महंगाई और पेट्रोलियम पदार्थों पर भारी टैक्स के खिलाफ भोपाल में भाकपा का जोरदार प्रदर्शन
भाकपा राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने कहा कि महंगे पेट्रोल-डीजल के लिए केंद्र की विदेश नीति और राज्य सरकार की टैक्स नीति जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल पर लगभग 30% और डीजल पर लगभग 20% टैक्स लिया जा रहा है, जिससे जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।
भोपाल में पेट्रोल, डीजल और सांची दूध की मूल्य वृद्धि के खिलाफ भाकपा का प्रदर्शन
मध्य प्रदेश सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर टैक्स कम करने की मांग
भोपाल, 25 मई 2026। पेट्रोल, डीजल और सांची दूध की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने रविवार को राज्यव्यापी आंदोलन के तहत भोपाल के इतवारा क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने महंगाई के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और मध्य प्रदेश सरकार से पेट्रोलियम पदार्थों पर लगाए गए भारी टैक्स को कम करने की मांग की।
भाकपा द्वारा प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित प्रदर्शन के माध्यम से जिला कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपे गए, जिन्हें मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया। ज्ञापन में कहा गया कि मध्य प्रदेश में पेट्रोल और डीजल पर देश के सबसे अधिक टैक्स लगाए जा रहे हैं, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
भोपाल में आयोजित प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्य प्रदेश के राज्य सचिव कॉमरेड शैलेन्द्र शैली ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि केंद्र सरकार की विदेश नीति और राज्य सरकार की जनविरोधी कर नीति का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत सरकार सस्ते तेल के प्रस्तावों की अनदेखी कर रही है, जिससे देश की जनता महंगा पेट्रोल और डीजल खरीदने को मजबूर है।
उन्होंने कहा कि रूस और ईरान जैसे देशों ने भारत को सस्ता तेल देने की पेशकश की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण केंद्र सरकार ने उस दिशा में कदम नहीं बढ़ाए। उनका कहना था कि भारत की तुलना में कई छोटे और कमजोर देशों में पेट्रोल और डीजल सस्ते हैं, जबकि भारत में आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है।
कॉमरेड शैली ने मध्य प्रदेश सरकार पर पेट्रोल पर लगभग 30 प्रतिशत और डीजल पर लगभग 20 प्रतिशत टैक्स लेने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिक टैक्स के कारण न केवल जनता परेशान है बल्कि राज्य को भी राजस्व हानि हो रही है, क्योंकि दूसरे राज्यों के वाहन चालक मध्य प्रदेश में पेट्रोल-डीजल खरीदने से बच रहे हैं।
उन्होंने सांची दूध की कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि को भी जनता के साथ अन्याय बताया। उनका कहना था कि हर वर्ष दूध की कीमतें बढ़ाने से गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों की रसोई का बजट बिगड़ रहा है। भाकपा ने मांग की कि पेट्रोल, डीजल और सांची दूध की बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए।
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने “पेट्रोल-डीजल की कीमत कम करो”, “पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम करो” और “महंगाई कम करो” जैसे नारे लगाए। आंदोलन में एटक के प्रांतीय महासचिव कॉमरेड शिवशंकर मौर्य, भाकपा राज्य कार्यकारिणी सदस्य कॉमरेड सत्यम पाण्डे, राज्य परिषद सदस्य ए.एच. सिद्दीकी सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए।
प्रदर्शन में मुन्ने खां, फिदा हुसैन, लाखन सिंह रघुवंशी, महफूज अल्तमश, जमुना प्रसाद, कल्लू खां, सईद खान, नवाब उद्दीन, दिलीप विश्वकर्मा, शेर सिंह, जितेन्द्र रैकवार, महेश, श्रवण, रियाज, शकील, सतीश कौशल, ताराचन्द्र और रफीक समेत अनेक कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
भाकपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही पेट्रोल, डीजल और दूध की कीमतों में राहत नहीं दी तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस