दिल्ली के 9 मेट्रो स्टेशन के नाम बदले, सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- 'जनभावनाओं के अनुरूप फैसला,पीतमपुरा अब कहलाएगा मधुबन चौक
दिल्ली सरकार की राज्य नाम प्राधिकरण ने नौ मेट्रो स्टेशनों के नाम बदलने का फैसला लिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में 21 प्रस्तावों पर विचार किया गया. सात नामों में संशोधन, दो का पूर्ण नाम परिवर्तन और 12 नाम यथावत रखने का निर्णय लिया गया. सरकार का कहना है कि बदलाव स्थानीय पहचान और जनभावनाओं के अनुरूप किए गए हैं.
दिल्ली सरकार ने 9 मेट्रो स्टेशनों के नाम बदले हैं। राज्य नाम प्राधिकरण की अध्यक्ष मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में 21 प्रस्तावित नामों की समीक्षा की गई। इसमें 7 स्टेशनों के नाम संशोधित किए गए और 2 नाम पूरी तरह बदल दिए गए।
नई दिल्ली:दिल्ली की लाइफलाइन कही जाने वाली मेट्रो, देश की राजधानी की असली शान है. अगर आप रोजाना मेट्रो में सफर करते हैं तो आपके लिए जरूरी खबर है. दरअसल खबर ये है कि आपके जाने-पहचाने कुछ स्टेशन अब अलग नाम से पहचाने जाएंगे. दिल्ली सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में दिल्ली के कुछ मेट्रो स्टेशनों के नामों पर अहम निर्णय लिया गया. फैसले के अनुसार 12 स्टेशन पहले जैसे ही रहेंगे, वहीं 7 स्टेशनों के नामों को मॉडिफाई किया गया है और 2 स्टेशनों के नाम पूरी तरह बदले गए हैं. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के मुताबिक, यह बदलाव जनभावनाओं और स्थानीय पहचान के अनुरूप किए गए हैं.
क्या बदला, क्या नहीं: एक नजर
12 स्टेशन—बिना बदलाव
मजलिस पार्क, भलस्वा, हैदरपुर बादली मोड़, दीपाली चौक, यमुना विहार, भजनपुरा, खजूरी खास, सूरघाट, झड़ौदा माजरा, बुराड़ी, पुष्पांजलि, मौजपुर–बाबरपुर इन मेट्रो स्टेशनों के नामों में कोई बदलाव नहीं किया गया है.
7 स्टेशनों के नाम मॉडिफाई
उत्तरी पीतमपुरा–प्रशांत विहार (पूर्व नाम: प्रशांत विहार)
जगतपुर–वजीराबाद (पूर्व नाम: जगतपुर)
नानक प्याऊ–डेरावल नगर (पूर्व नाम: डेरावल नगर)
खानपुर–वायुसैनाबाद (पूर्व नाम: खानपुर)
नानकसर–सोनिया विहार (पूर्व नाम: सोनिया विहार)
श्री राम मंदिर मयूर विहार (पूर्व नाम: मयूर विहार पॉकेट–1)
मंगोलपुर कलां–वेस्ट एन्क्लेव (पूर्व नाम: वेस्ट एन्क्लेव)
2 स्टेशनों के नाम पूरी तरह से बदले
हैदरपुर गांव (पूर्व नाम: नॉर्थ पीतमपुरा)
मधुबन चौक (पूर्व नाम: पीतमपुरा)
सीएम का कहना, नाम स्थानीय पहचान से जुड़ेंगे
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि नए/संशोधित नाम स्थानीय पहचान, इतिहास और लोगों की भावनाओं से बेहतर तालमेल बैठाते हैं. बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद संबंधित विभाग नाम परिवर्तन से जुड़े प्रदर्शनों/साइनबोर्ड, मानचित्र और घोषणाओं को चरणबद्ध तरीके से अपडेट करेगा.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस