हार के बाद तेजस्वी यादव का दर्द छलका: बोले– विधायकों ने धोखा न दिया होता तो तस्वीर अलग होती
राज्यसभा चुनाव में मिली इस करारी हार के बाद आजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने कहा, 'अगर हमारे गठबंधन के विधायकों ने धोखा ना दिया होता तो चुनाव में हमारी हार नहीं होती। आइए जानते हैं कौन वो चार विधायक जिनके कारण राज्यसभा चुनाव में इंडिया महागठबंधन के प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह चुनाव हार गए और महागठबंधन की लुटिया डूब गई?
बिहार राज्यसभा की 5 सीटों पर एनडीए की जीत लगभग तय है. इसी बीच बिहार विधानसभा से बाहर निकलते ही विपक्ष के नेता और आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने राज्यसभा चुनाव या विधानसभा से जुड़े हालिया घटनाक्रमों में बीजेपी पर धनतंत्र (मनी पावर) और मशीन तंत्र (मैनिपुलेशन) का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने ये भी कहा कि अगर हमारे विधायकों ने धोखा न दिया होता तो हमारी जीत तय थी.
विधानसभा से बाहर आते हुए मीडिया से बातचीत में तेजस्वी ने कहा, सभी लोगों को पता है कि एजेंसियां कहां है, लेकिन हमारी चाहे जितनी भी संख्या होती. हम बीजेपी से लड़ते और हमेशा अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे. एक दिन जरूर आएगा, जिस दिन हम लोग कामयाब होंगे. बीजेपी ने धनतंत्र और मशीन तंत्र का दुरुपयोग कर किसी को डरा कर, किसी को खरीद कर जो राजनीति की परंपरा शुरू की है. उसका अंत जरूर होगा.
BJP की विचारधारा के खिलाफ लड़ते रहेंगे'
उन्होंने महागठबंधन के नंबर गेम पर बोलते हुए कहा कि मैं बता दूं कि महागठबंधन का की जो स्ट्रेंथ है वो 35 यानी हम लोगों के पास 6 विधायक कम थे और एनडीए के पास 3 विधायक कम थे, पांचवीं सीट के लिए, लेकिन फिर भी हम लोग लड़े. हम उसके सामने झुके नहीं. हम हमेशा उनकी विचारधारा के खिलाफ लड़ेंगे.
'अगर विधायकों ने नहीं दिया होता धोखा...'
उन्होंने चार विधायकों के मतदान में हिस्सा न लेने पर बोलते हुए कहा कि जो चार लोग मतदान में नहीं पहुंचे, इस बारे में हम बाद में प्रतिक्रिया देंगे. अगर इन लोगों (हमारे विधायकों) ने धोखा नहीं दिया होता तो हमारी जीत तय थी, क्योंकि हमने अपनी कमी का कोटा पूरा कर लिया था.
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस