सीएम डॉ. मोहन यादव अब इलेक्ट्रिक कार से करेंगे सफर, स्टेट गैरेज ने खरीदी महिंद्रा XEV 9e EV, सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ काफिले में होगी शामिल
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब अपने काफिले में महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक कार का उपयोग करेंगे। स्टेट गैरेज द्वारा खरीदी गई इस EV को सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार मॉडिफाई किया जा रहा है और सीएम हाउस में चार्जिंग पॉइंट भी बनाया जा रहा है।
सीएम मोहन यादव अब इलेक्ट्रिक कार से करेंगे सफर, काफिले में शामिल होगी महिंद्रा XEV 9e EV
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अब अपने आधिकारिक काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) का उपयोग करते नजर आएंगे। राज्य सरकार के स्टेट गैरेज ने मुख्यमंत्री के लिए महिंद्रा की नई इलेक्ट्रिक कार XEV 9e खरीदी है, जिसे जल्द ही सुरक्षा मानकों और प्रोटोकॉल के अनुरूप तैयार कर काफिले में शामिल किया जाएगा। यह कदम न सिर्फ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, बल्कि सरकारी वाहनों में ई-मोबिलिटी को बढ़ावा देने की एक नई पहल के रूप में भी देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद पहल
सूत्रों के अनुसार, यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन बचत और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की अपील से प्रेरित बताया जा रहा है। केंद्र सरकार लगातार इलेक्ट्रिक वाहनों, स्वच्छ ऊर्जा और फ्यूल सेविंग पर जोर दे रही है। इसी दिशा में राज्य स्तर पर भी बदलाव देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस निर्णय को मध्यप्रदेश में ई-व्हीकल अपनाने की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। इससे पहले सरकारी स्तर पर इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग सीमित था, लेकिन अब उच्च स्तर पर इसकी शुरुआत होने जा रही है।
सुरक्षा मानकों के अनुसार होगा बदलाव
सीएम के लिए खरीदी गई महिंद्रा XEV 9e इलेक्ट्रिक कार को सामान्य रूप में उपयोग नहीं किया जाएगा। इसे विशेष सुरक्षा मानकों के तहत मॉडिफाई किया जा रहा है।
जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त वीआईपी के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार इस वाहन में कई सुरक्षा फीचर्स जोड़े जाएंगे। इसमें बुलेट रेसिस्टेंट लेयरिंग, सुरक्षित ग्लास, जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरण शामिल किए जाने की संभावना है।
स्टेट गैरेज और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि इलेक्ट्रिक कार मुख्यमंत्री की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरी तरह पूरा करे। इसके बाद ही इसे आधिकारिक काफिले में शामिल किया जाएगा।
सीएम हाउस में चार्जिंग सुविधा
इलेक्ट्रिक वाहन के उपयोग को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री निवास (सीएम हाउस) में एक विशेष चार्जिंग स्टेशन भी स्थापित किया जा रहा है। यह चार्जिंग पॉइंट हाई-स्पीड चार्जिंग क्षमता से लैस होगा ताकि वाहन को जल्दी और सुरक्षित तरीके से चार्ज किया जा सके।
सरकारी अधिकारियों का मानना है कि इससे न केवल ईंधन खर्च में कमी आएगी, बल्कि प्रशासनिक स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
ड्राइवरों की विशेष ट्रेनिंग
नई इलेक्ट्रिक कार के संचालन के लिए ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की तकनीक, बैटरी मैनेजमेंट, चार्जिंग प्रोटोकॉल और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए विशेषज्ञों द्वारा ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही इन ड्राइवरों को मुख्यमंत्री के काफिले में इस वाहन को चलाने की अनुमति दी जाएगी। माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया अगले दो से तीन दिनों में पूरी हो जाएगी।
महिंद्रा XEV 9e की खासियत
मुख्यमंत्री के लिए खरीदी गई महिंद्रा XEV 9e कंपनी की एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक SUV है। यह आधुनिक तकनीक और सुरक्षा फीचर्स से लैस मानी जाती है।
इसकी शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹21.90 लाख से शुरू होती है, जबकि टॉप वेरिएंट की कीमत ₹30 लाख से अधिक तक जाती है। यह वाहन लंबी रेंज, फास्ट चार्जिंग और एडवांस ड्राइविंग असिस्ट सिस्टम जैसी सुविधाओं के लिए जाना जाता है।
EV में रिजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम, डिजिटल कॉकपिट, और कई स्मार्ट कनेक्टेड फीचर्स भी शामिल हैं, जो इसे आधुनिक वीआईपी उपयोग के लिए उपयुक्त बनाते हैं।
डिप्टी सीएम ने भी अपनाई EV
इसी बीच राज्य के डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल ने भी इलेक्ट्रिक वाहन को अपनाया है। उन्होंने एमजी कंपनी की इलेक्ट्रिक कार खरीदी है और हाल ही में रीवा जिले के लोही गांव स्थित खेम सागर तालाब में जल पूजन के लिए इसी EV का उपयोग किया।
यह संकेत देता है कि राज्य के शीर्ष नेतृत्व में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को लेकर रुचि तेजी से बढ़ रही है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के इस कदम से प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिलेगा। मध्यप्रदेश पहले ही स्वच्छ ऊर्जा और सोलर प्रोजेक्ट्स में आगे बढ़ रहा है, और अब सरकारी वाहनों में EV का उपयोग इस दिशा में एक और मजबूत कदम है।
पर्यावरणविदों के अनुसार, EV के उपयोग से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिलेगी। शहरी क्षेत्रों में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए यह पहल और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
राजनीतिक और प्रशासनिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मुख्यमंत्री का यह निर्णय एक मजबूत संदेश देता है कि सरकार केवल नीति बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि खुद भी बदलाव को अपनाने के लिए तैयार है।
यह कदम न केवल प्रशासनिक स्तर पर बल्कि जनता के बीच भी ई-मोबिलिटी के प्रति जागरूकता बढ़ाएगा। आने वाले समय में सरकारी विभागों में इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग और बढ़ सकता है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का इलेक्ट्रिक कार से सफर शुरू करना मध्यप्रदेश के लिए एक नई शुरुआत माना जा रहा है। सुरक्षा मानकों, तकनीकी तैयारी और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यह पहल राज्य को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल प्रशासन की दिशा में आगे ले जाती है।
आने वाले दिनों में जब सीएम इस नई इलेक्ट्रिक कार से आधिकारिक रूप से सफर करते नजर आएंगे, तब यह कदम देश में सरकारी ई-मोबिलिटी के लिए एक उदाहरण के रूप में देखा जाएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस