अस्पताल के टॉयलेट में हत्या के आरोपी का शव मिला: पत्नी को जिंदा जलाने का था केस, नाड़े से फंदा बनाकर दी जान

रायसेन जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में पत्नी की हत्या के आरोपी जमुना प्रसाद गौर (60) का शव मंगलवार सुबह शौचालय में फंदे से लटका मिला। डॉक्टरों के अनुसार उसने हाफ पैंट के नाड़े से फंदा बनाकर आत्महत्या की। आरोपी ने कुछ दिन पहले दूध में पानी मिलाने के शक में पत्नी को आग लगाकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है।

अस्पताल के टॉयलेट में हत्या के आरोपी का शव मिला: पत्नी को जिंदा जलाने का था केस, नाड़े से फंदा बनाकर दी जान

पत्नी जलाने के केस में बंद आरोपी ने अस्पताल में लगाई फांसी, जांच शुरू

 अस्पताल में सुरक्षा पर सवाल: हत्या के आरोपी ने टॉयलेट में फंदा लगाकर जान दी

इलाज के बीच आरोपी की मौत: अस्पताल के टॉयलेट में नाड़े से फंदा लगाकर दी जान


रायसेन। जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब पत्नी की हत्या के आरोपी जमुना प्रसाद गौर (60) का शव अस्पताल के शौचालय में फांसी के फंदे पर लटका मिला। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक आरोपी ने आत्महत्या के लिए अपनी हाफ पैंट (बरमूडा) के नाड़े का इस्तेमाल किया। पुलिस की शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है।
बाथरूम जाने के बहाने अंदर गया, फिर नहीं लौटा
सिविल सर्जन डॉ. यशपाल बाल्यान ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे जमुना प्रसाद ने स्टाफ से बाथरूम जाने की अनुमति मांगी। स्टाफ उसे शौचालय तक लेकर गया, जहां उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया।
कुछ देर बाद अंदर से छटपटाने की आवाजें आने लगीं। संदेह होने पर अस्पताल कर्मियों ने दरवाजा तोड़ा। अंदर आरोपी फंदे से लटका मिला। उसे तुरंत बाहर निकालकर डॉक्टरों ने जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
डॉक्टरों के अनुसार उसने अपने कपड़े के नाड़े से खिड़की पर फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।
एक दिन पहले ही जिला अस्पताल में हुआ था भर्ती
जानकारी के मुताबिक जमुना प्रसाद सोमवार दोपहर अकेले ही रायसेन जिला अस्पताल पहुंचा था। उसका एक पैर टूटा हुआ था और हालत गंभीर थी, जिसके चलते उसे सर्जिकल वार्ड में भर्ती किया गया था।
पत्नी को जलाकर फरार हुआ था आरोपी
पुलिस के अनुसार 20 फरवरी को आरोपी ने अपनी पत्नी महफूल पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। बताया गया कि पत्नी ने पहले माचिस छीनकर खुद को बचाने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने लाइटर जलाकर उसे आग के हवाले कर दिया।
घटना के बाद वह घर का दरवाजा बाहर से बंद कर फरार हो गया था। पड़ोसियों ने महिला को बाहर निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उसकी 75 प्रतिशत तक जलने की स्थिति देखते हुए डॉक्टरों ने भोपाल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान 25 फरवरी को उसकी मौत हो गई।
दूध में पानी मिलाने के शक से शुरू हुआ विवाद
जांच में सामने आया कि आरोपी को रोज सुबह दूध पीने की आदत थी और उसे शक था कि उसकी पत्नी दूध में पानी मिलाती है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच पहले भी कई बार विवाद हो चुका था। घटना वाले दिन भी इसी मुद्दे पर झगड़ा हुआ, जिसके बाद आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
पहले भी कर चुका था आत्महत्या की कोशिश
पत्नी को जलाने के बाद जमुना प्रसाद फरार हो गया था। 25 फरवरी को उसने विदिशा में ट्रेन के सामने कूदकर आत्महत्या की कोशिश की थी। आरपीएफ ने उसे घायल हालत में अस्पताल में भर्ती कराया था, लेकिन सोमवार सुबह वह वहां से भाग निकला

समाज ने किया था बहिष्कार, परिजन भी नहीं पहुंचे
घटना से नाराज गौर समाज ने आरोपी और उसके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था। यही कारण रहा कि पुलिस सूचना के बावजूद न तो समाज के लोग और न ही परिजन अस्पताल पहुंचे।