खाद नहीं मिलने से नाराज़ किसान हाईटेंशन टावर पर चढ़ा, 4 घंटे चला हाई वोल्टेज ड्रामा; प्रशासन के आश्वासन पर उतरा नीचे
सिंगरौली जिले के हर्रहवा क्षेत्र में सोमवार दोपहर खाद की कमी से परेशान चार किसान एक 300 फीट ऊंचे हाईटेंशन बिजली टॉवर पर चढ़ गए। करीब चार घंटे तक किसान टावर पर चढ़े रहे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को सुरक्षित नीचे उतारा गया।
खाद और बीज की कमी से बढ़ा किसानों का आक्रोश
सुबह से परेशान किसान अचानक टावर पर चढ़ा
मौके पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीम
बिजली सप्लाई बंद कर बचाई गई जान
सिंगरौली (मध्य प्रदेश)। जिले के हर्रहवा क्षेत्र में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया जब खाद और बीज की कमी से परेशान एक किसान हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। इस घटना ने न सिर्फ स्थानीय प्रशासन को सकते में डाल दिया बल्कि पूरे इलाके में घंटों तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। करीब चार घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद जब प्रशासन ने उचित व्यवस्था का आश्वासन दिया, तब जाकर किसान सुरक्षित रूप से नीचे उतरा।
खाद और बीज की कमी से बढ़ा आक्रोश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्रहवा क्षेत्र का यह किसान पिछले कई दिनों से खेती के लिए आवश्यक खाद और बीज की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभागों और दुकानों के चक्कर लगा रहा था। लेकिन उसे लगातार निराशा ही हाथ लग रही थी। समय पर खेती कार्य प्रभावित होने और फसल खराब होने की आशंका से किसान मानसिक रूप से काफी दबाव में आ गया था।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, क्षेत्र में खाद वितरण व्यवस्था में अनियमितता और कालाबाजारी की शिकायतें लंबे समय से मिल रही हैं। कई किसानों का आरोप है कि सरकारी केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं हो पाती, जबकि बाजार में वही खाद ऊंचे दामों पर आसानी से मिल जाती है।
अचानक टावर पर चढ़ा किसान, मचा हड़कंप
मंगलवार सुबह जब किसान को फिर से खाद उपलब्ध नहीं हुई, तो वह आक्रोशित हो गया और सीधे गांव के पास स्थित हाईटेंशन बिजली टावर पर चढ़ गया। जैसे ही लोगों ने उसे ऊंचे टावर पर चढ़ते देखा, पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस और प्रशासन को दी। कुछ ही देर में मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग डर और चिंता के बीच टावर पर चढ़े किसान को नीचे उतरने के लिए समझाने लगे, लेकिन वह अपनी मांगों पर अड़ा रहा।
प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंचे
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय कोतवाली पुलिस बल, प्रशासनिक अधिकारी और बिजली विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सबसे पहले बिजली सप्लाई को अस्थायी रूप से बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार टावर पर चढ़े किसान से संवाद करते रहे। उसे शांत करने और नीचे उतरने के लिए समझाइश दी जाती रही। अधिकारियों ने उसे आश्वस्त किया कि उसकी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और उसे खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
चार घंटे तक चला हाई वोल्टेज ड्रामा
यह पूरा घटनाक्रम करीब चार घंटे तक चलता रहा। इस दौरान मौके पर भारी संख्या में ग्रामीण जमा रहे। कई लोग मोबाइल से घटना का वीडियो बनाते दिखे, जो बाद में सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो गया।
टावर पर चढ़ा किसान बीच-बीच में अपनी नाराजगी जाहिर करता रहा और प्रशासन से तुरंत समाधान की मांग करता रहा। वहीं पुलिस और बचाव दल लगातार स्थिति को संभालने में जुटे रहे। किसी भी तरह की अनहोनी से बचने के लिए आसपास का क्षेत्र पूरी तरह से घेर लिया गया था।
ग्रामीणों में नाराजगी, व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में काफी नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब किसानों को खाद और बीज के लिए इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो। कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी वितरण प्रणाली में गंभीर खामियां हैं, जिसके कारण किसानों को मजबूरी में इस तरह के कदम उठाने पड़ते हैं।
कुछ किसानों ने यह भी कहा कि समय पर खाद न मिलने से उनकी फसल पर सीधा असर पड़ता है, जिससे आर्थिक नुकसान होता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए।
प्रशासन का आश्वासन और समाधान
लगातार समझाइश और आश्वासन के बाद प्रशासन ने किसान की मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई का भरोसा दिया। अधिकारियों ने कहा कि संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी किए गए हैं और खाद-बीज की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
इसके बाद धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होने लगी। प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस की सूझबूझ के चलते किसान को सुरक्षित रूप से नीचे उतार लिया गया। नीचे आने के बाद उसे प्राथमिक जांच के लिए स्वास्थ्य टीम को भी दिखाया गया।
संभावित बड़ा हादसा टला
अधिकारियों ने बताया कि यदि समय रहते बिजली सप्लाई बंद नहीं की जाती और बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित नहीं किया जाता, तो यह घटना बड़ा हादसा बन सकती थी। सौभाग्य से सभी सुरक्षा उपाय समय पर लागू किए गए, जिससे किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।
जांच के आदेश संभव
स्थानीय प्रशासन अब इस पूरे मामले की जांच की बात कर रहा है। शुरुआती तौर पर खाद और बीज वितरण प्रणाली में लापरवाही और अव्यवस्था की आशंका जताई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर किसी स्तर पर अनियमितता पाई जाती है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी
हर्रहवा की यह घटना एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में खाद-बीज वितरण व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े करती है। जहां एक ओर किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं, वहीं दूसरी ओर उनकी मूलभूत जरूरतों को लेकर इस तरह का आक्रोश प्रशासन के लिए चेतावनी है।
चार घंटे चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे ने यह साफ कर दिया कि अगर समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो ऐसे हालात बार-बार देखने को मिल सकते हैं।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस