बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, हरी मटर,धान,चना, मसूर व मूंगफली में भारी नुकसान

उरई में सोमवार सुबह से शुरू हुई लगातार बारिश ने किसानों के सामने बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। असमय बारिश से हजारों हेक्टेयर में बोई गई फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश अगले दो दिन तक जारी रहेगी जिससे पकी खड़ी धान की फसल, हाल ही में बोई गई हरी मटर, मसूर, चना और मूंगफली की फसलें बुरी तरह प्रभावित होंगी

बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमानों पर फेरा पानी, हरी मटर,धान,चना, मसूर व मूंगफली में भारी नुकसान

बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान, किसानों के सामने बढ़ा आर्थिक संकट

उरई । सोमवार के सुबह 6 बजे से लगातार वारिश ने किसानों के सामने संकट पैदा कर दिया है । असमय वारिश ने हजारों हेक्टेयर में हाल ही में बोई गई फसल को भारी नुकसान करने का मन बना लिया है मौसम विभाग के अनुसार ये वारिश दो दिनों तक अनवरत चलेगी जिससे धान की फसल जो पकी खड़ी है उसको भी हानि पहुंचाएगी इसके अलावा हरी मटर की बुआई काफी मात्रा में की गई है जो अभी हाल ही में हुई है बारिश इस फसल जो बड़ी क्षति पहुंचाएगी यही नहीं मसूर,चना,की बुआई हो रही है इसमें नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है वहीं मूंगफली की बात करे तो इसका क्षेत्रफल कम जरूर होता है लेकिन जितना भी है उसमें बढ़ी क्षति होने की आशंका देखी जा रही बेमौशम बारिश से किसानों के सामने बढ़ा संकट उत्पन्न हो रहा है । किसानों की इस आपदा में सरकार को खड़ा होना पड़ेगा नहीं तो किसान कर्ज के तले दवेगा और कर्ज न चुकाने पर आत्महत्या करने को मजबूर होगा । अभी कुछ वर्षों से किसान फसल को आराम से घर तक लाने में सफल हो रहा था लेकिन बेमौसम बारिश ने किसानों को आर्थिक तौर कर तोड़ने का काम किया है । रबी की फसल की बुआई के लिए उर्वरक की जद्दोजहद की इसके बाद फसल की बुआई के उपरांत बेमौसम बारिश ने किसानों के अरमान पर चोट कर दी । अब ये देखना होगा कि किसानों के हितों के लिए सरकार क्या करती है ।