MP में कांग्रेस की हार पर लक्ष्मण सिंह का बड़ा बयान, बोले—अंदरूनी फूट और संगठन की कमजोरी है वजह

मध्य प्रदेश में कांग्रेस की लगातार हार को लेकर वरिष्ठ नेता लक्ष्मण सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी की कमजोरी की वजह खुद नेता हैं। उन्होंने माना कि वे खुद और जीतू पटवारी जैसे नेता भी चुनाव हार चुके हैं, जिससे संगठन की स्थिति साफ होती है। लक्ष्मण सिंह के इस बयान से कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर सवाल खड़े हो गए हैं और सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।

MP में कांग्रेस की हार पर लक्ष्मण सिंह का बड़ा बयान, बोले—अंदरूनी फूट और संगठन की कमजोरी है वजह

दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह बोले—“हम खुद हार चुके, संगठन कमजोर… इसलिए नहीं जीत रही पार्टी”

इंदौर में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह ने मध्य प्रदेश में पार्टी की हार को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हार की सबसे बड़ी वजह पार्टी के भीतर की गुटबाजी और अंदरूनी फूट है।

लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, नेताओं के बीच यह सोच रहती है कि अगर दूसरा जीत गया तो वह आगे बढ़ जाएगा और बाकी पीछे रह जाएंगे। यही मानसिकता पार्टी को कमजोर कर रही है और इसका सीधा असर चुनावी नतीजों पर पड़ रहा है।

उन्होंने EVM को हार का कारण मानने से भी इनकार किया। उनका कहना है कि पूरे देश में इतनी बड़ी संख्या में मशीनें खराब होना संभव नहीं है। असली समस्या संगठन की कमजोरी है।

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वे खुद और जीतू पटवारी चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उन्हें हार की असली वजह का अंदाजा है।

इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों पर सवाल उठाए और इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

अंदरूनी फूट बनी कारण

लक्ष्मण सिंह के मुताबिक, कांग्रेस नेताओं के बीच गुटबाजी और आपसी खींचतान पार्टी को नुकसान पहुंचा रही है। नेताओं में यह सोच रहती है कि अगर दूसरा जीत गया तो वह आगे बढ़ जाएगा, यही मानसिकता हार की वजह बन रही है।

EVM को दोष देना गलत

उन्होंने साफ कहा कि चुनावी हार के लिए EVM को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं है। इतने बड़े स्तर पर मशीनों में गड़बड़ी संभव नहीं है, असली कमी संगठन में है।

“हम खुद हारे हैं”

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि वे खुद और जीतू पटवारी चुनाव हार चुके हैं, इसलिए उन्हें जमीनी हकीकत और हार के कारणों का पता है।

महिला आरक्षण बिल पर सवाल

इस दौरान उन्होंने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार और विपक्ष दोनों पर सवाल उठाए और इस मुद्दे पर दोनों की भूमिका पर गंभीर टिप्पणी की।

महिला आरक्षण बिल गिरने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों दोषी-लक्ष्मण सिंह

लक्ष्मण सिंह ने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवगौड़ा से लेकर वर्तमान की बीजेपी सरकार पर भी आरोप लगाए और कहा कि जब पिछली सरकार में बीजेपी के पास पूर्ण बहुमत था तब बिल पेश क्यों नहीं किया गया?

लक्ष्मण सिंह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पहली बार 1996 में देवगौड़ा सरकार के समय पेश हुआ था, लेकिन सर्वसम्मति न बनने पर उसे जेपीसी को भेज दिया गया। उसके बाद दस वर्ष यूपीए सरकार और पंद्रह वर्ष एनडीए की सरकार रही, फिर भी बिल पारित नहीं हुआ। उन्होंने पूछा कि पिछली संसद में भाजपा के पास स्पष्ट बहुमत होने के बावजूद यह बिल क्यों नहीं लाया गया, और हाल ही में इसे लाने पर भी चौवन वोट से कैसे गिर गया, जबकि एनडीए को अनुशासनप्रिय गठबंधन माना जाता है।

उन्होंने कांग्रेस पर भी आरोप लगाया कि समर्थन न देने से बिल पारित नहीं हो सका। सिंह ने कहा कि वर्तमान में महिलाओं से जुड़े अपराध 20% तक बढ़ गए हैं, पुलिस में महिलाओं की भर्ती और महिला थानों की स्थिति भी संतोषजनक नहीं है। ऐसे में महिला आरक्षण बिल पर राजनीति करना गलत है। दोनों दल राष्ट्रपति से अनुरोध कर बिल को तुरंत पारित कराएँ, क्योंकि यह चुनाव का नहीं, देश की महिलाओं से जुड़ा मुद्दा है।