बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन: 20 साल बाद BNP की वापसी, तारिक रहमान बनेंगे पीएम; 35 साल बाद देश को मिलेगा पुरुष प्रधानमंत्री
बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। करीब 20 साल बाद Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने सत्ता में वापसी की है। चुनावी नतीजों के बाद पार्टी नेता Tarique Rahman का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। यह बदलाव इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि करीब 35 साल बाद देश को एक पुरुष प्रधानमंत्री मिलने जा रहा है। BNP की जीत को सत्ता विरोधी लहर और बदलाव की चाह का परिणाम माना जा रहा है, जिससे बांग्लादेश की नीतियों और राजनीतिक दिशा में अहम परिवर्तन संभव है।
20 साल बाद BNP की सत्ता में धमाकेदार वापसी
तारिक रहमान के हाथों में देश की कमान तय
35 साल बाद बांग्लादेश को मिलेगा पुरुष प्रधानमंत्री
बांग्लादेश में सियासी भूचाल: 20 साल बाद BNP की ऐतिहासिक वापसी, 209 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत
ढाका। बांग्लादेश की राजनीति में गुरुवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने आम चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करते हुए 299 में से 209 सीटों पर कब्जा कर लिया। बहुमत के लिए आवश्यक 150 सीटों के आंकड़े को पार्टी ने आसानी से पार कर लिया है। अब तक 286 सीटों के परिणाम घोषित हो चुके हैं और रुझानों से स्पष्ट है कि देश में दो दशक बाद सत्ता परिवर्तन हो चुका है।
यह परिणाम न केवल राजनीतिक बदलाव का संकेत है, बल्कि बांग्लादेश की सत्ता संरचना में एक बड़े दौर के अंत और नए अध्याय की शुरुआत भी माना जा रहा है।
जमात गठबंधन को 70 सीटें, विपक्ष की नई तस्वीर
Jamaat-e-Islami Bangladesh के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को अब तक 70 सीटें मिली हैं। जमात प्रमुख Shafiqur Rahman ने ढाका-15 सीट से जीत दर्ज की है।
हालांकि यह गठबंधन मुख्य विपक्ष के रूप में उभरा है, लेकिन BNP के स्पष्ट बहुमत के सामने उसकी भूमिका सीमित मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में संसद के भीतर गठबंधन की रणनीति अहम होगी।
2008 से 2024 तक आवामी लीग का दबदबा
साल 2008 से 2024 तक Awami League सत्ता में रही। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina ने लगातार देश की कमान संभाली और बांग्लादेश की राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए रखी।
करीब 16 वर्षों तक चले इस शासनकाल में आर्थिक विकास, बुनियादी ढांचे और क्षेत्रीय कूटनीति के मुद्दे प्रमुख रहे, लेकिन विपक्ष लगातार चुनावी पारदर्शिता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राजनीतिक दमन जैसे आरोप उठाता रहा। इस बार के जनादेश को कई विश्लेषक सत्ता विरोधी लहर और बदलाव की इच्छा से जोड़कर देख रहे हैं।
तारिक रहमान की वापसी और प्रधानमंत्री पद की राह
इस चुनाव परिणाम के साथ पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia के बेटे और BNP अध्यक्ष Tarique Rahman का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा और दोनों पर जीत हासिल की। उल्लेखनीय है कि वे पिछले साल दिसंबर में 17 साल बाद देश लौटे थे। लंबे राजनीतिक निर्वासन के बाद उनकी वापसी और अब संभावित प्रधानमंत्री पद तक पहुंचना बांग्लादेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
BNP समर्थकों के बीच इसे “नई शुरुआत” और “राजनीतिक पुनर्जागरण” के रूप में देखा जा रहा है।
35 साल बाद पुरुष प्रधानमंत्री
इस चुनाव की एक और ऐतिहासिक बात यह है कि बांग्लादेश में लगभग 35 साल बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री बनेगा। वर्ष 1988 में Kazi Zafar Ahmed प्रधानमंत्री बने थे।
इसके बाद 1991 से 2024 तक देश की राजनीति दो प्रमुख महिला नेताओं—शेख हसीना और खालिदा जिया—के इर्द-गिर्द घूमती रही। दोनों नेताओं ने बारी-बारी से प्रधानमंत्री पद संभाला और तीन दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रीय राजनीति में केंद्रीय भूमिका निभाई।
अब यह जनादेश उस दौर के अंत का संकेत देता है।
आगे की राह: अर्थव्यवस्था, विदेश नीति और आंतरिक स्थिरता पर नजर
नई सरकार के सामने कई चुनौतियां होंगी—
महंगाई और रोजगार
विदेशी निवेश और आर्थिक स्थिरता
पड़ोसी देशों के साथ संतुलित कूटनीति
लोकतांत्रिक संस्थाओं में विश्वास बहाली
विशेषज्ञों का मानना है कि BNP सरकार को न केवल चुनावी वादों को पूरा करना होगा, बल्कि राजनीतिक ध्रुवीकरण को कम करने की दिशा में भी ठोस कदम उठाने होंगे।
20 साल बाद BNP की सत्ता में वापसी केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि बांग्लादेश की राजनीति में एक युगांतकारी बदलाव है। अब सबकी नजर संभावित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनकी नीतियों पर टिकी है, जो आने वाले वर्षों में देश की दिशा और दशा तय करेंगी।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस