उरई विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणाधीन मैरिज हॉल को किया सील

उरई विकास प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर सरोवर पोर्टिको के पास बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माणाधीन एक अवैध मैरिज हॉल को सील कर दिया। निर्माणकर्ता द्वारा नोटिस के बाद भी शमन मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करते हुए स्थल को सील कर पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति निर्माण करने वालों पर नोटिस, सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

उरई विकास प्राधिकरण ने अवैध निर्माणाधीन मैरिज हॉल को किया सील

अवैध निर्माण पर उरई विकास प्राधिकरण की बड़ी कार्रवाई

बिना मानचित्र स्वीकृति बन रहा था मैरिज हॉल

नोटिस के बाद भी नहीं हुआ शमन मानचित्र दाखिल

जिलाधिकारी के निर्देश पर हुई सीलिंग की कार्रवाई

प्रवर्तन टीम और पुलिस बल की मौजूदगी में सील

निर्माण स्थल को पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया

उरई। जनपद में अवैध निर्माणों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत उरई विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर सरोवर पोर्टिको के पास निर्माणाधीन एक अवैध मैरिज हॉल को सील कर दिया। यह निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृत कराए और बिना प्राधिकरण की अनुमति के किया जा रहा था। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध निर्माणकर्ताओं में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार सरोवर पोर्टिको के समीप उदय प्रताप एवं अन्य द्वारा एक मैरिज हॉल का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा था। यह निर्माण उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए किया जा रहा था। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माणकर्ता द्वारा न तो भवन मानचित्र स्वीकृत कराया गया था और न ही निर्धारित शमन मानचित्र प्रस्तुत किया गया था।

प्राधिकरण द्वारा पूर्व में ही इस अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया गया था। यह नोटिस उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम 1973 की धारा 27 के अंतर्गत जारी किया गया था, जिसमें स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत किए जाएं। लेकिन निर्माणकर्ता द्वारा न तो नोटिस का पालन किया गया और न ही कोई वैध मानचित्र प्रस्तुत किया गया।

इसी क्रम में जिलाधिकारी एवं उरई विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के निर्देश पर आज प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर पहुंची और सख्त कार्रवाई करते हुए निर्माणाधीन अवैध मैरिज हॉल को सील कर दिया। साथ ही पूरे परिसर को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया ताकि किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या निर्माण कार्य आगे न हो सके।

कार्रवाई के दौरान उरई विकास प्राधिकरण के सचिव, प्रवर्तन टीम के अधिकारी एवं पर्याप्त पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। पूरी कार्रवाई को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया और किसी भी प्रकार का विरोध या बाधा उत्पन्न नहीं होने दी गई।

प्राधिकरण अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर नियमों की अनदेखी कर बनाए जा रहे भवनों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त संदेश

उरई विकास प्राधिकरण की इस कार्रवाई को अवैध निर्माणकर्ताओं के लिए एक सख्त संदेश माना जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि बिना मानचित्र स्वीकृत कराए किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे मामलों में पहले नोटिस, फिर सीलिंग और आवश्यक होने पर ध्वस्तीकरण एवं अभियोजन की कार्रवाई भी की जाएगी।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि शहरी क्षेत्र में किसी भी प्रकार का व्यवसायिक निर्माण करने से पहले नियमानुसार स्वीकृति लेना अनिवार्य है। इसके बिना किया गया कोई भी निर्माण अवैध माना जाएगा और उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में विशेष निगरानी

राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के आसपास का क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है, जिसके चलते यहां व्यावसायिक निर्माणों की संख्या भी बढ़ रही है। इसी कारण अवैध निर्माण की शिकायतें लगातार प्राप्त हो रही थीं। सरोवर पोर्टिको के पास स्थित यह निर्माण भी शिकायत के आधार पर जांच में लिया गया था।

प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के आसपास निर्माण के लिए विशेष नियम लागू होते हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है। बिना अनुमति मैरिज हॉल, होटल या अन्य व्यवसायिक निर्माण पूरी तरह अवैध श्रेणी में आता है।

स्थल को पुलिस अभिरक्षा में सौंपा गया

सीलिंग की कार्रवाई के बाद पूरे निर्माण स्थल को पुलिस अभिरक्षा में सौंप दिया गया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति सील किए गए स्थल पर किसी प्रकार का निर्माण कार्य या बदलाव न कर सके।

मौके पर पुलिस द्वारा परिसर को पूरी तरह सुरक्षित किया गया और चेतावनी बोर्ड लगाए गए, जिसमें स्पष्ट लिखा गया है कि यह निर्माण अवैध है और किसी भी प्रकार की गतिविधि प्रतिबंधित है।

विकासकर्ताओं के लिए चेतावनी

प्राधिकरण ने जिले के सभी विकासकर्ताओं, बिल्डरों और भवन निर्माण करने वालों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृति अवश्य प्राप्त करें। प्राधिकरण ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।

सचिव ने बताया कि आगे भी इस प्रकार के अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। यदि कोई व्यक्ति या संस्था बिना स्वीकृति निर्माण करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ तत्काल सीलिंग, ध्वस्तीकरण और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की सख्ती से बढ़ी हलचल

इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में निर्माण कार्यों में लगे लोगों में हलचल देखी जा रही है। कई स्थानों पर निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोक दिए जाने की सूचना भी सामने आई है। प्राधिकरण की टीम अब अन्य संदिग्ध निर्माण स्थलों की भी जांच कर रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और शहर का विकास नियोजित तरीके से हो सकेगा।

उरई विकास प्राधिकरण द्वारा की गई यह कार्रवाई अवैध निर्माणों के खिलाफ एक मजबूत कदम माना जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। इससे शहर में सुव्यवस्थित और नियोजित विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।