मोहन-शिवराज और प्रहलाद की दिल्ली में मीटिंग:दिल्ली में हुई मीटिंग, अब सरसों पर भावांतर का लाभ, तुअर की पूरी फसल खरीदेगी सरकार

दिल्ली दौरे पर पहुंचे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan से मुलाकात की। इस दौरान ग्रामीण विकास मंत्री Prahlad Patel भी मौजूद रहे। बैठक में भावांतर योजना, दलहन-तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण और ग्रामीण सड़कों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई, जिसमें मध्यप्रदेश को कई योजनाओं में राहत देने वाले अहम फैसले लिए गए।

मोहन-शिवराज और प्रहलाद की दिल्ली में मीटिंग:दिल्ली में हुई मीटिंग, अब सरसों पर भावांतर का लाभ, तुअर की पूरी फसल खरीदेगी सरकार

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज दिल्ली में मुलाकात कर राज्य के कृषि और ग्रामीण विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में मध्यप्रदेश के ग्रामीण विकास मंत्री श्री प्रहलाद पटेल और वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। इस उच्चस्तरीय चर्चा में भावांतर योजना, दलहन–तिलहन मिशन, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और ग्रामीण सड़कों सहित अनेक विषयों पर मध्यप्रदेश को बड़ी राहत देने वाले निर्णय लिए गए।

सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान को स्वीकृति

बैठक में मध्यप्रदेश में सरसों की खरीद से जुड़े लंबित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने सरसों की खरीद के लिए भावांतर भुगतान योजना के तहत मध्यप्रदेश के प्रस्ताव को स्वीकृति देते हुए संबंधित विभागों को भुगतान प्रक्रिया को त्वरित गति से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। इस निर्णय से सरसों उत्पादक किसानों को राहत मिलेगी और राज्य सरकार द्वारा किसानों से किए गए वादों के समयबद्ध पालन का मार्ग प्रशस्त होगा।

तुअर की शत–प्रतिशत खरीद का पत्र मुख्यमंत्री को सौंपा

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को तुअर (अरहर) की शत–प्रतिशत खरीद से संबंधित स्वीकृति पत्र भी सौंपा। इस निर्णय के बाद तुअर उगाने वाले मध्यप्रदेश के किसानों को उनकी उपज का पूर्ण सरकारी उपार्जन सुनिश्चित होगा, जिससे उन्हें बाज़ार में भाव गिरने का जोखिम नहीं उठाना पड़ेगा और आय में स्थिरता आएगी।

कृषि से जुड़े मुद्दों और योजनाओं पर विस्तृत समीक्षा

बैठक में मध्यप्रदेश के लिए सरसों और सोयाबीन के भावांतर भुगतान, दलहन मिशन के तहत मूंग–उड़द के अतिरिक्त लक्ष्य, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता कार्यक्रम, मनरेगा मजदूरी और सामग्री भुगतान, प्रधानमंत्री आवास योजना–ग्रामीण और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े मुद्दों पर बिंदुवार चर्चा की गई। केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मध्यप्रदेश से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाया जाए ताकि राज्य के किसानों, मजदूरों और ग्रामीण गरीबों को शीघ्र राहत मिल सके।

किसान कल्याण वर्ष में मध्यप्रदेश को विशेष प्राथमिकता

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है और इस संदर्भ में मध्यप्रदेश जैसे कृषि प्रधान राज्य को केंद्र सरकार विशेष प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश मेरा अपना अपना घर है। किसान कल्याण वर्ष में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरसों, तुअर, मूंग, उड़द और तिलहनों की खेती करने वाले किसानों को हरसंभव सहायता मिले और राज्य ग्रामीण विकास के हर पैमाने पर अग्रणी रहे।

शिवराज-मोहन और प्रहलाद के बीच चर्चा

तीनों दिग्गजों के बीच हुई बैठक के बाद केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि खेती से जुड़े इन मुद्दों पर चर्चा हुई है।

सरसों उत्पादकों को भावांतर का तोहफा : लंबे समय से लंबित सरसों की खरीद पर भावांतर भुगतान योजना को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हरी झंडी दे दी है। इससे प्रदेश के लाखों सरसों उत्पादक किसानों को बाजार और समर्थन मूल्य के अंतर की राशि सीधे खाते में मिलेगी।

तुअर की 100% सरकारी खरीद: शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री को स्वयं स्वीकृति पत्र सौंपा, जिसके तहत अब प्रदेश के किसानों की पूरी की पूरी तुअर फसल सरकार खरीदेगी। यह दलहन उत्पादन के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के लिए एक क्रांतिकारी कदम माना जा रहा है।

2026 किसान कल्याण वर्ष का रोडमैप: वर्ष 2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' के रूप में मनाते हुए केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मध्य प्रदेश को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। इसमें मूंग, उड़द और सोयाबीन जैसे तिलहनों पर भी विशेष फोकस रहेगा।