दतिया उपचुनाव पर सियासी पारा हाई: हाईकोर्ट में सुनवाई 15 अप्रैल तक टली, BJP की बंद कमरे में रणनीतिक बैठक से बढ़ी हलचल
दतिया विधानसभा सीट पर संभावित उपचुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ी. इधर, मामले की सुनवाई दिल्ली हाई कोर्ट में.
हाईकोर्ट में 15 अप्रैल तक सुनवाई टलने के साथ ही दतिया उपचुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के घर जाकर उनसे मुलाकात की।
भोपाल :मध्य प्रदेश के दतिया से विधायकी गंवा चुके कांग्रेस के राजेन्द्र भारती की दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका पर अब अगली सुनवाई 15 अप्रैल को होगी. न्यायाधीश डॉ. स्वर्ण कांता शर्मा ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद ये आदेश दिया. बैंक से धोखाधड़ी के 27 साल पुराने मामले में राजेन्द्र भारती को 3 साल की सजा सुनाई गई है. इसके बाद विधानसभा से उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई.
दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई 15 अप्रैल को
विधानसभा की सदस्यता खत्म होने के बाद राजेन्द्र भारती ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. अब 15 अप्रैल को इस मामले में तस्वीर साफ होगी. कांग्रेस नेता राजेन्द्र भारती ने अपनी सजा के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी. अब इस मामले में हफ्ते भर बाद तस्वीर साफ होगी. आज इस मामले में हाईकोर्ट की तरफ से नोटिस जारी किए गए.
मध्य प्रदेश में चढ़ा सियासी पारा
दतिया विधानसभा सीट अब हॉट सीट बन गई है. हाई कोर्ट में सुनवाई टली और उसी दौरान मध्य प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचकर करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में चर्चा की. इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव की संभावित रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. साल 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा को कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने पराजित कर दिया था.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा इस बार दतिया में कोई जोखिम नहीं लेना चाहती। यही वजह है कि मजबूत और प्रभावशाली उम्मीदवार को मैदान में उतारने की तैयारी की जा रही है। नरोत्तम मिश्रा का संगठन और क्षेत्र पर पकड़ उन्हें एक स्वाभाविक विकल्प बनाती है।
वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी सक्रिय हो गया है। असपा अध्यक्ष दामोदर यादव ने भी दतिया सीट को लेकर अपना दावा ठोक दिया है। इससे साफ है कि मुकाबला त्रिकोणीय और दिलचस्प होने वाला है। हालांकि राजेंद्र भारती की विधायकी को लेकर कांग्रेस फिलहाल कोर्ट पर नजरें टिकाए हुए हैं। क्योंकि कांग्रेस ने हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का मन बनाया है। कांग्रेस की कोशिश रहेगी कि भारती की विधायकी बनी रहे और उपचुनाव न हो।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि भाजपा दतिया उपचुनाव में किसे उम्मीदवार बनाती है, लेकिन फिलहाल नरोत्तम मिश्रा की बढ़ती सक्रियता ने राजनीतिक सरगर्मियों को तेज कर दिया है और प्रदेश की सियासत को एक नया मोड़ दे दिया है।
प्रखर न्यूज़ व्यूज एक्सप्रेस