हाथ में भ्रूण लेकर कोर्ट पहुंचा शख्स, जज के सामने रखा मृत बच्चा; सुरक्षा में तैनात 4 पुलिसकर्मी निलंबित, एसपी की कार्रवाई,कोर्ट में मची अफरातफरी
कोर्ट परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति हाथ में मृत भ्रूण लेकर अदालत कक्ष तक पहुंच गया और जज के सामने उसे रख दिया। घटना को गंभीर सुरक्षा चूक मानते हुए पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सुरक्षा ड्यूटी में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है और पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
MP हाईकोर्ट में एक ऐसी घटना घटी जिसने जजों से लेकर वकीलों और सुरक्षाकर्मियों तक, सबके होश उड़ा दिए. एक पिता अपने अजन्मे बच्चे का भ्रूण हाथ में लेकर सीधे जज की डाइस तक पहुंच गया. इस सनसनीखेज कदम के पीछे 200 करोड़ रुपये के घोटाले और जानलेवा हमले की एक खौफनाक कहानी सामने आई है.
जबलपुर हाईकोर्ट परिसर में भ्रूण लेकर पहुंचने के मामले में जबलपुर एसपी ने सुरक्षा ड्यूटी में तैनात चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। यह घटना सोमवार को सामने आई थी। मंगलवार को एसपी संपत उपाध्याय ने कार्रवाई करते हुए एएसआई और तीन पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया।
एसपी संपत उपाध्याय ने एएसआई मुन्ना अहिरवार, हेड कांस्टेबल ब्रह्मदत्त खत्री, हेड कांस्टेबल अरुण उपाध्याय और कांस्टेबल प्रतीक सोनकर को निलंबित कर दिया है। इन सभी की ड्यूटी हाईकोर्ट की सुरक्षा में लगी थी।
गेट नंबर 6 से बैग लेकर परिसर में दाखिल हुआ
रीवा जिले के बैकुंठपुर निवासी दयाशंकर पांडे सोमवार को गेट नंबर 6 से हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुआ। उसके बैग में दस्तावेजों के साथ भ्रूण रखा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही परिसर में हड़कंप की स्थिति बन गई।
दयाशंकर पांडे ने पुलिस कार्रवाई को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। सोमवार को इसी मामले में सुनवाई थी। वह स्वयं ही अपने केस की पैरवी करने हाईकोर्ट पहुंचा था।
हमलों की शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने का आरोप
दयाशंकर का आरोप है कि उस पर और उसके परिवार पर कई बार हमले हुए। उसने इन घटनाओं की शिकायत रीवा पुलिस से की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उसने हाईकोर्ट में याचिका लगाई।
2024 में निर्दलीय चुनाव लड़ने का दावा
दयाशंकर का कहना है कि उसने 2024 में विधानसभा और लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव हारने के बाद से उस पर हमले होने का आरोप उसने लगाया है।
दयाशंकर के मुताबिक 1 मार्च को वह पत्नी और चार साल की बच्ची के साथ बाइक से जा रहा था। इसी दौरान एक बिना नंबर की कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिसमें उसकी पत्नी घायल हो गई। 8 मार्च को उसकी पत्नी के गर्भ में पल रहे बच्चे का मिसकैरेज हो गया।
फरियादी का कहना है, पांच बार हो चुका है उनके और उनके परिवार के ऊपर हमला
दयाशंकर का कहना है कि अब तक उनके और उनके परिवार के ऊपर पांच बार हमला हो चुका है. एक बार उनकी गाड़ी में आग लगी तब उनकी कार में उनकी बेटी बैठी थी. दूसरी बार जब वह अपने पिताजी के साथ जा रहे थे तब उनके साथ एक्सीडेंट हुआ. इसी तरह उनके साथ दो और घटनाएं घटी हैं.
दरअसल, रीवा निवासी दयाशंकर पांडे पहले जबलपुर के शुभ मोटर्स में अकाउंटेंट के तौर पर काम करते थे. उनके दावों के अनुसार काम के दौरान उन्हें शोरूम में करीब 200 करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले की जानकारी मिली थी. जब उन्होंने इस घोटाले के खिलाफ आवाज उठाई और सच बोलना चाहा, तो उन पर और उनके परिवार पर "जानलेवा हमले शुरू हो गए"
दयाशंकर का कहना है कि हर घटना के बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत की लेकिन पुलिस इन घटनाओं को सामान्य बता रही है. जबकि उन्हें इस बात का डर है कि कोई उनकी हत्या करवाना चाहता है. बेहद परेशान होकर उन्होंने हाई कोर्ट में एक याचिका लगाकर इच्छा मृत्यु की मांग की है. उनका कहना है कि जब कहीं न्याय नहीं मिल रहा है तो उसे इच्छा मृत्यु दे दी जाए.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस