राजधानी की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी शिक्षक, 2 हजार से ज्यादा भावी शिक्षकों का प्रदर्शन,मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग, DPI का किया घेराव

मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और शिक्षक चयन परीक्षाओं में बेहद कम पद घोषित किए जाने के खिलाफ मंगलवार को भोपाल में बड़ा आंदोलन कर रहे हैं। प्रदेशभर से करीब 2000 भावी शिक्षक राजधानी पहुंचे हैं। यह लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और जनजातीय कार्य विभाग का संयुक्त घेराव करने पहुंचे हैं। यहां वे हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं।

राजधानी की सड़कों पर हजारों अभ्यर्थी शिक्षक, 2 हजार से ज्यादा भावी शिक्षकों का प्रदर्शन,मध्यप्रदेश शिक्षक भर्ती में पद बढ़ाने की मांग, DPI का किया घेराव

मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती में कम पद घोषित किए जाने के विरोध में भोपाल में 2 हजार से अधिक अभ्यर्थियों ने DPI का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हजारों पद रिक्त होने के बावजूद भर्ती में नाममात्र सीटें निकाली गई हैं, जिससे योग्य युवा बाहर हो रहे हैं और स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। 

भोपाल:मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी और नाममात्र के पदों पर निकाली गई भर्ती के खिलाफ मंगलवार को राजधानी भोपाल में युवाओं का आक्रोश फूट पड़ा। प्रदेशभर से जुटे करीब 2000 भावी शिक्षकों ने लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) और जनजातीय कार्य विभाग का संयुक्त घेराव किया। अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान खींचने के लिए प्रदर्शनकारियों ने अनोखा तरीका अपनाते हुए मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया है।

ऊंट के मुंह में जीरा: रिक्त पद बनाम घोषित भर्ती

आंदोलनकारियों का सबसे बड़ा विरोध भर्ती प्रक्रिया में पदों की बेहद कम संख्या को लेकर है। अभ्यर्थियों ने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए निम्नलिखित विसंगतियां उजागर की हैं:

विभाग/वर्ग रिक्त पदों की संख्या (राजपत्र के अनुसार) वर्तमान भर्ती के लिए घोषित पद

माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) ~ 99,197 मात्र 10,800

प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) ~ 1,31,152 मात्र 13,089

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब हजारों पद खाली हैं, तो भर्ती केवल गिने-चुने पदों पर क्यों की जा रही है? इससे न केवल योग्य उम्मीदवार बाहर हो रहे हैं, बल्कि स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता भी गिर रही है।

आरक्षण और वर्गों के साथ 'अन्याय' का आरोप

अभ्यर्थियों ने जनजातीय कार्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई विषयों में EWS और OBC वर्ग के लिए शून्य पद दर्शाए गए हैं। युवाओं का तर्क है कि यह न केवल सामाजिक न्याय के खिलाफ है, बल्कि संवैधानिक आरक्षण व्यवस्था का भी उल्लंघन है।

हनुमान चालीसा पाठ और चेतावनी

प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थी सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है और युवाओं की रैली जारी है। अभ्यर्थियों ने दोटूक शब्दों में सरकार को चेतावनी दी है:

"यदि हमारी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो यह आंदोलन अनिश्चितकालीन धरने और भूख हड़ताल में तब्दील हो जाएगा।"

अभ्यर्थियों की 4 प्रमुख मांगें:

वर्ग-2 पद वृद्धि: माध्यमिक शिक्षक भर्ती के सभी विषयों में कम से कम 3-3 हजार पदों की वृद्धि की जाए।

वर्ग-3 पद वृद्धि: प्राथमिक शिक्षक भर्ती में पदों की कुल संख्या बढ़ाकर 25,000 की जाए।

काउंसिलिंग: द्वितीय काउंसिलिंग की प्रक्रिया तत्काल शुरू हो।

नई पात्रता परीक्षा पर रोक: जब तक 2025 की भर्ती पद वृद्धि के साथ पूरी नहीं होती, तब तक नई पात्रता परीक्षा न आयोजित की जाए।

शिक्षक संगठनों का मानना है कि नई शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात सुधारने के लिए इन पदों को भरना अनिवार्य है, अन्यथा ग्रामीण क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाएगी।