46 आईएएस अधिकारियों को सुशासन की ट्रेनिंग, विवादों में रहे अधिकारी भी सूची में शामिल, 2004 से 2012 बैच तक के अफसर होंगे शामिल

केंद्रीय कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में 15 जून से प्रोग्राम शुरू होगा, जो 10 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। जिसमें शामिल होने के लिए अधिकारियों को प्रशिक्षण के लिए बेवसाइट www.lbsnaa.gov.in पर ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कर इनरोल किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

46 आईएएस अधिकारियों को सुशासन की ट्रेनिंग, विवादों में रहे अधिकारी भी सूची में शामिल, 2004 से 2012 बैच तक के अफसर होंगे शामिल

मसूरी में जून-जुलाई 2026 में 25 दिन का मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है।मिड कैरियर ट्रेनिंग प्रोग्राम में मध्य प्रदेश कैडर के 46 आईएएस अधिकारी भी जाएंगे। इसमें 5 जिलों के कलेक्टर भी शामिल होंगे।

मसूरी में 46 आईएएस अधिकारियों को सुशासन की ट्रेनिंग, विवादों में रहे अधिकारी भी सूची में शामिल

मसूरी (उत्तराखंड)। देशभर के प्रशासनिक ढांचे को अधिक प्रभावी और तकनीक-सक्षम बनाने के उद्देश्य से इस वर्ष भी मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम के तहत 46 भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारियों को मसूरी स्थित लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। यह प्रशिक्षण 15 जून से 10 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें सुशासन, प्रशासनिक दक्षता, डिजिटल गवर्नेंस और बदलते प्रशासनिक परिदृश्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

इस सूची में 2004 से लेकर 2012 बैच तक के वरिष्ठ और मध्य स्तर के अधिकारी शामिल हैं, जिनमें कई जिलों के कलेक्टर, विभागीय सचिव और निगमों के प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल हैं।

विवादों में रहे आईएएस अधिकारी भी सूची में शामिल

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप सचिव स्तर के अधिकारी Santosh Kumar Verma का नाम भी शामिल है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के महीनों में उनके एक कथित बयान को लेकर सामाजिक और राजनीतिक विवाद सामने आया था, जिसके बाद वे चर्चा में रहे। हालांकि प्रशासनिक स्तर पर उनके प्रशिक्षण में शामिल होने को सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा बताया जा रहा है, जिसमें अधिकारियों के करियर विकास और क्षमता संवर्धन के लिए समय-समय पर मिड करियर ट्रेनिंग अनिवार्य होती है।

सूत्रों के अनुसार, विवाद के बाद पिछले कुछ समय से उन्हें किसी सक्रिय फील्ड पोस्टिंग में नहीं रखा गया है। हालांकि इस पूरे मामले पर आधिकारिक रूप से सरकार की ओर से विस्तृत टिप्पणी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।

46 आईएएस अधिकारियों का बड़ा बैच होगा प्रशिक्षित

इस बैच में मध्य प्रदेश कैडर के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार सभी चयनित अधिकारियों को समय पर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करनी होगी, जिसके बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।

2012 बैच के अधिकारियों में राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, महिला एवं बाल विकास, वित्त, गृह, तकनीकी शिक्षा, कृषि विपणन और राजस्व विभागों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। वहीं 2011 और 2010 बैच के अधिकारी भी विभिन्न प्रशासनिक और फील्ड पदों पर रहते हुए प्रशिक्षण का हिस्सा बनेंगे।

2012 बैच के प्रमुख अधिकारी

2012 बैच के अधिकारियों में सीईओ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन, अपर सचिव सामान्य प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, वित्त विभाग और विभिन्न निगमों के प्रबंध संचालक शामिल हैं।

इसके अलावा कई जिलों के कलेक्टर जैसे सागर, धार और रीवा भी इस प्रशिक्षण में भाग लेंगे। इन अधिकारियों को सुशासन, डिजिटल गवर्नेंस और नीति निर्माण की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

2011 बैच के अधिकारी

2011 बैच के अधिकारियों में ग्वालियर कलेक्टर सहित कई महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर कार्यरत अधिकारी शामिल हैं। इनके प्रशिक्षण में प्रशासनिक नेतृत्व क्षमता, जनहित योजनाओं का क्रियान्वयन और तकनीकी प्रशासन पर विशेष मॉड्यूल शामिल होंगे।

2010 बैच के अधिकारी

2010 बैच के आईएएस अधिकारियों में वाणिज्य कर, आदिवासी विकास, खाद्य विभाग, मुख्यमंत्री सचिवालय और मत्स्य महासंघ जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े अधिकारी शामिल हैं। इस बैच का प्रशिक्षण तीसरे चरण में किया जाएगा।

2009, 2008 और 2004 बैच के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल

वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए भी यह प्रशिक्षण कार्यक्रम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 2009 बैच के अधिकारियों में लोक शिक्षण, मुख्यमंत्री सचिवालय और पंजीयन विभाग से जुड़े अधिकारी शामिल हैं।

वहीं 2008 बैच के वरिष्ठ अधिकारियों में गृह विभाग और भवन विकास निगम से जुड़े अधिकारी प्रशिक्षण का हिस्सा होंगे। इसके अलावा 2004 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल किए गए हैं।

मिड करियर ट्रेनिंग का उद्देश्य

मिड करियर ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य अधिकारियों को बदलते प्रशासनिक परिवेश के अनुसार तैयार करना है। इसमें डिजिटल प्रशासन, ई-गवर्नेंस, डेटा आधारित नीति निर्माण, आपदा प्रबंधन, जनसंपर्क और सेवा वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाता है।

LBSNAA मसूरी में होने वाली यह ट्रेनिंग देश के प्रशासनिक ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जाती है। इसमें देशभर से चुने गए आईएएस अधिकारियों को एक साथ लाकर अनुभव साझा करने और नई तकनीकों से जोड़ने का अवसर दिया जाता है।

सरकारी प्रक्रिया के तहत चयन

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह प्रशासनिक मानकों और सेवा नियमों के तहत की जाती है। अधिकारियों की सूची को अंतिम रूप देने से पहले रजिस्ट्रेशन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि यह प्रशिक्षण अधिकारियों के करियर विकास का नियमित हिस्सा है और इसका उद्देश्य प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना है।

मसूरी में होने वाला यह मिड करियर ट्रेनिंग प्रोग्राम एक बार फिर देश के वरिष्ठ और मध्य स्तर के आईएएस अधिकारियों को एक साझा मंच पर लाएगा। जहां एक ओर प्रशासनिक सुधार और सुशासन पर चर्चा होगी, वहीं दूसरी ओर विभिन्न विभागों के अनुभवों का आदान-प्रदान भी होगा।

हालांकि कुछ अधिकारियों के नामों को लेकर सामाजिक चर्चा जरूर हो रही है, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर यह कार्यक्रम एक नियमित और अनिवार्य क्षमता विकास प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य देश की शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाना है।