मैहर शारदा मंदिर में बंदूक लेकर गए राजा भैया:बाहुबली नेता का शक्ति प्रदर्शन, प्रतिबंध के बावजूद गर्भगृह तक पहुंचे हथियार
मैहर स्थित मां शारदे के मंदिर में कुंडा विधायक राजा भैया ने शस्त्र पूजा करवाई है। वीडियो वायरल होने के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। मंदिर में शस्त्र लेकर जाना प्रतिबंधित है। वहीं, मंदिर प्रबंधन ने चुप्पी साध रखी है।
मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर में नियमों के उल्लंघन का एक हाई-प्रोफाइल मामला सामने आया है। यूपी के विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने शारदा मंदिर के गर्भगृह में राइफल ले जाकर पूजा की, जबकि यहां शस्त्र पूर्णतः प्रतिबंधित हैं।
मैहर स्थित मां शारदा मंदिर में उत्तर प्रदेश के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने प्रतिबंधित होने के बावजूद शस्त्र पूजा की। यह घटना 6 फरवरी की है, जिसका वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया। इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मंदिर प्रबंध समिति ने जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिसर में किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र ले जाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है। इसकी सूचना मंदिर के प्रवेश द्वार पर भी अंकित है। इसके बावजूद, जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजा भैया अपने समर्थकों के साथ शस्त्र लेकर न केवल मंदिर परिसर तक पहुंचे, बल्कि गर्भगृह में भी प्रवेश किया।
पुजारी ने बंदूकों पर बांधी चुनरी गर्भगृह में उन्होंने मां शारदा की पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने साथ लाई हुई रायफल पुजारी नितिन महाराज को दी, जिस पर पुजारी ने चुनरी बांधी और फूलों की माला चढ़ाकर पूजा करवाई। मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश भी प्रतिबंधित है, लेकिन राजा भैया को वहां प्रवेश की अनुमति कैसे मिली, इस पर सभी ने चुप्पी साध रखी है।
राजा भैया ने की शस्त्र पूजा
मैहर स्थित मां शारदा देवी मंदिर परिसर में अस्त्र-शस्त्र लेकर प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है. जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह नियम मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा बनाया गया है. इसकी सूचना मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर स्पष्ट रूप से अंकित भी है. इसके बावजूद उत्तर प्रदेश के विधायक व जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया द्वारा मंदिर में शस्त्र पूजा किए जाने का मामला सामने आया है.
राइफल पर बांधी चुनरी, माला पहनाकर करवाई पूजा
पूजा के दौरान पुजारी ने राइफल पर चुनरी बांधी, फूलों की माला पहनाई और विधिवत पूजा संपन्न करवाई. जबकि मंदिर परिसर में किसी भी प्रकार की शस्त्र पूजा पर स्पष्ट रूप से प्रतिबंध है. इस पूरे मामले पर मंदिर प्रबंधन, पुजारी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदारों ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है.
आश्चर्यजनक रूप से, इस पूरी प्रक्रिया के दौरान न तो मंदिर के पुजारी ने उन्हें शस्त्र पूजा करने से रोका और न ही वहां मौजूद पुलिस बल ने कोई हस्तक्षेप किया। यह स्थिति मंदिर की सुरक्षा और नियमों के प्रवर्तन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
पुजारी सीढ़ियों तक छोड़ने भी गए राजा भैया के समर्थकों ने सोमवार को यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें उन्हें गर्भगृह में बैठकर पूजा करते देखा जा सकता है। वीडियो में पुजारी भी उन्हें मंदिर की सीढ़ियों तक छोड़ने आते नजर आ रहे हैं। वीडियो के सामने आने के बाद ही यह मामला प्रकाश में आया।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस