अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां अधिवेशन रीवा में 7 से 9 नवम्बर तक, पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे उद्घाटन, देशभर से विभिन्न भाषाओं और बोलियों के साहित्यकार होंगे शामिल

अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां अखिल भारतीय अधिवेशन 7 से 9 नवम्बर तक रीवा के कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम में भव्य रूप से आयोजित होगा। उद्घाटन भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशीलचंद्र त्रिवेदी ‘मधुपेश’ करेंगे। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल होंगे। तीन दिवसीय इस अधिवेशन में देशभर से विभिन्न भाषाओं और बोलियों के साहित्यकार भाग लेंगे।

अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां अधिवेशन रीवा में 7 से 9 नवम्बर तक,  पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे उद्घाटन, देशभर से विभिन्न भाषाओं और बोलियों के साहित्यकार होंगे शामिल

अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां अधिवेशन 7 से 9 नवम्बर तक रीवा में,पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद करेंगे उद्घाटन, देशभर से आएंगे साहित्यकार

भोपाल। अखिल भारतीय साहित्य परिषद का 17वां अखिल भारतीय अधिवेशन-2025 आगामी 7, 8 एवं 9 नवम्बर को कृष्णा राजकपूर ऑडिटोरियम, रीवा में भव्य रूप से आयोजित किया जा रहा है। अधिवेशन का उद्घाटन भारत के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के करकमलों से होगा।

इस अवसर पर आयोजन की अध्यक्षता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुशीलचंद्र त्रिवेदी ‘मधुपेश’ करेंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश शासन के उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। उद्घाटनकर्ता साहित्यकार होंगे विश्वास महीपति पाटिल, जबकि अन्य विशिष्ट अतिथियों में डॉ. ऋषि कुमार मिश्र राष्ट्रीय महामंत्री, अ.भा. साहित्य परिषद, डॉ. बी.एन. त्रिपाठी सीएमडी, पेन्टियम प्वाइंट ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, श्रीधर पराड़कर राष्ट्रीय संगठन मंत्री, अ.भा. साहित्य परिषद और मनोज राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री शामिल होंगे। अधिवेशन का संचालन डॉ. पवनपुत्र बादल, राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री, अ.भा. साहित्य परिषद द्वारा किया जाएगा।

तीन दिवसीय कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी देते हुए साहित्यकार सीमा रानी झा ने बताया कि अधिवेशन संयोजक चन्द्रकांत तिवारी, प्रान्त महामंत्री अ.भा. साहित्य परिषद महाकौशल प्रान्त, म.प्र. हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ 7 नवम्बर को अपरान्ह 1 बजे प्रदर्शनी के उद्घाटन से होगा। इसी दिन सायं 5:30 बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी और रात्रि 9 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं कवि सम्मेलन का आयोजन होगा।

8 नवम्बर को सुबह 10 बजे से बैठक, विमर्श एवं व्याख्यान सत्र होंगे, वहीं रात 9 बजे से सर्वभाषा कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। 9 नवम्बर को सुबह 9:30 बजे से पुनः विमर्श सत्र होंगे और अपरान्ह 2:30 बजे से समापन सत्र आयोजित किया जाएगा।

इस तीन दिवसीय अधिवेशन में देशभर से विभिन्न भाषाओं और बोलियों के साहित्यकार एवं प्रतिनिधि भाग लेंगे। अधिवेशन की तैयारियों में प्रो. राकेश सोनी प्रान्ताध्यक्ष, अ.भा. साहित्य परिषद महाकौशल प्रान्त, शिवानंद तिवारी जिलाध्यक्ष, रीवा एवं आयोजन समिति सक्रिय भूमिका निभा रही है। आयोजन समिति ने सभी साहित्य प्रेमियों, विद्वानों और नागरिकों से इस ऐतिहासिक साहित्यिक महाकुंभ में शामिल होकर इसे सफल बनाने की अपील की है।