एक और हिंदू व्यापारी की हत्या, बांग्लादेश मे चुनाव के 48 घंटे पहले कुल्हाड़ी से काटा गया हिंदू, फिर शव के साथ हत्यारों की भयानक हरकत
बांग्लादेश में चुनाव नजदीक हैं और कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में नहीं है। चुनाव से सिर्फ कुछ घंटे पहले ही एक और हिंदू की हत्या कर दी गई। कट्टरपंथियों ने उस पर कुल्हाड़ी से हमला किया और फिर शव के साथ ऐसी क्रूरता दिखाई कि सुनकर हर किसी की रूह काँप उठती है। यह हमला उसी इलाके में हुआ है, जहाँ पहले दीपू दास की लिंचिंग और हत्या हुई थी। एक ही इलाके में हुई यह और बड़ी घटना बांग्लादेश की विफल कानून व्यवस्था को उजागर करती है।
बांग्लादेश में आम चुनाव से महज 48 घंटे पहले एक और हिंदू कारोबारी की नृशंस हत्या कर दी. मैयनसिंह इलाके में हमलावरों ने दुकान के भीतर घुसकर इस वारदात को अंजाम दिया और लाश को अंदर छोड़कर बाहर से ताला लगाकर फरार हो गए.
ढाका : बांग्लादेश चुनाव से पहले यूनुस के राज में देश में ऐसी तबाही मची हुई है कि अल्पसंख्यकों की हत्या आम बात हो गई है. 12 फरवरी को होने वाले चुनावों से सिर्फ 48 दिनों पहले एक और हिंदू का मर्डर कर दिया गया है. ये शॉकिंग घटना मैमनसिंह जिले से ही आई है जहां दीपू दास को कट्टरपंथियों की भीड़ ने लिंच किया था और फिर डेड बॉडी को आग लगा दी थी. इस बार एक हिंदू चावल व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार को निशाना बनाया गया है, जिसे कुल्हाड़ी से काटा गया है. इसके बाद उसके शव को गल्ले पर ही छोड़कर कट्टरपंथी हत्यारे भाग गए.
दुकान में कुल्हाडी से काटकर लगाया ताला
ये घटना बांग्लादेश के मैयनसिंह जिले के त्रिशाल उपजिला में हुई है, जहां एक हिंदू चावल व्यापारी सुशेन चंद्र सरकार पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया. उसके उसकी दुकान में ही कुल्हाडी से काटकर मौत के घाट उतार दिया गया. हत्या के बाद कायर कट्टरपंथी पकड़े जाने के डर से फरार हो गए. व्यापारी के खून से दुकान में मौजूद खून की बोरियां लाल हो रही थीं और हत्यारों ने बाहर से शटर बंद कर ताला लगा दिया था. ताकि लाश सड़ती रहे और किसी को पता ना चले. बताया जा रहा है कि ये घटना करीब सोमवार रात करीब 11 बजे हुई है.
त्रिशाला पुलिस ने बताया कि सुशेन चंद्र सरकार ‘मेसर्स भाई भाई इंटरप्राइजेज’ के मालिक थे और दक्षिणकांडा गांव के रहने वाले थे. जब वो दुकान में अकेले थे तभी हत्यारे कुल्हाड़ी लेकर घुस आए थे और हत्या के बाद से उनका कोई अता-पता नहीं है. हर बार की तरह इस बार भी पुलिस ढीली-ढाली जांच में जुटी है और कोई हत्यारा हाथ नहीं लगा है.
बता दें कि मैयनसिंह में यह तीसरी ऐसी हत्या है, जिससे अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय में डर और चिंता का माहौल है. इससे पहले बजेंद्र बिस्वास नाम के व्यक्ति को सहकर्मी ने गारमेंट फैक्ट्री में गोली मारकर हत्या कर दी थी. उससे कुछ दिन पहले ही इसी इलाके में फैक्ट्री में काम करने वाले दीपु चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा के आरोप लगाकर भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था.
अकेले दिसंबर में हिंसा की 51 घटनाएं
सुसेन चंद्र सरकार की हत्या अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाकर की गई हिंसा की नवीनतम घटना है. दिसंबर में कट्टरपंथी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद से बांग्लादेश में हिंदू आबादी कई घटनाओं से प्रभावित हुई है. पिछले महीने ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद' ने आरोप लगाया था कि जैसे-जैसे आम चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है, देश में सांप्रदायिक हिंसा खतरनाक दर से बढ़ रही है. परिषद ने कहा कि उसने अकेले दिसंबर 2025 में सांप्रदायिक हिंसा की 51 घटनाएं दर्ज कीं. बांग्लादेश में 12 फरवरी को संसदीय चुनाव होंगे. अगस्त 2024 में व्यापक जन आंदोलन के कारण तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के उपरांत बांग्लादेश में पहला चुनाव होगा. वर्ष 2022 की जनगणना के अनुसार, बांग्लादेश में हिंदू आबादी लगभग एक करोड़ 31 लाख है, जो देश की कुल आबादी का लगभग 7.95 प्रतिशत है.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस