क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई: 1 किलो एमडी ड्रग्स के साथ 5 आरोपी गिरफ्तार, रैपिडो चालक भी निकला तस्करी नेटवर्क का हिस्सा
इंदौर क्राइम ब्रांच ने सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 किलो एमडी ड्रग्स के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ रुपए की एमडी ड्रग्स, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, स्कॉर्पियो और दो बाइक समेत कुल 1.21 करोड़ रुपए का सामान जब्त किया है। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, इस दौरान स्कॉर्पियो डिवाइडर से टकरा गई। गिरफ्तार आरोपियों में रैपिडो चालक और सैलून कर्मी भी शामिल
इंदौर ड्रग्स केस में बड़ा खुलासा, तस्करी में रैपिडो चालक भी शामिल
सैलून में काम और रैपिडो चलाते थे आरोपी, करोड़ों की एमडी ड्रग्स के साथ गिरफ्तारी
स्कॉर्पियो मालिक की तलाश में जुटी पुलिस, नेटवर्क खंगाल रही क्राइम ब्रांच
खेती-किसानी से जुड़े आरोपी भी ड्रग्स तस्करी में शामिल
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 किलो एमडी ड्रग्स के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 1 करोड़ रुपए कीमत की एमडी ड्रग्स, एक देसी कट्टा, जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो और दो बाइक जब्त की हैं। बरामद सामग्री की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 21 लाख 20 हजार रुपए बताई जा रही है।
यह कार्रवाई मंगलवार सुबह शहर के सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में की गई, जहां क्राइम ब्रांच ने सूचना के आधार पर घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ सैलून में काम करने के साथ रैपिडो भी चलाते थे, जबकि अन्य आरोपी खेती-किसानी से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। अब पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुट गई है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी।
सूचना के बाद शुरू की गई घेराबंदी
एडिशनल पुलिस कमिश्नर राजेश कुमार सिंह के अनुसार क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ लेकर शहर में प्रवेश करने वाले हैं और सप्लाई की तैयारी कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए क्राइम ब्रांच की टीम ने सुपर कॉरिडोर इलाके में निगरानी बढ़ा दी और घेराबंदी कर दी।
पुलिस टीम इलाके में संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इसी दौरान एक काले रंग की स्कॉर्पियो और दो बाइक वहां पहुंचीं। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की। जब टीम ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपी तेजी से मौके से निकलने लगे। भागने के दौरान स्कॉर्पियो चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि स्कॉर्पियो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपियों को घेर लिया और मौके से पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी में मिला 1 किलो एमडी ड्रग्स
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने स्कॉर्पियो और आरोपियों की तलाशी ली तो उसमें से करीब 1 किलो एमडी ड्रग्स बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत लगभग 1 करोड़ रुपए आंकी जा रही है। इसके अलावा एक देसी कट्टा और एक जिंदा कारतूस भी जब्त किया गया।
पुलिस ने मौके से स्कॉर्पियो वाहन, दो मोटरसाइकिल, हथियार और अन्य सामग्री भी कब्जे में ली। अधिकारियों के अनुसार जब्त सामान की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 21 लाख 20 हजार रुपए है।
क्राइम ब्रांच का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। इसी कारण अब पूरे मामले की जांच कई स्तरों पर की जा रही है।
पांच आरोपी गिरफ्तार
क्राइम ब्रांच ने कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें राजस्थान के झालावाड़ जिले के रहने वाले नवीन सोलंकी (25) और शंकर सिंह (33) शामिल हैं। इसके अलावा उज्जैन जिले के विक्रम सिंह (31) और नरेंद्र सिंह (26) को भी गिरफ्तार किया गया है। पांचवां आरोपी इंदौर के सिलिकॉन सिटी क्षेत्र का रहने वाला गोविंद शर्मा (29) है।
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। आरोपियों के आपसी संपर्क, मोबाइल रिकॉर्ड, आर्थिक लेनदेन और यात्रा विवरण की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी पहले से इस कारोबार में शामिल थे या हाल ही में नेटवर्क से जुड़े थे।
रैपिडो चालक और सैलून कर्मी निकले आरोपी
पूछताछ में सामने आया कि आरोपी नवीन सोलंकी और गोविंद शर्मा सैलून में काम करते थे और साथ ही रैपिडो चलाने का भी काम करते थे। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या इन व्यवसायों की आड़ में ड्रग्स सप्लाई का नेटवर्क चलाया जा रहा था।
दूसरी ओर अन्य आरोपी खेती-किसानी से जुड़े बताए गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों की आर्थिक स्थिति, बैंक खातों और हाल के लेनदेन की भी जांच की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि नशे के कारोबार से कितनी कमाई की जा रही थी।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ड्रग्स की सप्लाई शहर के भीतर करने वाले थे या इसे किसी दूसरे जिले अथवा राज्य तक पहुंचाया जाना था।
स्कॉर्पियो मालिक की भूमिका भी जांच के दायरे में
मामले में अब पुलिस का फोकस बरामद स्कॉर्पियो वाहन पर भी है। क्राइम ब्रांच यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन किसके नाम पर पंजीकृत है और उसका इस पूरे नेटवर्क से क्या संबंध है।
यदि वाहन किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर पाया जाता है तो उसकी भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जाएगी। पुलिस यह भी देख रही है कि वाहन पहले किन-किन स्थानों पर गया था और उसमें जीपीएस या अन्य तकनीकी जानकारी उपलब्ध है या नहीं।
माना जा रहा है कि वाहन से जुड़े सुराग पूरे नेटवर्क तक पहुंचने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
सप्लाई नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में लगी है कि बरामद एमडी ड्रग्स की खेप कहां से लाई गई थी। जांच एजेंसियां यह भी जानना चाहती हैं कि इसके पीछे कोई अंतरराज्यीय गिरोह सक्रिय है या नहीं।
मोबाइल फोन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और डिजिटल डेटा की जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार यदि इस मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो आगे और गिरफ्तारियां भी की जा सकती हैं।
नशे के खिलाफ लगातार अभियान
गौरतलब है कि इंदौर पुलिस पिछले कुछ समय से नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। शहर में एमडी ड्रग्स, गांजा और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवाओं को नशे से बचाने और शहर में ड्रग्स नेटवर्क खत्म करने के लिए सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। क्राइम ब्रांच और अन्य एजेंसियों को लगातार सक्रिय रखा गया है ताकि ऐसे नेटवर्क को समय रहते पकड़ा जा सके।
इस कार्रवाई को इंदौर पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि बरामद ड्रग्स की मात्रा और कीमत दोनों काफी अधिक हैं। अब पूरे मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस