भीषण सड़क हादसा: पिकअप पलटने से 2 बच्चों सहित 12 लोगों की मौत, 13 घायल; धार जिले में मचा कोहराम

मध्य प्रदेश के धार जिले के चिकलिया क्षेत्र में बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहां मजदूरों से भरी पिकअप वाहन के पलटने से 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 बच्चे शामिल हैं। हादसे में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज धार जिला अस्पताल में चल रहा है।

भीषण सड़क हादसा: पिकअप पलटने से 2 बच्चों सहित 12 लोगों की मौत, 13 घायल; धार जिले में मचा कोहराम

भीषण सड़क हादसा: पिकअप पलटने से 12 की मौत, 13 घायल

धार जिले में दर्दनाक हादसा, मजदूरों से भरी पिकअप पलटी

30–35 मजदूर थे सवार, तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

डिवाइडर से टकराकर अनियंत्रित हुई पिकअप, मौके पर मचा हाहाकार

धार (मध्य प्रदेश), बुधवार शाम – मध्य प्रदेश के धार जिले में बुधवार की शाम एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। चिकलिया स्थित रिलायंस पेट्रोल पंप के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप वाहन के अनियंत्रित होकर पलट जाने से 12 लोगों की मौत हो गई, जिनमें 2 मासूम बच्चे भी शामिल हैं। इस हादसे में 13 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में जारी है।

यह हादसा उस समय हुआ जब पिकअप वाहन में सवार मजदूर अपने परिवारों के साथ अमझेरा की ओर जा रहे थे। बताया जा रहा है कि वाहन में लगभग 30 से 35 लोग सवार थे, जो एक साथ काम से लौट रहे या किसी अन्य स्थान की ओर जा रहे थे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी और चीख-पुकार का माहौल बन गया।

तेज रफ्तार और नियंत्रण खोने से हुआ हादसा

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था और चिकलिया क्षेत्र के पास अचानक चालक ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन पहले सड़क के डिवाइडर से टकराया और उसके बाद पलट गया। भारी संख्या में सवार लोगों के कारण वाहन पूरी तरह असंतुलित होकर सड़क किनारे गिर गया।

पलटने के बाद कई लोग वाहन के नीचे दब गए, जिससे मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई। कुछ लोग गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़े हुए मिले।

घटनास्थल पर मची चीख-पुकार

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर दर्दनाक दृश्य देखने को मिला। चारों ओर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने बिना देर किए राहत कार्य शुरू किया और वाहन के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की।

स्थानीय लोगों ने बताया कि दृश्य बेहद भयावह था, कई घायल सड़क पर मदद के लिए तड़प रहे थे। तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद राहत कार्य तेज किया गया।

जिला अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल

सभी घायलों को तुरंत धार जिला अस्पताल पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में गंभीर घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों की टीम ने तत्काल इलाज शुरू किया।

अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर सत्यपाल ने जानकारी देते हुए बताया कि घायलों का इलाज लगातार जारी है। उन्होंने पुष्टि की कि हादसे में 12 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 2 बच्चे भी शामिल हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

मजदूरों से भरी पिकअप में क्षमता से अधिक सवारियां

प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि पिकअप वाहन में क्षमता से कहीं अधिक लोग सवार थे। लगभग 30 से 35 मजदूर और उनके बच्चे वाहन में यात्रा कर रहे थे। इस तरह की ओवरलोडिंग को हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वाहन असंतुलित होकर तेज गति में चल रहा था, जिससे चालक नियंत्रण नहीं रख सका और यह दर्दनाक हादसा हो गया।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे

हादसे की सूचना मिलते ही तिरला थाना पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू किया गया। पुलिस ने घटनास्थल को घेरकर भीड़ को नियंत्रित किया और घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने में मदद की।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग को मुख्य कारण माना जा रहा है, लेकिन तकनीकी जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

ग्रामीणों में शोक की लहर

इस हादसे के बाद आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई है। जिन परिवारों के लोग इस दुर्घटना का शिकार हुए हैं, उनमें मातम का माहौल है। कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर भी गहरा असर पड़ेगा।

ग्रामीणों का कहना है कि मजदूरों के लिए इस तरह की यात्रा अक्सर जोखिम भरी होती है, लेकिन मजबूरी में लोग ओवरलोड वाहनों में सफर करते हैं।

प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

जिला प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। वाहन की फिटनेस, चालक की स्थिति, ओवरलोडिंग और सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की बारीकी से जांच की जाएगी।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को सरकारी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। घायलों के इलाज की पूरी जिम्मेदारी प्रशासन ने ली है।

सड़क सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और ओवरलोडिंग पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मजदूरों के लिए परिवहन की सुविधाओं की कमी और नियमों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों को जन्म देती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई और निगरानी की जाए, तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

धार जिले का यह भीषण सड़क हादसा पूरे क्षेत्र के लिए एक गहरा सदमा बनकर सामने आया है। 12 लोगों की मौत और कई घायलों की स्थिति ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। प्रशासन अब जांच में जुटा है, लेकिन पीछे छूट गया है कई परिवारों का दर्द और एक भयावह मंजर, जिसे भुलाना आसान नहीं होगा।