कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा से छेड़छाड़, समाज की भावनाओं से खिलवाड़ — दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग— सर्वसमाज सड़क पर उतरा

वरिष्ठ भाजपा नेता एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पूर्व अध्यक्ष कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा से छेड़छाड़ और आवरण जलाने की घटना ने समाज में गहरा आक्रोश उत्पन्न किया। विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने पुलिस आयुक्त हरिनारायण मिश्रा से भेंट कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस आयुक्त ने त्वरित जांच और सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस घटना ने सामाजिक समरसता और सम्मान की भावना की रक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया।

कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा से छेड़छाड़, समाज की भावनाओं से खिलवाड़ — दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग— सर्वसमाज सड़क पर उतरा

कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा अपमानित, समाज की भावनाओं से खिलवाड़ — दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग

भोपाल, 12 जनवरी 2026

भाजपा के संस्थापक सदस्य, वरिष्ठ पूर्व सांसद एवं अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, सामाजिक समरसता के प्रतीक स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग की प्रतिमा पर लगाए गए आवरण (कपड़े) को जलाने एवं प्रतिमा से छेड़छाड़ की घटना को लेकर सर्वसमाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

इस घटना के विरोध में सोमवार को विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस आयुक्त हरिनारायण मिश्रा से भेंट कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने इस कृत्य को समाज की भावनाओं को आहत करने वाला तथा कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती देने वाला बताया और शीघ्र व सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

पुलिस आयुक्त ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि प्रकरण की त्वरित जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधिमंडल में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री अजय श्रीवास्तव ‘नीलू’, प्रदेशाध्यक्ष  सुनील श्रीवास्तव, प्रदेश महामंत्री  ब्रजेश श्रीवास्तव, जिला अध्यक्ष  महेंद्र श्रीवास्तव सहित विभिन्न समाजों के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इनमें नेमा, जैन, माहेश्वरी, राठौर, जाट, यादव, सिंधी, गुजराती समाज तथा चेंबर ऑफ कॉमर्स, हिंदू उत्सव समिति और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल थे।

सर्वसमाज ने एक स्वर में मांग की कि समाज में शांति, सौहार्द और सम्मान की भावना को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे कृत्यों पर कठोर और उदाहरणात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी इस प्रकार का दुस्साहस न कर सके।