आबकारी भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा! 12 टॉपर रडार पर, CCTV जांच से चौंकाने वाला खुलासा : रतलाम में 30 मिनट में 100 प्रश्न हल, फिर बैठे रहे; CCTV जांच से खुली पोल
मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े स्तर पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है। मंडल ने 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ये सभी अभ्यर्थी रतलाम स्थित ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ परीक्षा केंद्र पर परीक्षा देने पहुंचे थे, जिसे इस परीक्षा के लिए पहली बार केंद्र बनाया गया था।
रतलाम पब्लिक स्कूल केंद्र से सम्मिलित 12 अभ्यर्थियों की गतिविधियां असामान्य पाई गई। केंद्र के सीसीटीवी फुटेज एवं अन्य डाटा परीक्षण में पाया गया कि एक अन्य व्यक्ति द्वारा परीक्षा के दौरान अनुचित तरीके से लाभ पहुंचाने का प्रयास किया गया।
रतलाम : मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के बाद अब आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के अंतर्गत रतलाम के एक केंद्र पर परीक्षा देने वाले 12 अभ्यर्थियों के खिलाफ भोपाल की एमपी नगर पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. एमपी नगर थाना पुलिस ने शून्य पर कायमी कर मामले की जांच रतलाम के औद्योगिक थाना पुलिस को दी है.
कर्मचारी चयन आयोग के प्रिंसिपल ने दर्ज कराई एफआईआर
यह परीक्षा 9 सितंबर से 21 सितंबर 2025 तक आयोजित की गई थी, जिसमें रतलाम के विरियाखेड़ी स्थित रतलाम पब्लिक स्कूल केंद्र में गड़बड़ियां सामने आई है. इसके बाद इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग के प्रिंसिपल व सिस्टम एनालिस्ट ने 12 अभ्यर्थीयों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज करवाया है. इन सभी अभ्यर्थियों ने रतलाम के इस केंद्र पर परीक्षा दी थी.
सीसीटीवी रिकॉर्ड खंगालने पर हुआ खुलासा
इस मामले में कर्मचारी चयन आयोग के प्रिंसिपल व सिस्टम एनालिस्ट ने 12 छात्रों के डाटा में शुरुआती तौर पर कुछ गड़बड़ियां पाई हैं. एमपी नगर थाना भोपाल में दर्ज की गई एफआईआई के अनुसार आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2025 के पेपर के दौरान के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर गड़बड़ी का खुलासा हुआ है. जब सीसीटीवी रिकॉर्ड खंगाले गए तो गड़बड़ियों की तस्वीर सामने आई है. इसमें एक व्यक्ति 12 अभ्यार्थियों को अनुचित लाभ पहुंचाते हुए नजर आ रहा है.
इसी के आधार पर इन 12 अभ्यर्थियों का रजिस्ट्रेशन निरस्त कर उनके खिलाफ धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है. रतलाम औद्योगिक थाने के प्रभारी सत्येंद्र रघुवंशी ने बताया, '' इस मामले में और संबंधित दस्तावेज मिलने के बाद जांच प्रारंभ की जाएगी. इस मामले में रतलाम पब्लिक स्कूल प्रबंधन की भूमिका के बारे में भी जांच की जाएगी.'' अब इस बहुचर्चित मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है. यह 12 स्टूडेंट कौन हैं, कहां के रहने वाले हैं और किस तरह की गड़बड़ी की गई है.इन सवालों के जवाब आना अभी बाकी है.
जांच में सामने आया
जांच में सामने आया कि इन अभ्यर्थियों ने कंप्यूटर आधारित परीक्षा में असामान्य रूप से तेज गति दिखाई। दो घंटे की परीक्षा में किसी ने 15 तो किसी ने 30 मिनट में ही 100 प्रश्न हल कर दिए और शेष समय बिना किसी गतिविधि के बैठे रहे।
भोपाल में दर्ज हुआ केस, डायरी रतलाम भेजी
इस संबंध में एमपी नगर थाना में शून्य पर जालसाजी का प्रकरण दर्ज किया गया था। घटना स्थल रतलाम होने के कारण केस डायरी वहां स्थानांतरित कर दी गई है। पुलिस ने 12 अभ्यर्थियों सहित अन्य संदिग्धों को आरोपी बनाया है।
उम्मीदवारों को उत्तर पुस्तिका मुहैया कराई गई?
प्रणीत सिजारिया ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि ‘सीसीटीवी फुटेज और सिस्टम के डेटा की जांच की गई जिससे पता चला कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उम्मीदवारों को उत्तर पुस्तिका मुहैया कराई थी। शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर पहले एमपी नगर थाने में शिकायत दर्ज की गई और बाद में इसे रतलाम ट्रांसफर कर दिया गया। पुलिस ने अब इस मामले की जांच शुरू कर दी है।’
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस