दुर्गा बनो, काली बनो, बुर्के वाली न बनो,धीरेंद्र शास्त्री की लड़कियों से अपील : बोले- बेटियों को जागरूक करना जरूरी, लव जिहाद से सतर्क रहने की दी सलाह
महोत्व के दूसरे दिन कथा के दौरान शास्त्री ने यंग्यात्मक लहजे में समझाते हुए कहा 'मेरी सहेली बेकार थी, मेरा दोस्त बेकार था। अरे नकटी, दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी बेटियों, तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो, पर कभी बुर्के वाली न बनो।'
मध्यप्रदेश स्थित ग्वालियर के डबरा में आयोजित नवग्रह शक्ति पीठ के प्रतिष्ठा महोत्सव में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा बयान दे दिया है. पंडित धीरेंद्र ने कथा के दूसरे दिन युवतियों और बच्चों को संबोधित करते हुए बड़ा बयान दिया.
ग्वालियर के डबरा में नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान धीरेंद्र शास्त्री द्वारा दिए गए बयान का भोपाल के हुजूर विधानसभा क्षेत्र के विधायक रामेश्वर शर्मा ने समर्थन किया है। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि “तुम काली बनो, दुर्गा बनो, बुर्के वाली मत बनो” जैसे शब्द यदि धीरेंद्र शास्त्री ने कहे हैं, तो वे उनका समर्थन करते हैं। उन्होंने इसे स्वागत योग्य बताते हुए कहा कि समाज में बेटियों के भीतर जागरूकता लाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि बेटियों को कथित ‘लव जिहाद’ जैसे मामलों से सावधान रहने की जरूरत है। उनके अनुसार कुछ लोग पहचान छिपाकर या नाम बदलकर युवतियों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते हैं। “कभी माथे पर टीका लगाते हैं, कभी हाथ में कलावा बांधते हैं और बाद में उनका शोषण करते हैं”। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि भारत की बेटियां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती और काली का स्वरूप हैं तथा भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। उन्होंने बेटियों से सजग रहने और अपनी परंपरा व संस्कारों को बनाए रखने का आग्रह किया।
नवग्रह पीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के दौरान बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र शास्त्री की कथा का आज दूसरा दिन था। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में समझाते हुए कहा, "मेरी सहेली बेकार थी, मेरा दोस्त बेकार था। अरे नकटी, दुर्गा, काली, त्रिपुर सुंदरी बेटियों, तुम दुर्गा बनो, तुम काली बनो, पर कभी बुर्के वाली न बनो।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस