एसडीएम के आईडी-पासवर्ड से जारी हुए 37 फर्जी BPL कार्ड-राशनकार्ड का 'महा-फर्जीवाड़ा,जांच के बाद दो कर्मचारी सस्पेंड; एडीएम ने जांच के आदेश दिए

भोपाल में एसडीएम की आईडी और पासवर्ड से अपात्र लोगों के बीपीएल राशन कार्ड बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। एडीएम सुमित कुमार पांडेय ने दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह फर्जीवाड़ा एमपी नगर एसडीएम वृत्त में देखने को मिला।

एसडीएम के आईडी-पासवर्ड से जारी हुए 37 फर्जी BPL कार्ड-राशनकार्ड का 'महा-फर्जीवाड़ा,जांच के बाद दो कर्मचारी सस्पेंड; एडीएम ने जांच के आदेश दिए

भोपाल में बीपीएल राशनकार्ड बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। प्रशासन ने 37 फर्जी कार्ड रद्द कर दिए हैं और पिछले एक साल में बने सभी कार्डों की जांच शुरू कर दी है।

भोपाल। राजधानी में बीपीएल राशनकार्ड बनाने में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर हुआ है। एमपी नगर एसडीएम कार्यालय की आईडी-पासवर्ड का दुरुपयोग कर कर्मचारियों ने अपात्र लोगों को राशनकार्ड जारी कर दिए। मामले की जांच के बाद प्रशासन ने 37 फर्जी कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं, जबकि पिछले एक साल में बने सभी कार्डों की जांच शुरू कर दी गई है।.आईडी का दुरुपयोग कर तैयार किया फर्जी नेटवर्क

जांच में खुलासा हुआ कि वन विभाग के वन रक्षक किशोर मेहरा ने कार्यालय की लॉगिन आईडी का इस्तेमाल करते हुए पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री सुरेश बैरागी और कंप्यूटर ऑपरेटर गोविंद माली के साथ मिलकर इस गड़बड़ी को अंजाम दिया। प्रशासन इसे संगठित स्तर पर किया गया फर्जीवाड़ा मान रहा है।

दो कर्मचारी निलंबित, नोटिस जारी

इस मामले में अपर कलेक्टर सुमित पांडेय ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोर मेहरा और सुरेश बैरागी को निलंबित कर दिया है। वहीं कोलार स्थित सिद्धार्थ टावर निवासी स्वाती टांडेकर को नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब मांगा गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

इन पर हुई कार्रवाई वन विभाग के वन रक्षक किशोर मेहरा और पीडब्ल्यूडी के सुपरवाइजर सुरेश बैरागी पर कार्रवाई की गई है। दोनों एसडीएम ऑफिस में अटैच्ड है। इन्होंने ने ही पासवर्ड का गलत तरीके से उपयोग किया और अपात्र लोगों के भी बीपीएल राशन कार्ड बना दिए।

सालभर का रिकॉर्ड खंगालेंगे

प्रशासन ने सभी एसडीएम से पिछले एक वर्ष में बनाए गए बीपीएल राशनकार्डों का पूरा ब्योरा तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दायरे में आने वाले सभी अपात्र कार्ड निरस्त किए जाएंगे।

इस खुलासे ने न केवल सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि राशन वितरण प्रणाली में बड़े स्तर पर गड़बड़ी की आशंका हो सकती है।

पूरे जिले में मचा हड़कंप

अपर कलेक्टर ने स्पष्ट कर दिया है कि अब जांच का दायरा केवल एमपी नगर तक सीमित नहीं रहेगा। भोपाल के सभी क्षेत्रों में पिछले एक साल में बने बीपीएल कार्डों की दोबारा स्क्रूटनी की जाएगी। जो भी अपात्र पाया जाएगा, न केवल उसका कार्ड निरस्त होगा, बल्कि उससे अब तक लिए गए राशन की वसूली भी की जा सकती है।