कांग्रेस बोली- चुनाव खत्म, वसूली शुरू: पेट्रोल-डीजल में ₹3 की बढ़ोतरी पर राहुल का तंज, अखिलेश ने बताया साइकिल को विकल्प

पेट्रोल डीजल की कीमत बढ़ने पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर से मोदी सरकार को घेरा है। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर लिखते हुए कहा कि मोदी सरकार की गलती का खामियाजा अब जनता भुगतेगी। उन्होंने लिखा कि अब सरकार किस्त में वसूली करेगी। उन्होंने पीएम मोदी को कंप्रोमाइज्ड पीएम भी बताया।

कांग्रेस बोली- चुनाव खत्म, वसूली शुरू: पेट्रोल-डीजल में ₹3 की बढ़ोतरी पर राहुल का तंज, अखिलेश ने बताया साइकिल को विकल्प

देशभर में पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।

पेट्रोल-डीजल महंगा: विपक्ष का हमला, सरकार ने बताया वैश्विक संकट की मजबूरी; जनता पर बढ़ा महंगाई का बोझ

नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर दिखाई देने लगा है। देशभर में आज से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से लेकर 3.60 रुपये प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। वहीं सीएनजी के दाम भी 2 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गए हैं। ईंधन कीमतों में इस बढ़ोतरी के बाद देशभर में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्ष ने केंद्र सरकार को घेरते हुए इसे “चुनाव खत्म, वसूली शुरू” बताया है, जबकि सरकार समर्थकों का कहना है कि वैश्विक संकट के बावजूद भारत में सीमित बढ़ोतरी की गई है।

देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 3.14 रुपये बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 3.11 रुपये महंगा होकर 90.67 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। सीएनजी की नई कीमत 79.09 रुपये प्रति किलोग्राम तय की गई है। तेल कंपनियों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल और सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के कारण यह फैसला लिया गया है।

विपक्ष ने सरकार को घेरा

पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि चुनाव खत्म होते ही जनता से वसूली शुरू कर दी गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें कम थीं, तब सरकार ने जनता को राहत नहीं दी और अब कीमतें बढ़ते ही पूरा बोझ आम लोगों पर डाल दिया गया।

कांग्रेस के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से भी सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा गया कि “महंगाई मैन ने फिर जनता पर हंटर चलाया है। पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपये महंगा कर दिया गया और सीएनजी के दाम भी बढ़ा दिए गए। चुनाव खत्म, वसूली शुरू।”

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि यह सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा कि “3 रुपये का झटका अभी आया है, बाकी वसूली किस्तों में होगी।” राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लगातार आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है और महंगाई पर नियंत्रण करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है।

अखिलेश यादव का तंज

समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर व्यंग्य किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साइकिल चलाते हुए अपना एक स्केच पोस्ट किया और लिखा, “हमने तो पहले ही कहा था कि साइकिल से बेहतर कुछ नहीं।” इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान का भी जिक्र किया जिसमें ईंधन बचाने की अपील की गई थी।

अखिलेश यादव के इस पोस्ट को समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह “साइकिल” से जोड़कर भी देखा जा रहा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उन्होंने बढ़ती महंगाई के मुद्दे को राजनीतिक संदेश के साथ जोड़ने की कोशिश की है।

सरकार का बचाव

वहीं दूसरी ओर सरकार और उसके समर्थक नेताओं ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में हुई बढ़ोतरी को वैश्विक परिस्थितियों की मजबूरी बताया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े संकट से गुजर रही है। मिडिल ईस्ट में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण पेट्रोलियम उत्पादों की सप्लाई प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने हालात को देखते हुए बहुत सीमित बढ़ोतरी की है ताकि आम जनता पर ज्यादा बोझ न पड़े। उनके अनुसार दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें भारत की तुलना में कहीं अधिक बढ़ी हैं।

आम जनता की बढ़ी चिंता

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब आम लोगों की दिनचर्या और बजट पर भी दिखाई देने लगा है। पेट्रोल-डीजल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर रोजमर्रा की चीजों की कीमतों पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में फल-सब्जी, दूध, किराना और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो सकते हैं।

हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों में कीमतों में बढ़ोतरी पहले से तय मानी जा रही थी। एक उपभोक्ता ने कहा कि “लोग मानसिक रूप से तैयार थे कि दाम बढ़ेंगे। राहत सिर्फ इतनी है कि बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं हुई।”

एक अन्य उपभोक्ता ने कहा कि मिडिल ईस्ट संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि “अगर सिर्फ 3 रुपये की बढ़ोतरी हुई है तो इसे वैश्विक हालात के हिसाब से देखा जाना चाहिए।”

महंगाई पर बढ़ेगा असर

आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर आने वाले महीनों में महंगाई दर पर भी पड़ सकता है। ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से बाजार में सामानों की कीमतें बढ़ेंगी। इसके अलावा उद्योगों की लागत बढ़ने से आर्थिक गतिविधियों पर भी दबाव पड़ सकता है।

विपक्ष का आरोप है कि सरकार पहले से ही बढ़ती महंगाई को नियंत्रित नहीं कर पा रही थी और अब ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी से आम लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाएंगी। वहीं सरकार समर्थकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण यह कदम जरूरी था।

फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर देशभर में चर्चा तेज है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।