हर साल 10 लाख मौतें, 44% शहर गंभीर प्रदूषण के घेरे में: जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर वायु प्रदूषण को लेकर किया हमला

विश्व बैंक रिपोर्ट के अनुसार गंगा मैदानी क्षेत्र और हिमालय की तलहटी में वायु प्रदूषण से हर साल 10 लाख मौतें होती हैं. कांग्रेस ने मोदी सरकार से सख्त कदम उठाने की मांग की है. रमेश ने कहा कि हाल के वर्षों में वायु प्रदूषण से जुड़ा स्वास्थ्य संकट बहुत गंभीर हो गया है.

हर साल 10 लाख मौतें, 44% शहर गंभीर प्रदूषण के घेरे में: जयराम रमेश ने मोदी सरकार पर वायु प्रदूषण को लेकर किया हमला

जयराम रमेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिसे सरकार नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम कहती है, वो अब “नोशनल क्लीन एयर प्रोग्राम” बनकर रह गया है. उन्होंने NCAP की गहन समीक्षा की मांग की.

कांग्रेस ने मोदी सरकार पर वायु प्रदूषण को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट का हवाला दिया है. रिपोर्ट के अनुसार, हर साल करीब 10 लाख लोग वायु प्रदूषण से समय से पहले मरते हैं. सात ही आर्थिक संकट भी हो रहा है.

वायु प्रदूषण को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर फिर से कड़ा हमला बोला है. पार्टी ने वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि इंडो-गंगेटिक प्लेन्स और हिमालय की तराई वाले क्षेत्रों में वायु प्रदूषण गंभीर स्वास्थ्य और विकास संकट बन चुका है, लेकिन केंद्र सरकार इस समस्या को गंभीरता से लेने में विफल है.

कांग्रेस महासचिव और पूर्व केंद्रीय पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए बताया कि वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ‘अ ब्रीथ ऑफ चेंज’ पूरी तरह तथ्य आधारित है और समय की जरूरत को साफ करती है. 

रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र में हर साल लगभग 10 लाख लोगों की आयु से पहले मौत वायु प्रदूषण के कारण होती है. इसके साथ ही, प्रदूषण के कारण क्षेत्रीय GDP में लगभग 10 प्रतिशत की आर्थिक हानि भी हो रही है.

रमेश ने कहा कि यह रिपोर्ट साफ संकेत देती है कि अब जल्द से जल्द कदम उठाने की आवश्यकता है. उन्होंने कोयला आधारित बिजली संयंत्रों के इमिशन स्टैंडर्डस को सख्ती से लागू करने, पुराने प्लांट्स को धीरे-धीरे बंद करने, और राज्यों के बीच साझा एयरशेड आधारित गवर्नेंस अपनाने की बात कही.

साथ ही, कांग्रेस लंबे समय से एयर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एक्ट 1981 और नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स 2009 की समीक्षा करने की मांग कर रही है ताकि पीएम 2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषकों पर ख़ास तौर पर फोकस किया जा सके.

साथ ही, कांग्रेस लंबे समय से एयर पॉल्यूशन कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एक्ट 1981 और नेशनल एम्बिएंट एयर क्वालिटी स्टैंडर्ड्स 2009 की समीक्षा करने की मांग कर रही है ताकि पीएम 2.5 जैसे खतरनाक प्रदूषकों पर ख़ास तौर पर फोकस किया जा सके.