पीएम मोदी या तो धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाएं या फिर खुद इसकी जिम्मेदारी लें, NEET एग्जाम लीक पर मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी

नीट पेपर लीक मामले को लेकर राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हुआ है और सरकार जवाबदेही से बच रही है. राहुल गांधी ने मांग की कि या तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाया जाए या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इसकी जिम्मेदारी लें.

पीएम मोदी या तो धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाएं या फिर खुद इसकी जिम्मेदारी लें, NEET एग्जाम लीक पर मोदी सरकार पर बरसे राहुल गांधी

राहुल गांधी ने NEET पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।

राहुल गांधी का मोदी सरकार पर हमला: “धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ या पीएम मोदी जिम्मेदारी लें”, NEET पेपर लीक पर गरमाई सियासत

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। 22 लाख से ज्यादा छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री Narendra Modi पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा है कि अगर सरकार छात्रों के साथ न्याय करना चाहती है, तो केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को तुरंत पद से हटाया जाए या फिर प्रधानमंत्री खुद इस पूरे मामले की जिम्मेदारी लें।

दरअसल, NEET परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों ने देशभर में छात्रों और अभिभावकों के बीच भारी नाराजगी पैदा कर दी है। लाखों छात्र वर्षों की मेहनत, आर्थिक संघर्ष और लगातार तैयारी के बाद इस परीक्षा में शामिल हुए थे। कई छात्रों ने छोटे कस्बों और गांवों से बड़े सपने लेकर मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने की उम्मीद में दिन-रात मेहनत की थी। लेकिन परीक्षा से पहले पेपर लीक होने की खबरों ने छात्रों का भरोसा हिला दिया है।

राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि “22 लाख NEET छात्रों के साथ धोखा हुआ है, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस पर एक शब्द भी नहीं बोल रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत हटाओ या खुद जिम्मेदारी लो।” राहुल गांधी का यह बयान सामने आने के बाद राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

वीडियो संदेश में राहुल गांधी ने कहा कि लाखों छात्रों ने दो-दो साल तक दिन-रात मेहनत की, लेकिन उनकी मेहनत बर्बाद हो गई। उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा से दो दिन पहले ही व्हाट्सऐप पर NEET का पेपर बांटा जा रहा था और पूरा देश इस बात को जानता है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए कहा कि वे इस पूरे मामले से खुद को अलग बताने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदारी उनके मंत्रालय की है।

उन्होंने कहा कि “धर्मेंद्र प्रधान कहते हैं कि मेरा इससे कोई लेना-देना नहीं है। कमेटी ने जो सिफारिशें दीं, उनसे भी उन्होंने खुद को अलग कर लिया। लेकिन देश के छात्रों का भविष्य दांव पर है, ऐसे में जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता।”

कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का सवाल बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस पूरे विवाद पर गंभीरता नहीं दिखा रही और जवाबदेही से बचने की कोशिश कर रही है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हर बड़े मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन NEET जैसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

उन्होंने कहा, “जब लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगा हो, तब सरकार की चुप्पी सबसे बड़ा सवाल बन जाती है। आखिर छात्रों को जवाब कौन देगा? अगर परीक्षा प्रणाली पर ही भरोसा खत्म हो जाएगा, तो देश के युवाओं का भविष्य कैसे सुरक्षित रहेगा?”

NEET विवाद को लेकर देशभर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं। कई राज्यों में छात्र संगठनों और अभिभावकों ने परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। छात्रों का कहना है कि अगर मेहनत के बजाय पैसे और पहुंच के दम पर परीक्षा परिणाम प्रभावित होंगे, तो ईमानदारी से तैयारी करने वाले छात्रों का मनोबल टूट जाएगा।

विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमला बोल रहा है। कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि मामले की जांच एजेंसियां कर रही हैं और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि विपक्ष सरकार के जवाब से संतुष्ट नहीं दिख रहा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि NEET पेपर लीक विवाद आने वाले समय में बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन सकता है, क्योंकि यह सीधे युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा मामला है। देश में पहले भी कई भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोप लग चुके हैं, जिसके चलते परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और सुरक्षा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं।

इस पूरे विवाद के बीच सबसे ज्यादा चिंता उन लाखों छात्रों और उनके परिवारों की है, जिन्होंने मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के सपने के साथ वर्षों तक कठिन मेहनत की। छात्रों का कहना है कि वे सिर्फ निष्पक्ष परीक्षा और अपने भविष्य की सुरक्षा चाहते हैं। अब सबकी नजर सरकार और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर टिकी हुई है कि आखिर इस मामले में क्या कदम