गेहूं खरीदी में ‘यूपी सिंडिकेट’ का खेल! डॉ. गोविंद सिंह का बड़ा आरोप—रिश्वत, फर्जीवाड़ा और करोड़ों का घोटाला
पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने मध्यप्रदेश में गेहूं खरीदी में बड़े घोटाले का आरोप लगाया है। उनका दावा है कि यूपी से सस्ता गेहूं लाकर फर्जी तरीके से एमपी के केंद्रों पर MSP पर बेचा जा रहा है, जिससे करोड़ों का नुकसान हो रहा है। उन्होंने खरीदी केंद्रों में रिश्वतखोरी, अधिकारियों-नेताओं की सांठगांठ और माफिया के कब्जे की बात कही। साथ ही निष्पक्ष जांच और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी।
MSP के अंतर से माफिया का खेल, यूपी से सस्ता गेहूं लाकर एमपी में खपाया
खरीदी शुरू होने से पहले ही हजारों क्विंटल गेहूं स्टॉक मिलने का दावा
उपार्जन केंद्र बनाने में 5-5 लाख की रिश्वत का आरोप
दुर्गम इलाकों में बनाए गए केंद्र, माफिया को फायदा पहुंचाने की साजिश
मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह ने भिंड जिले के लहार और रौन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और ‘मप्र-यूपी सिंडिकेट’ के जरिए घोटाले का आरोप लगाया है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने वीडियो दिखाते हुए दावा किया कि खरीदी प्रक्रिया में खुलेआम रिश्वतखोरी हो रही है और इसमें खाद्य अधिकारियों व सत्तारूढ़ दल के नेताओं की सांठगांठ शामिल है।
डॉ. सिंह के मुताबिक उत्तर प्रदेश से सस्ता गेहूं (करीब ₹2100 प्रति क्विंटल) लाकर मध्यप्रदेश में बोनस सहित ₹2625 MSP पर बेचा जा रहा है। इस अंतर का फायदा उठाकर माफिया हर क्विंटल पर 500 रुपए से ज्यादा का मुनाफा कमा रहे हैं, जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान हो रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि खरीदी शुरू होने से पहले ही केंद्रों पर हजारों क्विंटल गेहूं जमा कर लिया गया था। फर्जी पंजीयन के जरिए यूपी का गेहूं एमपी के केंद्रों पर खपाया जा रहा है। जिला प्रशासन की कार्रवाई में भी बड़े पैमाने पर गेहूं स्टॉक मिलने की बात सामने आई है।
डॉ. सिंह ने यह भी दावा किया कि उपार्जन केंद्र बनाने के लिए 5-5 लाख रुपए तक की रिश्वत ली गई और कई केंद्र ऐसे स्थानों पर बनाए गए जहां पहुंचना तक मुश्किल है, ताकि माफिया आसानी से खेल कर सकें।
उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में असली किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है। पोर्टल और स्लॉट की समस्या के कारण किसान अपनी उपज MSP पर नहीं बेच पा रहे, जबकि माफिया सिस्टम का फायदा उठाकर मालामाल हो रहे हैं।
पूर्व मंत्री ने मांग की है कि मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर वे उग्र आंदोलन करेंगे।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस