टेक्सटाइल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाने पर रेल मंत्रालय ने शुरू की पहल-चम्पालाल बोथरा की मांग पर केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को दिए नीति बनाने के निर्देश

देश के टेक्सटाइल और गारमेंट उद्योग को मजबूत बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने “टेक्सटाइल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी” बनाने की पहल शुरू कर दी है। नई दिल्ली में व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल की केंद्रीय रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात के दौरान कैट (CAIT) टेक्सटाइल एवं गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन Champalal Bothra ने टेक्सटाइल सेक्टर के लिए रेलवे पार्सल, वेयरहाउसिंग, कंटेनर सेवा और पोर्ट कनेक्टिविटी को जोड़ने वाली विशेष लॉजिस्टिक्स नीति की मांग रखी।

टेक्सटाइल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाने पर रेल मंत्रालय ने शुरू की पहल-चम्पालाल बोथरा की मांग पर केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव ने अधिकारियों को दिए नीति बनाने के निर्देश

टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बनेगी विशेष लॉजिस्टिक्स पॉलिसी, रेल मंत्रालय ने शुरू की पहल

चम्पालाल बोथरा की मांग पर रेल मंत्री ने अधिकारियों को दिए एक्शन प्लान के निर्देश

रेलवे पार्सल, वेयरहाउसिंग और पोर्ट कनेक्टिविटी को जोड़ने की उठी मांग

टेक्सटाइल क्लस्टर्स को आधुनिक लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ने पर जोर

सूरत,देश के कपड़ा और परिधान उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने एक समर्पित "टेक्सटाइल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी" बनाने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं।
दिल्ली के सांसद एवं 'कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (CAIT) के राष्ट्रीय महासचिव  प्रवीण खंडेलवाल के नेतृत्व में देश के सभी राज्यों के व्यापारिक प्रतिनिधियों के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की। इस दौरान कैट (CAIT) के राष्ट्रीय वाइस चेयरमैन एवं टेक्सटाइल व गारमेंट कमेटी के राष्ट्रीय चेयरमैन श्री चम्पालाल बोथरा ने केंद्रीय रेल, संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष देश के टेक्सटाइल उद्योग के लिए एक विशेष और व्यापक लॉजिस्टिक्स नीति बनाने की पुरजोर वकालत की। श्री बोथरा की इस दूरदर्शी मांग पर केंद्रीय मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने बेहद सकारात्मक रुख अपनाते हुए मीटिंग में ही संबंधित उच्चाधिकारियों को तत्काल इस दिशा में कार्य योजना (Action Plan) तैयार करने और पॉलिसी बनाने के निर्देश जारी कर दिए।
टेक्सटाइल सेक्टर के लिए समर्पित नीति क्यों है जरूरी: चम्पालाल बोथरा
केंद्रीय मंत्री के समक्ष कपड़ा उद्योग की जमीनी चुनौतियों को रखते हुए  चम्पालाल बोथरा ने कहा:"कृषि के बाद टेक्सटाइल उद्योग देश का सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता और एमएसएमई आधारित सेक्टर है। इसके बावजूद, आज भी हमारे व्यापारी और विनिर्माता कुशल लॉजिस्टिक्स, रेलवे पार्सल संकट, आधुनिक वेयरहाउसिंग और समयबद्ध परिवहन जैसी बुनियादी ढांचागत चुनौतियों से जूझ रहे हैं। देश के कपड़ा व्यापार की पूरी क्षमता का दोहन करने के लिए यह अनिवार्य है कि रेलवे पार्सल मूवमेंट, कंटेनर सेवा, आधुनिक गोदाम (Warehousing) और पोर्ट कनेक्टिविटी को जोड़कर एक एकीकृत राष्ट्रीय टेक्सटाइल लॉजिस्टिक्स पॉलिसी बनाई जाए।"
 बोथरा ने देश के प्रमुख टेक्सटाइल और हैंडलूम क्लस्टर्स का हवाला देते हुए बताया कि पूर्व में सूरत,  अहमदाबाद,इरोड, तिरुपुर, भीलवाड़ा,  पानीपत , लुधियाना , भिवंडी, मुंबई, भागलपुर और बनारस , कोलकत्ता जैसे केंद्रों के बीच कच्चे माल और तैयार कपड़ों की निर्बाध आवाजाही के लिए विभिन्न स्तरों पर प्रयास किए गए थे। यदि इन सभी बड़े क्लस्टर्स को एक आधुनिक और रियायती रेलवे लॉजिस्टिक्स नेटवर्क से जोड़ दिया जाए, तो भारत का घरेलू कपड़ा व्यापार और निर्यात एक नया इतिहास रच सकता है।
बाड़मेर क्षेत्र के लिए 'हमसफ़र एक्सप्रेस' को नियमित करने की विशेष मांग
सूरत को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले और मूल रूप से पश्चिमी राजस्थान से ताल्लुक रखने वाले श्री चम्पालाल बोथरा ने इस अवसर पर रेल मंत्री के समक्ष अपने गृह क्षेत्र बाड़मेर की रेल कनेक्टिविटी से जुड़ी एक बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण मांग भी रखी। उन्होंने रेल मंत्री से आग्रह किया कि बाड़मेर क्षेत्र के यात्रियों और प्रवासियों की सुविधा के लिए वर्तमान में चल रही साप्ताहिक "हमसफ़र एक्सप्रेस" ट्रेन को नियमित (Daily) किया जाए और इसके समय-सारणी (Time-Table) में आवश्यक सुधार किया जाए।
अपनी मांग के समर्थन में तर्क देते हुए श्री बोथरा ने कहा:
 यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत: इस रूट पर वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 150 लंबी दूरी की निजी बसें संचालित होती हैं, जिनमें आम जनता को भारी किराया देकर असुरक्षित और थकाऊ यात्रा करनी पड़ती है। ट्रेन के नियमित होने से हजारों मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।
 व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा: बाड़मेर और संपूर्ण पश्चिमी राजस्थान में हस्तशिल्प, कपड़ा और रिफ़ाइंनरी, रोज़गार और जैसलमेर पर्यटन की अपार संभावनाएँ हैं। बेहतर रेल कनेक्टिविटी से इस पूरे क्षेत्र के आर्थिक, व्यापारिक  , सामाजिक आवागमन को एक नई ऊर्जा मिलेगी ।
रेल मंत्री की पहल का उद्योग जगत ने किया पुरजोर स्वागत 
देश भर के शीर्ष व्यापारिक प्रतिनिधियों और प्रमुख कपड़ा उद्योगपतियों ने रेल मंत्री  अश्विनी वैष्णव द्वारा पॉलिसी बनाने के त्वरित निर्णय का करतल ध्वनि से स्वागत किया। सभी प्रतिनिधियों ने एक सुर में विश्वास व्यक्त किया कि रेलवे आधारित आधुनिक, समयबद्ध और किफायती लॉजिस्टिक्स व्यवस्था ही भारत के टेक्सटाइल एवं एमएसएमई (MSME) सेक्टर की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता (Global Competitiveness) को बढ़ाने का एकमात्र ठोस माध्यम बनेगी। इस नीति से न केवल परिवहन लागत में कमी आएगी, बल्कि भारतीय कपड़ा बाजार वैश्विक पटल पर और अधिक सुदृढ़ होगा।