राज्यसभा चुनाव 2026 का ऐलान: 12 राज्यों की 26 सीटों पर 18 जून को मतदान, खड़गे-दिग्विजय-देवगौड़ा समेत कई दिग्गजों का कार्यकाल खत्म

राज्यसभा की 24 सीटों के लिए चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। चुनाव आयोग ने नोटिफिकेशन जारी करते हुए कहा कि 10 राज्यों की कुल 24 सीटों के लिए 18 जून को मतदान करवाया जाएगा। 8 जून तक नामांकन भरा जा सकेगा

राज्यसभा चुनाव 2026 का ऐलान: 12 राज्यों की 26 सीटों पर 18 जून को मतदान, खड़गे-दिग्विजय-देवगौड़ा समेत कई दिग्गजों का कार्यकाल खत्म

निर्वाचन आयोग ने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा और कांग्रेस नेताओं मल्लिकार्जुन खरगे एवं दिग्विजय सिंह समेत राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल आगामी दो महीने में समाप्त होने के मद्देनजर उच्च सदन की 24 सीट के लिए 18 जून को चुनाव कराने की शुक्रवार को घोषणा की।

नई दिल्ली। देश की राजनीति से जुड़ा बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 26 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। 12 राज्यों में होने वाले इन चुनावों के लिए मतदान 18 जून 2026 को होगा। इस चुनाव के साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा समेत कई बड़े नेताओं का राज्यसभा कार्यकाल समाप्त होने जा रहा है।

इन चुनावों को संसद के उच्च सदन के शक्ति संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि राजनीतिक दलों के बीच सीटों के समीकरण में बदलाव की संभावना जताई जा रही है।

रिटायर होने वाले नेताओं में Mallikarjun Kharge, Digvijaya Singh और H. D. Deve Gowda जैसे वरिष्ठ चेहरे शामिल हैं।

12 राज्यों की 26 सीटों पर होगा चुनाव

चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, राज्यसभा की कुल 26 सीटों पर मतदान कराया जाएगा। इन सीटों पर वर्तमान सदस्य 21 जून से 19 जुलाई के बीच सेवानिवृत्त हो रहे हैं।

वर्तमान स्थिति के अनुसार, इन 26 सीटों में से राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के पास 18 सीटें हैं। कांग्रेस के पास चार सीटें, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के पास एक सीट और वाईएसआर कांग्रेस (YSRCP) के पास तीन सीटें हैं।

राजनीतिक विश्लेषण के अनुसार, इस बार के चुनाव में NDA को एक सीट का नुकसान हो सकता है, जबकि कांग्रेस नेतृत्व वाले विपक्ष को तीन सीटों का संभावित लाभ मिलने की चर्चा है।

संभावित सीट वितरण के अनुमान के मुताबिक NDA को 17 सीटें मिल सकती हैं। वहीं कांग्रेस को पांच सीटें मिलने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा JMM को दो सीटें और तमिल राजनीति की पार्टी TVK को एक सीट मिलने का अनुमान सामने आया है।

राज्यसभा में क्या है मौजूदा ताकत?

244 सदस्यों वाले राज्यसभा सदन में फिलहाल NDA की स्थिति मजबूत बनी हुई है। उच्च सदन में NDA के पास 149 सांसद हैं। विपक्षी दलों के पास कुल 78 सदस्य हैं, जबकि गैर-गठबंधन क्षेत्रीय दलों के पास 17 सांसद मौजूद हैं।

हालांकि आगामी चुनावों के बाद संख्या संतुलन में हल्का बदलाव संभव माना जा रहा है, जिससे संसद में विपक्ष की आवाज कुछ मजबूत हो सकती है।

बड़े नेताओं का खत्म होगा कार्यकाल

इस चुनाव के साथ कुल 24 सांसदों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। इनमें कई अनुभवी और राष्ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण चेहरे शामिल हैं।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का कार्यकाल पूरा होना पार्टी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वे संगठन और संसदीय राजनीति दोनों में केंद्रीय भूमिका निभाते हैं।

इसी तरह मध्य प्रदेश की राजनीति के बड़े नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा का कार्यकाल समाप्त होना दक्षिण भारतीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दो रिक्त सीटों पर भी होगा उपचुनाव

मुख्य चुनावों के अलावा दो रिक्त सीटों पर उपचुनाव भी कराया जाएगा।

ये सीटें महाराष्ट्र और तमिलनाडु से जुड़ी हैं। महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की नेता और राज्य की उपमुख्यमंत्री Sunetra Pawar के इस्तीफे के बाद सीट खाली हुई थी।

वहीं तमिलनाडु में एआईएडीएमके नेता C. V. Shanmugam के इस्तीफे के चलते सीट रिक्त हुई थी। इन दोनों सीटों के लिए भी मतदान कराया जाएगा।

मार्च चुनाव में NDA का रहा दबदबा

इससे पहले 16 मार्च 2026 को हरियाणा, बिहार और ओडिशा की कुल 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव हुए थे। इन चुनावों में NDA ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए 9 सीटों पर जीत हासिल की थी।

कांग्रेस और बीजू जनता दल (BJD) को एक-एक सीट मिली थी।

राज्यवार स्थिति देखें तो बिहार की सभी पांच सीटों पर NDA समर्थित उम्मीदवार विजयी रहे थे। ओडिशा की चार सीटों में से तीन NDA के खाते में गई थीं, जबकि एक सीट बीजद ने जीती थी।

हरियाणा की दो सीटों में भाजपा और कांग्रेस ने एक-एक सीट हासिल की थी।

आगामी चुनावों पर टिकी राजनीतिक नजरें

18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव सिर्फ सीटों का चुनाव नहीं बल्कि संसद में राजनीतिक ताकत के पुनर्संतुलन की प्रक्रिया भी माने जा रहे हैं। कांग्रेस और विपक्ष जहां सीटें बढ़ाने की कोशिश में होंगे, वहीं NDA अपनी बढ़त बनाए रखने की रणनीति पर काम करेगा।

इन चुनावों के नतीजे आगामी संसदीय रणनीति, विधेयकों के पारित होने और राष्ट्रीय राजनीति की दिशा पर असर डाल सकते हैं।