैशबोर्ड, कर-करेत्तर और कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में धीमी राजस्व वसूली पर स्टांप, जीएसटी, विद्युत और वन विभाग को कड़ी फटकार लगाई गई और लक्ष्य पूरा न करने पर जवाबदेही तय करने की चेतावनी दी गई।

राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम ने धीमी प्रगति वाले विभागों को कड़ी फटकार,स्टांप, जीएसटी, विद्युत व वन विभाग को चेतावनी, लक्ष्य पूरा नहीं हुआ तो तय होगी जवाबदेही

राजस्व वसूली में ढिलाई पर डीएम की सख्ती

स्टांप, जीएसटी, विद्युत व वन विभाग को चेतावनी

सीएम डैशबोर्ड एवं राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक

वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व वसूली की स्थिति

उरई । जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम डैशबोर्ड, कर-करेत्तर एवं राजस्व कार्यों तथा कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा कर सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। बैठक में विभागवार राजस्व वसूली की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष धीमी प्रगति पर संबंधित अधिकारियों को फटकार लगाते हुए राजस्व वसूली में तत्काल सुधार लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जनपद की कुल राजस्व वसूली 1645.69 करोड़ रुपये के वार्षिक लक्ष्य के सापेक्ष 1209.24 करोड़ रुपये रही, जो लगभग 73.30 प्रतिशत उपलब्धि है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 844.37 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 120.29 करोड़ रुपये की वसूली दर्ज की गई, जो 14.25 प्रतिशत उपलब्धि है।
विभागवार समीक्षा में वाणिज्य कर (GST) विभाग को 179.63 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 15.03 करोड़ रुपये की प्राप्ति हुई, जबकि स्टांप एवं पंजीकरण विभाग ने 210 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 11.06 करोड़ रुपये की वसूली की। परिवहन विभाग द्वारा 504.68 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 38.18 करोड़ रुपये, विद्युत विभाग द्वारा 384.04 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 21.17 करोड़ रुपये तथा वन विभाग द्वारा 11.26 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष मात्र 0.64 करोड़ रुपये की वसूली हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि विभिन्न विभागों द्वारा जारी आरसी की शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए तथा बड़े बकायेदारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दास्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।वाणिज्य कर विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कर अपवंचन पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि जनपद में किसी भी स्तर पर टैक्स चोरी नहीं होने दी जाए। उन्होंने प्रवर्तन अभियान तेज करने के निर्देश देते हुए कहा कि शताब्दी बसों के माध्यम से अवैध रूप से सामान ढोने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं, ऐसे मामलों में अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं तहसीलदारों को निर्देशित किया कि तीन वर्ष से अधिक पुराने राजस्व वादों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। धारा-34 एवं धारा-116 के अंतर्गत लंबित प्रकरणों को भी शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए, ताकि आमजन को समयबद्ध न्याय मिले।जिलाधिकारी ने सरकारी भूमि, तालाब, चारागाह एवं अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर अवैध कब्जों के विरुद्ध निरंतर अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी अतिक्रमण की शिकायत पर राजस्व एवं पुलिस विभाग संयुक्त रूप से तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें। बैठक में लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलदार उरई को किसानों से तेजी से बैनामा कराने के निर्देश दिए। बैनामों की धीमी प्रगति पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समस्त उप जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि लेखपाल बैठकों एवं समाधान दिवसों में खतौनी, नक्शा सहित आवश्यक अभिलेख अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें, जिससे शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया जा सके।जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकताओं एवं विकास कार्यों को समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराने के लिए सभी अधिकारी पारदर्शिता, जवाबदेही एवं गंभीरता के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करें।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय कुमार, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट रिन्कू राही, समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।