राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल:मप्र में 156 अफसरों के तबादले, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर इधर से उधर

मध्यप्रदेश में तबादलों की तय समय-सीमा 15 जून को समाप्त हो गई, लेकिन कई विभागों में प्रक्रिया देर रात तक जारी रही। अब कुछ विभागों की तैयारी अधूरी रहने के कारण कैबिनेट में समय-सीमा बढ़ाने की मांग उठ सकती है।

राज्य प्रशासनिक सेवा में बड़ा फेरबदल:मप्र में 156 अफसरों के तबादले, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और अपर कलेक्टर इधर से उधर

मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 156 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों के तबादले, कई विभागों में देर रात तक जारी रहे आदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने स्थानांतरण नीति की निर्धारित समय-सीमा समाप्त होने से ठीक पहले बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा (SAS) के 156 अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इनमें अपर कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारी शामिल हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी आदेशों में प्रदेश के कई जिलों और संभागों में प्रशासनिक व्यवस्थाओं को नए सिरे से व्यवस्थित करने का प्रयास किया गया है।

राज्य सरकार ने इस वर्ष 1 जून से 15 जून तक स्थानांतरण की अनुमति प्रदान की थी। 15 जून अंतिम दिन होने के कारण विभिन्न विभागों में दिनभर और देर रात तक तबादला आदेश जारी करने की प्रक्रिया चलती रही। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी सूची सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि इसमें प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों के व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए गए हैं।

अंतिम दिन तेज हुई प्रशासनिक गतिविधियां

स्थानांतरण की अंतिम तिथि होने के कारण सोमवार को मंत्रालय और विभिन्न विभागों में असाधारण हलचल देखने को मिली। अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची तैयार करने, संशोधित करने तथा अंतिम अनुमोदन प्राप्त करने का काम देर रात तक जारी रहा। कई विभागों में अधिकारी कार्यालयों में देर रात तक मौजूद रहे ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर स्थानांतरण आदेश जारी किए जा सकें।

सूत्रों के अनुसार, अंतिम दिन मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों के बीच लगातार बैठकों का दौर चला। विभागीय जरूरतों, प्रशासनिक आवश्यकताओं और रिक्त पदों को ध्यान में रखते हुए तबादलों को अंतिम रूप दिया गया। कई विभागों ने देर रात अपने आदेश जारी किए।

राजस्व विभाग में भी बड़े पैमाने पर तबादले

सामान्य प्रशासन विभाग के अलावा राजस्व विभाग ने भी व्यापक स्तर पर स्थानांतरण किए हैं। विभाग द्वारा तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के साथ-साथ 723 पटवारियों के तबादले किए गए हैं। राजस्व विभाग में हुए इन बदलावों का असर सीधे ग्रामीण प्रशासन और राजस्व कार्यों पर पड़ेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण से प्रशासनिक कार्यों में नई ऊर्जा आएगी और जनता को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से एक ही स्थान पर कार्यरत कर्मचारियों को नई जिम्मेदारियां देकर कार्यकुशलता बढ़ाने का प्रयास किया गया है।

स्वास्थ्य विभाग में 329 स्टाफ नर्सों के तबादले

स्वास्थ्य विभाग ने भी बड़े स्तर पर स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा 329 स्टाफ नर्सों सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मचारियों के तबादले किए गए हैं। प्रदेश के विभिन्न सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में कर्मचारियों की कमी थी वहां प्राथमिकता के आधार पर पदस्थापन किए गए हैं। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अन्य विभागों ने भी जारी की सूचियां

लोक निर्माण विभाग (PWD), परिवहन विभाग, जल संसाधन विभाग और अन्य कई विभागों ने भी अपने कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थानांतरण आदेश जारी किए हैं। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार सोमवार देर रात तक प्रदेशभर में लगभग 10 हजार से 15 हजार कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले किए गए।

इन तबादलों का उद्देश्य विभिन्न विभागों में कार्य संतुलन स्थापित करना, रिक्त पदों को भरना और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। कई जिलों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर भी नई नियुक्तियां की गई हैं।

समय-सीमा बढ़ाने की मांग उठ सकती है

हालांकि सरकार द्वारा निर्धारित समय-सीमा 15 जून को समाप्त हो चुकी है, लेकिन कुछ विभाग अब भी अपनी पूरी सूची तैयार नहीं कर पाए हैं। ऐसे विभागों के मंत्री आगामी कैबिनेट बैठक में स्थानांतरण की समय-सीमा बढ़ाने का प्रस्ताव रख सकते हैं।

सूत्रों का कहना है कि कुछ विभागों में अभी भी बड़ी संख्या में आवेदन और प्रस्ताव लंबित हैं। ऐसे में संबंधित मंत्री समय-सीमा में कुछ दिनों की बढ़ोतरी की मांग कर सकते हैं ताकि शेष मामलों का भी निपटारा किया जा सके।

मुख्यमंत्री पहले ही कर चुके हैं स्पष्ट

मुख्यमंत्री ने इससे पहले कई अवसरों पर स्पष्ट कर दिया था कि 15 जून के बाद स्थानांतरण की तारीख बढ़ाने का कोई विचार नहीं है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए थे कि सभी स्थानांतरण निर्धारित समय सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं।

20 मई को आयोजित कैबिनेट बैठक में तबादला नीति को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 22 मई को सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करते हुए 15 जून तक प्रक्रिया पूरी करने के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा था कि अनावश्यक देरी से प्रशासनिक कार्य प्रभावित होते हैं, इसलिए विभाग समयबद्ध तरीके से कार्रवाई करें।

प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ेगा व्यापक प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के इतने बड़े पैमाने पर हुए तबादलों का असर आने वाले दिनों में प्रशासनिक व्यवस्था पर स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। कई जिलों में नए अधिकारियों की पदस्थापना से कार्यशैली और प्राथमिकताओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।

इसके साथ ही विभागीय स्तर पर नए अधिकारियों के आने से विकास योजनाओं की निगरानी, राजस्व कार्य, कानून व्यवस्था तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी नई गति आने की संभावना है।

मध्यप्रदेश में स्थानांतरण अवधि के अंतिम दिन हुआ यह बड़ा प्रशासनिक फेरबदल राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्रवाइयों में से एक माना जा रहा है। 156 राज्य प्रशासनिक सेवा अधिकारियों सहित हजारों कर्मचारियों के तबादलों ने पूरे सरकारी तंत्र में नई हलचल पैदा कर दी है। अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाली कैबिनेट बैठक पर है, जहां कुछ विभाग समय-सीमा बढ़ाने की मांग रख सकते हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के रुख को देखते हुए फिलहाल इसकी संभावना कम दिखाई दे रही है। आने वाले दिनों में नए पदस्थ अधिकारियों के कार्यभार संभालने के साथ प्रशासनिक गतिविधियों में नए बदलाव देखने को मिलेंगे।