मैथिली ठाकुर की विधानसभा वाली स्पीच वायरल- लालू को बताया 'धृतराष्ट्र' और तेजस्वी को 'दुर्योधन',जंगलराज की याद दिलाकर कही यह बात
मैथिली ठाकुर ने बिहार विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान जोरदार भाषण दिया। उन्होंने लालू प्रसाद यादव को धृतराष्ट्र और तेजस्वी यादव को दुर्योधन बताया, जिससे सदन में हंगामा हुआ। ठाकुर ने 'जंगलराज' की आलोचना करते हुए नीतीश कुमार के नेतृत्व में शिक्षा और महिला सुरक्षा में हुए सुधारों की सराहना की, विशेषकर साइकिल योजना की सफलता पर जोर दिया।
बिहार विधानसभा में भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर ने आज मेडन स्पीच दिया। इस दौरान उन्होंने सत्ता पक्ष और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की सराहना की, जबकि आरजेडी शासन काल को याद करते हुए महाभारत के धृतराष्ट्र और दुर्योधन का जिक्र किया। जबिकि नीतीश कुमार की तुलना युधिष्ठिर की तरह धर्मराज वाले शासन से किया।
विधानसभा में शिक्षा बजट पर चर्चा के दौरान बीजेपी विधायक मैथिली ठाकुर ने ऐसा भाषण दिया जिसने पूरे सदन का माहौल गर्मा दिया। उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत संस्कृत के श्लोक &तमसो मा ज्योतिर्गमय&य से की और कहा कि यह पंक्ति उन्हें अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ते बिहार की याद दिलाती है। उन्होंने पुराने दौर को याद करते हुए कहा कि कभी ऐसा समय था जब महिलाएं घर से बाहर निकलने में भी डरती थीं। आज वही महिलाएं दरभंगा से पटना तक आत्मविश्वास के साथ सफर कर रही हैं। उनके इन शब्दों पर सत्ता और विपक्ष के बीच जोरदार प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। मैथिली ठाकुर ने विपक्ष पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि क्या सबको वह दौर याद है जब बिहार को &जंगलराज&य कहा जाता था। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय शिक्षा व्यवस्था बुरी तरह चरमराई हुई थी। सरकारी स्कूलों की हालत जर्जर थी, कई जगहों पर ताले लटक रहे थे और बजट का असर जमीन पर नजर नहीं आता था। गरीब परिवारों के बच्चों के लिए पढ़ाई एक सपना बनकर रह गई थी। उन्होंने कहा कि उस समय की सच्चाई से विपक्ष भी अनजान नहीं है, क्योंकि वे खुद उस व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं।
लालू-तेजस्वी पर तीखी हमला
अपने भाषण के दौरान मैथिली ठाकुर ने लालू प्रसाद यादव की तुलना महाभारत के धृतराष्ट्र से की। उन्होंने कहा कि उस समय के शासक को बिहार रूपी हस्तिनापुर की चिंता नहीं थी, बल्कि केवल अपने &दुर्योधन&य की फिक्र थी। इसी संदर्भ में उन्होंने तेजस्वी यादव को दुर्योधन बताया। इस टिप्पणी के बाद आरजेडी विधायकों ने जोरदार विरोध शुरु कर दिया और सदन में हंगामे की स्थिति बन गई। कुछ देर तक जमकर नोकझोंक चलती रही, लेकिन मैथिली अपने रुख पर कायम रहीं और उन्होंने अपने आरोपों को राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बताया।
नीतीश का मॉडल और साइकिल योजना का फायदा
मैथिली ठाकुर ने कहा कि जैसे महाभारत में युधिष्ठिर के शासन में शांति स्थापित हुई, वैसे ही नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार ने विकास की राह पकड़ी। उन्होंने खासतौर पर साइकिल योजना का जिक्र करते हुए कहा कि कभी इसका मजाक उड़ाया गया था, लेकिन इसी योजना ने हजारों बेटियों को स्कूल तक पहुंचाया। पहियों ने सिर्फ दूरी नहीं नापी, बल्कि बेटियों के सपनों को पंख दिए। उन्होंने दावा किया कि आज शिक्षा और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में जो बदलाव दिख रहा है, वह इसी नई सोच का ही परिणाम है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस